एकनाथ शिंदे का हेलीकॉप्टर तूफान से बचा, पायलट की सूझबूझ से जुहू में सुरक्षित लैंडिंग
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे का हेलीकॉप्टर गुरुवार, 7 मई 2026 को उड़ान के दौरान रास्ता भटक गया, जब ऐरोली के पास अचानक तूफान सामने आ गया। पायलट ने तत्काल सूझबूझ दिखाते हुए हेलीकॉप्टर को वापस मोड़ा और जुहू स्थित पवन हंस हेलीपैड पर सफलतापूर्वक लैंडिंग कराई। इस घटना में हेलीकॉप्टर में सवार एकनाथ शिंदे समेत सभी यात्री पूरी तरह सुरक्षित हैं।
घटनाक्रम: कैसे हुई पूरी घटना
उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे गुरुवार को अपने पार्टी पदाधिकारी के परिवार के एक विवाह समारोह में शामिल होने के लिए मुंबई से मुरबाद जा रहे थे। उनका हेलीकॉप्टर दोपहर 3:30 बजे महालक्ष्मी रेस कोर्स स्थित हेलीपैड से रवाना हुआ। जैसे ही हेलीकॉप्टर ऐरोली के ऊपर पहुँचा, पायलट ने सामने से तेज़ तूफान आते देखा।
संभावित खतरे को भाँपते हुए पायलट ने तुरंत शिंदे को स्थिति से अवगत कराया और आगे बढ़ने के बजाय वापस लौटने का सुझाव दिया। इसके बाद हेलीकॉप्टर को तत्काल वापस मोड़ा गया और अगले कुछ ही मिनटों में जुहू के पवन हंस हेलीपैड पर सुरक्षित लैंडिंग कराई गई। यह घटना ठाणे के ग्रामीण इलाके के आसपास की बताई जा रही है।
हेलीकॉप्टर में कौन-कौन सवार थे
उस समय हेलीकॉप्टर में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के अलावा उनके निजी सहायक प्रभाकर काले, विशेष कर्तव्य अधिकारी बल सिंह राजपूत, जनसंपर्क विभाग के विशेष कर्तव्य अधिकारी विनायक पात्रुडकर, एक सुरक्षा गार्ड और एयरलाइन के एक प्रतिनिधि सवार थे। सफल लैंडिंग के बाद सभी शिंदे के साथ उनके आवास के लिए रवाना हो गए।
पायलट की भूमिका: क्यों बड़ा हादसा टला
विमानन विशेषज्ञों के अनुसार, खराब मौसम में पायलट का समय पर निर्णय लेना ही सबसे बड़ा बचाव होता है। इस मामले में पायलट ने न केवल तूफान को समय रहते पहचाना, बल्कि वरिष्ठ यात्री को सूचित करते हुए तत्काल वापसी का फैसला किया — जो मानक सुरक्षा प्रोटोकॉल के अनुरूप है। गौरतलब है कि मानसून-पूर्व के इस मौसम में महाराष्ट्र के तटीय और अर्ध-पहाड़ी इलाकों में अचानक मौसम बदलना आम बात है।
पृष्ठभूमि: अजित पवार हादसे का संदर्भ
यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब महाराष्ट्र में विमान हादसों को लेकर पहले से संवेदनशीलता है। कथित तौर पर 28 जनवरी को महाराष्ट्र के तत्कालीन उपमुख्यमंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) प्रमुख अजित पवार की एक विमान दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी। नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) ने पुष्टि की थी कि विमान में सवार अजित पवार समेत सभी छह यात्रियों की मौत हो गई।
अजित पवार जिला परिषदों और पंचायत समितियों के चल रहे चुनावों के बीच एक जनसभा में शामिल होने के लिए मुंबई से बारामती जा रहे थे। उनका विमान बारामती के पास लैंडिंग के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। यह दुर्घटना सुबह करीब 9 बजे हुई थी। बताया गया था कि विमान लैंडिंग के दौरान नियंत्रण से बाहर हो गया और क्रैश के बाद उसमें आग लग गई — विमान में सवार कोई भी व्यक्ति जीवित नहीं बचा था।
आगे क्या
फिलहाल इस घटना की कोई औपचारिक जाँच शुरू होने की सूचना नहीं है, क्योंकि हेलीकॉप्टर सुरक्षित उतर गया और कोई नुकसान नहीं हुआ। हालाँकि, विमानन सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि मानसून-पूर्व के मौसम में वीआईपी उड़ानों के लिए मौसम-पूर्वानुमान प्रोटोकॉल को और मज़बूत करने की ज़रूरत है।