14 अगस्त 2026
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महाराष्ट्र लोकायुक्त में चार नए सदस्यों की नियुक्ति, राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा ने दिलाई शपथ

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महाराष्ट्र लोकायुक्त में चार नए सदस्यों की नियुक्ति, राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा ने दिलाई शपथ

सारांश

महाराष्ट्र लोकायुक्त संस्था को 14 अगस्त को चार नए सदस्य मिले — दो न्यायिक और दो गैर-न्यायिक। राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा ने लोक भवन में शपथ दिलाई। नियुक्तियाँ लोकायुक्त अधिनियम 2023 के तहत हुईं; संस्था के पास 2025 में 4,080 मामले अभी भी लंबित हैं।

मुख्य बातें

राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा ने 14 अगस्त को मुंबई के लोक भवन में महाराष्ट्र लोकायुक्त के चार नए सदस्यों को शपथ दिलाई।
न्यायिक सदस्यों में जस्टिस सुरेंद्र पंढरीनाथ तवाडे (सेवानिवृत्त, बॉम्बे हाईकोर्ट) और सुवर्णा किशोर केओले (सेवानिवृत्त मुख्य जिला न्यायाधीश) शामिल हैं।
गैर-न्यायिक सदस्यों में ओम प्रकाश गुप्ता (सेवानिवृत्त अतिरिक्त मुख्य सचिव) और रश्मि शुक्ला (सेवानिवृत्त DGP, महाराष्ट्र) को नियुक्त किया गया।
सभी नियुक्तियाँ महाराष्ट्र लोकायुक्त अधिनियम 2023 के तहत 5 वर्ष या 70 वर्ष की आयु तक के लिए हैं।
वर्ष 2025 में लोकायुक्त को 8,547 नई शिकायतें मिलीं; 4,885 मामलों का निपटारा हुआ, 4,080 लंबित रहे।

महाराष्ट्र लोकायुक्त संस्था को 14 अगस्त 2026 को चार नए सदस्य मिले, जब राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा ने मुंबई के लोक भवन में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में इन्हें पद की शपथ दिलाई। यह नियुक्तियाँ महाराष्ट्र लोकायुक्त अधिनियम 2023 के प्रावधानों के तहत की गई हैं और सभी सदस्यों का कार्यकाल 5 वर्ष या 70 वर्ष की आयु पूर्ण होने तक — जो भी पहले हो — निर्धारित किया गया है।

किन्हें मिली नियुक्ति

बॉम्बे हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश जस्टिस सुरेंद्र पंढरीनाथ तवाडे और सेवानिवृत्त मुख्य जिला न्यायाधीश सुवर्णा किशोर केओले ने संस्था के न्यायिक सदस्य के रूप में शपथ ली। वहीं सेवानिवृत्त अतिरिक्त मुख्य सचिव ओम प्रकाश गुप्ता और महाराष्ट्र की सेवानिवृत्त पुलिस महानिदेशक रश्मि शुक्ला ने गैर-न्यायिक सदस्य के रूप में पद की शपथ ग्रहण की।

राज्यपाल के सचिव डॉ. प्रशांत नारनवरे ने समारोह में चारों सदस्यों की नियुक्ति के वारंट पढ़कर सुनाए। शपथ समारोह की शुरुआत और समापन राष्ट्र गीत तथा राष्ट्रगान के गायन के साथ हुई।

समारोह में उपस्थित प्रमुख हस्तियाँ

इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, महाराष्ट्र लोकायुक्त जस्टिस विद्यासागर कनाडे (सेवानिवृत्त), मुख्य सचिव राजेश अग्रवाल और राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। यह समारोह लोकायुक्त संस्था की संरचनात्मक मज़बूती की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

वार्षिक रिपोर्ट और शिकायतों का ब्यौरा

इससे पहले 14 जुलाई को लोकायुक्त जस्टिस वी.एम. कनाडे (सेवानिवृत्त) ने राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा से भेंट कर वर्ष 2025 के लिए लोकायुक्त और उप-लोकायुक्त के कामकाज की 53वीं संयुक्त वार्षिक रिपोर्ट सौंपी थी।

