महागठबंधन में दरार पर मंत्री अशोक चौधरी बोले: 'आपसी समझ की कमी से बिगड़ते हैं हालात'
सारांश
मुख्य बातें
बिहार के खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री अशोक चौधरी ने 3 अक्टूबर 2026 को रोहतास में कांग्रेस के एमएलसी उम्मीदवार को लेकर महागठबंधन में उभरे मतभेदों पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि गठबंधन के भीतर असहमति कोई नई परिघटना नहीं है और इसकी जड़ आपसी समझ की कमी में है। साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को बिहार और देश की राजनीति की 'धुरी' बताया।
महागठबंधन में मतभेद: मंत्री का बयान
चौधरी ने कहा, 'यह कोई नई बात नहीं है; विधानसभा चुनाव के दौरान भी ऐसी स्थिति देखने को मिली थी। आपसी समझ की कमी के कारण ही इस तरह के हालात बनते हैं।' गौरतलब है कि यह बयान ऐसे समय में आया है जब कांग्रेस के एमएलसी उम्मीदवार को लेकर महागठबंधन के घटक दलों के बीच खींचतान सार्वजनिक हो चुकी है।
नीतीश कुमार की छवि: 'विश्वकर्मा से गांधी तक'
मंत्री अशोक चौधरी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के विकास कार्यों की जमकर तारीफ की। उनके अनुसार, 'बिहार और देश की राजनीति में नीतीश कुमार एक धुरी हैं। अपने कार्यों के कारण ही आज प्रदेश की जनता उन्हें बिहार का विश्वकर्मा, विकास पुरुष, बिहार का गांधी और मानस पिता कहती है।' उन्होंने कहा कि नीतीश की दूरदर्शिता से किए गए कार्यों के परिणाम 10 से 15 वर्षों में दिखे हैं।
बिहार का पुराना दौर बनाम आज की तस्वीर
चौधरी ने उस दौर की याद दिलाई जब बिहार में 118 नरसंहार हुए थे और सांप्रदायिक व जातीय तनाव चरम पर था। उन्होंने कहा कि उस वक्त शाम 7 बजे के बाद गाँव और बाज़ार बंद हो जाते थे और बिजली का नामोनिशान नहीं था। उन्होंने आँकड़ा दिया कि तब बिहार में मात्र 700 मेगावाट बिजली की खपत होती थी, जो अब बढ़कर 8,700 मेगावाट तक पहुँच गई है।
बुनियादी ढाँचे में बदलाव
मंत्री ने बताया कि नीतीश सरकार ने सवा लाख किलोमीटर से अधिक सड़कों का निर्माण कराया है। उन्होंने कहा, 'सवा लाख किलोमीटर सड़क बनाना कोई मामूली बात नहीं है।' पुलों के निर्माण और बेहतर कनेक्टिविटी से आवागमन की स्थिति में आमूलचूल बदलाव आया है।
उद्योग नीति और रोज़गार की राह
चौधरी ने बताया कि बिहार सरकार की नई उद्योग नीति देश में सबसे बेहतर है, जिसमें कैपिटल सब्सिडी, जीएसटी और बिजली — तीनों में छूट दी गई है। उन्होंने कहा कि बिहार दुनिया में प्रति वर्ग किलोमीटर सबसे घनी आबादी वाला प्रदेश है और 14 करोड़ की इस बड़ी आबादी को रोज़गार देने के लिए उद्योगों को आकर्षित करना अनिवार्य है। उन्होंने बताया कि सरकार इस दिशा में नीतीश कुमार द्वारा तैयार सात निश्चय-3 पर लगातार काम कर रही है। समृद्ध बिहार के लिए यह नीतिगत यात्रा जारी रहने की उम्मीद है।