महासमुंद में 1432 किलो मादक पदार्थ की जब्ती, हरियाणा के 2 तस्कर गिरफ्तार
सारांश
Key Takeaways
- महासमुंद में 1432 किलो अफीम पोस्त डोडा बरामद किया गया।
- हरियाणा के दो तस्कर गिरफ्तार हुए।
- पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया।
- जब्त मादक पदार्थ की कीमत 2 करोड़ 14 लाख 80 हजार रुपए।
- पुलिस की लगातार चेकिंग अभियान से मिली सफलता।
महासमुंद, 2 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। छत्तीसगढ़ के महासमुंद क्षेत्र में एंटी नारकोटिक टास्क फोर्स और थाना सिंघोड़ा पुलिस ने अवैध मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कार्रवाई करते हुए अफीम पोस्त डोडा की 1432 किलो की विशाल खेप जब्त की है। इस कार्रवाई के दौरान हरियाणा के दो तस्करों को गिरफ्तार किया गया, जो भारी मात्रा में नशीले पदार्थ के साथ पकड़े गए।
पुलिस अधीक्षक कार्यालय द्वारा जारी किए गए प्रेस नोट के अनुसार, टीम को जानकारी मिली थी कि एक पिकअप वाहन में अफीम पोस्त डोडा भरकर उड़ीसा की ओर से छत्तीसगढ़ लाया जा रहा है। इस सूचना के आधार पर एनएच-53 पर रेहटीखोल के निकट पुलिस ने नाकाबंदी की और संदिग्ध वाहनों की जांच प्रारंभ की। इसी दौरान एक पिकअप वाहन क्रमांक एचआर46एफ4848 को रोका गया, जिसमें दो लोग सवार थे। पूछताछ के दौरान चालक ने अपना नाम हरविंदर सिंह और सहयात्री ने सत्यवान वाल्मीकि बताया, जो हरियाणा के करनाल जिले के निवासी हैं। जब पुलिस ने वाहन के पीछे रखी बोरियों के बारे में जानकारी मांगी, तो आरोपियों ने स्वीकार किया कि उसमें अफीम पोस्त डोडा भरा हुआ है, जिसे वे झारखंड के गुमला से रायपुर ले जा रहे थे।
पुलिस ने तत्परता से वाहन की तलाशी ली, जिसमें कुल 1432 किलोग्राम अफीम पोस्त डोडा बरामद हुआ। जब्त मादक पदार्थ की अनुमानित कीमत 2 करोड़ 14 लाख 80 हजार रुपए आंकी गई है। इसके साथ ही तस्करी में प्रयुक्त पिकअप वाहन, जिसकी कीमत लगभग 10 लाख रुपए है, तथा दो मोबाइल फोन, जिनकी कीमत 20 हजार रुपए है, भी जब्त किए गए। कुल संपत्ति की कीमत करीब 2 करोड़ 25 लाख रुपए बताई गई है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 18 (ख) के तहत मामला दर्ज कर उन्हें विधिवत गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर भेजते हुए मामले की आगे की जांच शुरू कर दी गई है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि एंटी नारकोटिक टास्क फोर्स को मादक पदार्थों की तस्करी पर रोक लगाने, इसके स्रोत और गंतव्य बिंदुओं की पहचान करने तथा वित्तीय जांच को मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं। इसी संदर्भ में जिले में लगातार चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है, जिसके तहत यह बड़ी सफलता हासिल की गई है।