महाराष्ट्र लोकायुक्त की 53वीं वार्षिक रिपोर्ट राज्यपाल को सौंपी, 2025 में 8,547 शिकायतें दर्ज
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र के लोकायुक्त जस्टिस वी.एम. कनाडे (सेवानिवृत्त) ने सोमवार, 13 जुलाई को मुंबई स्थित लोक भवन में राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा को वर्ष 2025 की 53वीं संयुक्त वार्षिक रिपोर्ट सौंपी। इस रिपोर्ट में लोकायुक्त और उप-लोकायुक्त कार्यालय द्वारा वर्ष 2025 के दौरान प्राप्त शिकायतों, उनके निपटारे और संस्था के समग्र कामकाज का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया गया है।
शिकायतों का विवरण
लोकायुक्त कार्यालय के अनुसार, वर्ष 2025 में कुल 8,547 नई शिकायतें प्राप्त हुईं। इनमें से 3,869 शिकायतें पंजीकृत नहीं की गईं, क्योंकि वे अन्य अधिकारियों को भेजे गए आवेदनों की प्रतियाँ थीं अथवा उन पर शिकायतकर्ता के हस्ताक्षर अनुपस्थित थे। शेष 4,678 शिकायतें विधिवत दर्ज की गईं।
मामलों का निपटारा और लंबित स्थिति
रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2025 के आरंभ में पूर्व वर्षों के 4,287 मामले पहले से लंबित थे। नई दर्ज शिकायतों को जोड़ने पर वर्ष भर में कुल 8,965 मामले सुनवाई और निपटारे के लिए उपलब्ध थे। इनमें से 4,885 मामलों का निपटारा किया गया, जबकि वर्ष के अंत तक 4,080 मामले अभी भी लंबित रहे।
पाँच दशकों की विश्वसनीयता
लोकायुक्त कार्यालय ने बताया कि पिछले पाँच दशकों में इस संस्था ने बड़ी संख्या में नागरिकों की शिकायतों का समाधान कर अपनी विश्वसनीयता बनाए रखी है। कार्यालय के अनुसार, अब तक प्राप्त शिकायतों में से 82.71 प्रतिशत से अधिक मामलों में शिकायतकर्ताओं की संतुष्टि के अनुरूप समाधान किया गया है। यह आँकड़ा संस्था की प्रभावशीलता को रेखांकित करता है।
संस्था का उद्देश्य और आगे की राह
रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया है कि लोकायुक्त कार्यालय का मूल उद्देश्य प्रशासन में पारदर्शिता और जवाबदेही को बढ़ावा देना तथा नागरिकों को शिकायत-निवारण का एक प्रभावी मंच उपलब्ध कराना है। राज्यपाल को सौंपी गई यह 53वीं वार्षिक रिपोर्ट संस्था की उपलब्धियों, लंबित मामलों और भविष्य की कार्ययोजना का विस्तृत ब्यौरा प्रस्तुत करती है। गौरतलब है कि यह रिपोर्ट ऐसे समय में आई है जब नागरिक सेवाओं में पारदर्शिता की माँग पूरे देश में जोर पकड़ रही है।