लोकायुक्त कार्यालय द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, वर्ष 2025 में कुल 8,547 नई शिकायतें प्राप्त हुईं। इनमें से 3,869 शिकायतें — जो अन्य अधिकारियों को भेजे गए आवेदनों की प्रतियाँ थीं या जिन पर शिकायतकर्ता के हस्ताक्षर नहीं थे — पंजीकृत नहीं की गईं। शेष 4,678 शिकायतें विधिवत दर्ज की गईं।

लंबित और निपटाए गए मामले

वर्ष 2025 की शुरुआत में पिछले वर्षों के 4,287 मामले पहले से लंबित थे, जिससे पूरे वर्ष निपटारे के लिए कुल 8,965 मामले कार्यालय के समक्ष थे। इनमें से 4,885 मामलों का निपटारा किया गया, जबकि वर्ष के अंत तक 4,080 मामले अभी भी लंबित रहे।

नए सदस्यों की नियुक्ति के बाद संस्था की क्षमता में वृद्धि की उम्मीद है, जिससे लंबित मामलों के त्वरित निपटारे का मार्ग प्रशस्त हो सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी यह है कि क्या इससे लंबित 4,080 मामलों के निपटारे की रफ़्तार बढ़ेगी। रश्मि शुक्ला जैसी विवादास्पद पृष्ठभूमि वाली हस्ती की नियुक्ति — जो पहले राजनीतिक विवादों में घिर चुकी हैं — संस्था की निष्पक्षता पर सवाल उठा सकती है। लोकायुक्त संस्थाएँ तभी प्रभावी होती हैं जब उनकी स्वतंत्रता निर्विवाद हो — महज़ संरचनात्मक विस्तार पर्याप्त नहीं है।
RashtraPress
14 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

महाराष्ट्र लोकायुक्त के नए सदस्य कौन हैं?
14 अगस्त को शपथ लेने वाले चार नए सदस्यों में न्यायिक सदस्य के रूप में जस्टिस सुरेंद्र पंढरीनाथ तवाडे (सेवानिवृत्त, बॉम्बे हाईकोर्ट) और सुवर्णा किशोर केओले (सेवानिवृत्त मुख्य जिला न्यायाधीश) शामिल हैं। गैर-न्यायिक सदस्यों में ओम प्रकाश गुप्ता (सेवानिवृत्त अतिरिक्त मुख्य सचिव) और रश्मि शुक्ला (सेवानिवृत्त DGP, महाराष्ट्र) हैं।
इन नियुक्तियों का कार्यकाल कितना होगा?
सभी चार सदस्यों की नियुक्ति 5 वर्ष के कार्यकाल के लिए या 70 वर्ष की आयु पूर्ण होने तक — जो भी पहले हो — की गई है। यह प्रावधान महाराष्ट्र लोकायुक्त अधिनियम 2023 के तहत है।
महाराष्ट्र लोकायुक्त अधिनियम 2023 क्या है?
महाराष्ट्र लोकायुक्त अधिनियम 2023 राज्य में लोकायुक्त संस्था की संरचना, सदस्यों की नियुक्ति और कार्यप्रणाली को नियंत्रित करने वाला नया कानूनी ढाँचा है। इसी अधिनियम के अंतर्गत राज्यपाल ने चार नए सदस्यों की नियुक्ति की है।
वर्ष 2025 में महाराष्ट्र लोकायुक्त के पास कितनी शिकायतें आईं?
वर्ष 2025 में लोकायुक्त कार्यालय को कुल 8,547 नई शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 4,678 विधिवत दर्ज की गईं। 4,885 मामलों का निपटारा हुआ, जबकि वर्ष के अंत तक 4,080 मामले लंबित रहे।
शपथ ग्रहण समारोह में कौन-कौन से प्रमुख अधिकारी उपस्थित थे?
समारोह में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, लोकायुक्त जस्टिस विद्यासागर कनाडे (सेवानिवृत्त), मुख्य सचिव राजेश अग्रवाल और राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। राज्यपाल के सचिव डॉ. प्रशांत नारनवरे ने नियुक्ति वारंट पढ़कर सुनाए।
राष्ट्र प्रेस
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