आंध्र प्रदेश के नए लोकायुक्त बने जस्टिस मल्लिकार्जुन राव, राज्यपाल नजीर ने दिलाई शपथ
सारांश
मुख्य बातें
आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट के पूर्व न्यायाधीश जस्टिस (रिटायर्ड) तल्लाप्रगडा मल्लिकार्जुन राव ने मंगलवार, 25 अगस्त 2026 को राज्य के लोकायुक्त के रूप में पदभार ग्रहण किया। विजयवाड़ा स्थित लोक भवन में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में राज्यपाल एस. अब्दुल नजीर ने उन्हें पद की शपथ दिलाई। यह नियुक्ति एपी लोकायुक्त अधिनियम, 1983 (जैसा कि एपी लोकायुक्त (संशोधन) अधिनियम, 2024 द्वारा संशोधित) की धारा 3(1) के तहत की गई है।
शपथ ग्रहण समारोह का घटनाक्रम
लोक भवन में आयोजित इस समारोह में मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्री कोंडापल्ली श्रीनिवास सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। मुख्य सचिव जी. साई प्रसाद द्वारा जारी सरकारी आदेश के अनुसार, जस्टिस मल्लिकार्जुन राव का कार्यकाल नियुक्ति की तिथि से पाँच वर्ष का होगा।
नियुक्ति की प्रक्रिया
पिछले सप्ताह राज्यपाल ने चयन समिति की सिफारिश पर मल्लिकार्जुन राव को लोकायुक्त नियुक्त किया था। यह चयन मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू की अध्यक्षता वाली समिति द्वारा किया गया, जिसमें विधानसभा अध्यक्ष, गृह मंत्री या मुख्यमंत्री द्वारा नामित कोई अन्य मंत्री, विधानसभा में विपक्ष के नेता और विधान परिषद के अध्यक्ष सदस्य के रूप में शामिल थे। सरकार ने स्पष्ट किया था कि लोकायुक्त की नियुक्ति सेवानिवृत्त मुख्य न्यायाधीशों और सेवानिवृत्त उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों में से की जाएगी।
पृष्ठभूमि: जनहित याचिकाएँ और खाली पद
गौरतलब है कि लोकायुक्त, आंध्र प्रदेश मानवाधिकार आयोग (APHRC), आंध्र प्रदेश विद्युत नियामक आयोग (APERC) और राज्य उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग (SCDRC) में खाली पदों को भरने के लिए निर्देश देने की माँग करते हुए कई जनहित याचिकाएँ दायर की गई थीं। एडवोकेट जनरल डम्मलापति श्रीनिवास ने हाईकोर्ट को बताया था कि इन सभी संस्थाओं में नियुक्ति की प्रक्रिया अलग-अलग चरणों में है और जल्द पूरी होगी।
खोज समिति और संशोधित कानून
मई 2026 में आंध्र प्रदेश सरकार ने एपी लोकायुक्त (संशोधन) अधिनियम, 2024 के तहत अधिसूचित नियमों के अनुसार एक उच्च-स्तरीय खोज समिति का गठन किया था, जिसका काम लोकायुक्त पद के लिए आवेदनों और नामांकनों की जाँच करना था। यह संशोधित कानूनी ढाँचा इस वर्ष की शुरुआत में अधिसूचित किया गया था।
आगे की राह
जस्टिस मल्लिकार्जुन राव की नियुक्ति के साथ आंध्र प्रदेश को लंबे समय से प्रतीक्षित लोकायुक्त मिल गया है। शेष रिक्त पदों — APHRC, APERC और SCDRC — पर नियुक्तियों की प्रक्रिया अभी भी जारी बताई जा रही है। इन संस्थाओं के पूर्ण रूप से कार्यशील होने से राज्य में भ्रष्टाचार-विरोधी और नियामक तंत्र को मज़बूती मिलने की उम्मीद है।