दतिया उपचुनाव: भाजपा ने जीतू पटवारी के भड़काऊ बयानों पर चुनाव आयोग में दो शिकायतें दर्ज कीं
सारांश
मुख्य बातें
मध्य प्रदेश के दतिया विधानसभा उपचुनाव के दौरान भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी पर कथित भड़काऊ, तथ्यहीन और लोकतांत्रिक मर्यादाओं के विरुद्ध बयान देने का आरोप लगाते हुए 28 जुलाई को मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, मध्य प्रदेश के समक्ष दो अलग-अलग शिकायतें दर्ज कराईं। भाजपा ने पटवारी के भाषणों के वीडियो साक्ष्यों की तत्काल जाँच और आदर्श आचार संहिता के तहत कड़ी कार्रवाई की माँग की है।
मुख्य घटनाक्रम
भाजपा के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी से मुलाकात कर दतिया उपचुनाव प्रचार के दौरान पटवारी द्वारा दिए गए बयानों को लेकर दो शिकायतें सौंपीं। पार्टी का आरोप है कि पटवारी ने चुनावी सभाओं में बिना किसी साक्ष्य के निराधार आरोप लगाए, जो मतदाताओं को भ्रमित करने और स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने का प्रयास है।
पुलिस को धमकी का आरोप
भाजपा की शिकायत में विशेष रूप से उल्लेख किया गया है कि पटवारी ने एक सार्वजनिक सभा में चुनाव ड्यूटी पर तैनात पुलिस अधिकारियों को कथित तौर पर खुली धमकी दी। भाजपा का कहना है कि इस प्रकार की भाषा न केवल पुलिस कर्मियों का मनोबल गिराती है, बल्कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं को कानून अपने हाथ में लेने के लिए उकसाने का काम भी करती है।
भाजपा का पक्ष
भाजपा प्रतिनिधिमंडल ने अपनी शिकायत में कहा कि कांग्रेस संभावित हार की आशंका से 'बौखलाई' हुई है और इसी हताशा में पटवारी लगातार गैर-जिम्मेदाराना व उकसाऊ बयान दे रहे हैं। पार्टी का तर्क है कि लोकतंत्र में चुनाव जनसमर्थन, विकास और नीतियों के आधार पर लड़े जाते हैं, न कि भ्रामक आरोपों और धमकियों के ज़रिये।
चुनाव आयोग से माँग
भाजपा ने मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी से तीन प्रमुख माँगें रखी हैं — पटवारी के दोनों भाषणों के वीडियो साक्ष्यों की तत्काल जाँच, आदर्श आचार संहिता के तहत कठोर कार्रवाई, और दतिया में शांतिपूर्ण व निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करने के लिए भड़काऊ बयानों पर तत्काल रोक।
आगे क्या
अब सभी की निगाहें चुनाव आयोग के अगले कदम पर टिकी हैं। यदि शिकायत में उल्लिखित वीडियो साक्ष्य पर्याप्त पाए गए, तो पटवारी को आचार संहिता के उल्लंघन के लिए नोटिस जारी किया जा सकता है। दतिया उपचुनाव की मतगणना से पहले यह राजनीतिक विवाद चुनावी माहौल को और गरमा सकता है।