बिरसा मुंडा की 126वीं शहादत वर्षगांठ: राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा ने आदिवासी समुदाय से शिक्षा और आत्मनिर्भरता अपनाने का आह्वान किया
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र के राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा ने मंगलवार, 9 जून 2026 को मुंबई में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में आदिवासी समुदाय से शिक्षा, कौशल विकास, नवाचार और आत्मनिर्भरता को अपनाकर राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने का आग्रह किया। यह कार्यक्रम आदिवासी स्वतंत्रता सेनानी बिरसा मुंडा की 126वीं शहादत वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया था।
बिरसा मुंडा की विरासत और प्रेरणा
राज्यपाल वर्मा ने कहा कि बिरसा मुंडा ने मात्र 25 वर्ष के अल्प जीवनकाल में सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक जागृति की एक अमिट लहर पैदा की। अंधविश्वास, व्यसन, सामाजिक कुरीतियों और विभाजनकारी शक्तियों के विरुद्ध उनका संघर्ष आज भी करोड़ों लोगों को प्रेरणा देता है।
उन्होंने गोंडवाना साम्राज्य और उसके शासकों की गौरवशाली ऐतिहासिक विरासत की सराहना करते हुए कहा कि आदिवासी समुदायों को शिक्षा, कौशल विकास और आर्थिक समृद्धि के माध्यम से उस गौरव को पुनः प्राप्त करना चाहिए।
सरकारी प्रतिबद्धता और कल्याण योजनाएँ
राज्यपाल वर्मा ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारें आदिवासी समुदायों के समग्र विकास के लिए निरंतर प्रयासरत हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आदिवासी कल्याण के प्रति प्रतिबद्धता ने इन समुदायों को शिक्षा, रोज़गार और आर्थिक सशक्तिकरण के क्षेत्रों में आगे बढ़ने में सक्षम बनाया है।
उन्होंने बताया कि राज्य सरकार आदिवासी छात्रों को मुफ्त छात्रावास, भोजन और अन्य सुविधाएँ प्रदान करती है। साथ ही उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे अपने बच्चों — विशेषकर बालिकाओं — को उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करें।
संस्कृति संरक्षण और दस्तावेज़ीकरण
राज्यपाल ने बताया कि जनजातीय विकास विभाग को आदिवासी कला, नृत्य और संगीत के संरक्षण के लिए एक व्यापक कार्य-योजना तैयार करने का निर्देश दिया गया है। इसके अलावा, जनजातीय अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान (TRTI) को देश भर के आदिवासी समुदायों के इतिहास, संस्कृति, परंपराओं और ज्ञान प्रणालियों का व्यवस्थित दस्तावेज़ीकरण करने का निर्देश दिया गया है।
उन्होंने कुपोषण, बीमारी और नशे की लत जैसी सामाजिक समस्याओं को समाप्त करने के लिए समन्वित सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर भी बल दिया।
मुख्यमंत्री फडणवीस का संबोधन
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि बिरसा मुंडा ने अपने 25 वर्ष के संक्षिप्त जीवनकाल में ही ब्रिटिश शासन की नींव को हिला दिया था। उन्होंने कहा कि जब औपनिवेशिक सत्ता पानी, जंगल और ज़मीन पर आदिवासी अधिकारों को छीन रही थी, तब बिरसा मुंडा ने अन्याय के विरुद्ध एक ऐतिहासिक क्रांति का नेतृत्व किया।
फडणवीस ने कहा कि बिरसा मुंडा ने सशस्त्र संघर्ष के साथ-साथ आदिवासी समुदायों को एकजुट और जागृत भी किया — यह उनकी दोहरी विरासत है। उन्होंने आदिवासी संस्कृति के संरक्षण और शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, रोज़गार व कल्याणकारी पहलों के माध्यम से सर्वांगीण विकास सुनिश्चित करने की राज्य सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।
आगे की राह
इस कार्यक्रम ने आदिवासी विकास के प्रति सरकारी दृष्टिकोण को रेखांकित किया — जो ऐतिहासिक गौरव को आधुनिक कौशल और शिक्षा से जोड़ने की कोशिश करता है। TRTI और जनजातीय विकास विभाग की कार्य-योजनाएँ आने वाले महीनों में इस दिशा में ठोस कदम का संकेत देती हैं।