17 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

राहुल गांधी पर गर्भवती पत्रकार को धक्का देने का आरोप, ऋचा पराशर ने एफआईआर की मांग की

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
राहुल गांधी पर गर्भवती पत्रकार को धक्का देने का आरोप, ऋचा पराशर ने एफआईआर की मांग की

सारांश

वनइंडिया की पत्रकार ऋचा पराशर ने 12 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट परिसर में राहुल गांधी द्वारा कथित तौर पर धक्का देने का आरोप लगाया है — उस वक्त वह 11 सप्ताह की गर्भवती थीं। घटना के बाद उन्हें सर गंगाराम अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। अब BNS की कई धाराओं के तहत एफआईआर की माँग की गई है।

मुख्य बातें

ऋचा पराशर (एसोसिएट प्रोड्यूसर, वनइंडिया) ने नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ आपराधिक शिकायत दर्ज कराई है।
कथित घटना 12 अक्टूबर 2026 , शाम 6:30 बजे , सुप्रीम कोर्ट परिसर में हुई।
पत्रकार के अनुसार वह उस समय 11 सप्ताह 3 दिन की गर्भवती थीं; गिरने के बाद सर गंगाराम अस्पताल में भर्ती कराया गया।
शिकायत में BNS 2023 की धारा 74, 115(2), 131, 125 और 3(5) के तहत एफआईआर की माँग।
आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और पुलिस कार्रवाई की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं।

नई दिल्ली की एक महिला पत्रकार ऋचा पराशर ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और अन्य के खिलाफ आपराधिक शिकायत दर्ज कराते हुए एफआईआर की माँग की है। शिकायत में कथित तौर पर आरोप लगाया गया है कि 12 अक्टूबर 2026 को सुप्रीम कोर्ट परिसर में रिपोर्टिंग के दौरान उनके साथ धक्का-मुक्की की गई, धमकाया गया और आपराधिक बल का इस्तेमाल किया गया। पत्रकार के अनुसार, उस समय वह लगभग 11 सप्ताह की गर्भवती थीं।

घटना का विवरण

वनइंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर के पद पर कार्यरत ऋचा पराशर ने नई दिल्ली जिले के पुलिस उपायुक्त (DCP) को विस्तृत शिकायत सौंपी है। उनका आरोप है कि 12 अक्टूबर की शाम करीब 6:30 बजे वह सुप्रीम कोर्ट के रजिस्ट्री काउंटर के पास एक याचिका से जुड़ी खबर की कवरेज कर रही थीं।

इसी दौरान राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और समर्थकों का एक बड़ा समूह परिसर में पहुँचा। ऋचा का कथित आरोप है कि उन्होंने सुप्रीम कोर्ट परिसर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं की बड़ी संख्या में मौजूदगी को लेकर राहुल गांधी से सवाल पूछा, जिसके बाद राहुल गांधी ने उन्हें धक्का दिया।

चोट और अस्पताल में भर्ती

शिकायत के अनुसार, धक्का लगने से ऋचा का संतुलन बिगड़ गया और वह गिर पड़ीं, जिससे उनके हाथों में चोट आई। उन्होंने लगभग 40 मिनट तक सहायता का इंतजार करने और मौके पर मौजूद लोगों द्वारा उनकी परेशानी की अनदेखी किए जाने का भी दावा किया है।

घटना के बाद पेट के निचले हिस्से में दर्द होने पर उसी रात उन्हें नई दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल के आपातकालीन विभाग में ले जाया गया। अगले दिन, 13 अक्टूबर 2026 को उन्हें अस्पताल में भर्ती किया गया। शिकायत के अनुसार, मेडिकल रिकॉर्ड में गर्भावस्था के 11 सप्ताह 3 दिन होने और गिरने के बाद पेट में दर्द की जानकारी दर्ज है। भ्रूण की हृदय गतिविधि की पुष्टि के लिए अल्ट्रासाउंड भी कराया गया।

कानूनी धाराएँ और माँगें

ऋचा पराशर ने भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 74, 115(2), 131, 125 और 3(5) के तहत कार्रवाई की माँग की है। उन्होंने पुलिस से राहुल गांधी सहित घटना में शामिल सभी व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर निष्पक्ष एवं समयबद्ध जाँच करने का आग्रह किया है।

शिकायत में यह भी कहा गया है कि जाँच के दौरान सामने आने वाले अन्य अपराधों के लिए भी संबंधित कानूनी प्रावधान जोड़े जाएँ। गौरतलब है कि शिकायत में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और इस मामले में पुलिस की कार्रवाई की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।

व्यापक संदर्भ

यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब देशभर में पत्रकारों की सुरक्षा और संसद परिसरों के बाहर राजनीतिक प्रदर्शनों के दौरान मीडियाकर्मियों के साथ व्यवहार को लेकर बहस जारी है। सुप्रीम कोर्ट परिसर में राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं की बड़ी संख्या में उपस्थिति भी सवालों के घेरे में है।

फिलहाल राहुल गांधी या भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) की ओर से इस शिकायत पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सार्वजनिक नहीं हुई है। पुलिस द्वारा एफआईआर दर्ज होती है या नहीं, यह इस मामले का अगला निर्णायक पड़ाव होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह सार्वजनिक नहीं है, और राहुल गांधी या कांग्रेस की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। लेकिन मामले की गंभीरता इस तथ्य से बढ़ जाती है कि आरोप सुप्रीम कोर्ट परिसर के भीतर का है — एक ऐसी जगह जहाँ बड़े पैमाने पर राजनीतिक भीड़ की मौजूदगी खुद सवाल उठाती है। मीडियाकर्मियों की सुरक्षा को लेकर बार-बार चिंताएँ जताई जाती रही हैं, पर जब आरोपी एक प्रमुख विपक्षी नेता हो, तो जाँच की निष्पक्षता और पारदर्शिता की परीक्षा दोनों पक्षों के लिए होगी।
RashtraPress
17 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ऋचा पराशर ने राहुल गांधी के खिलाफ क्या आरोप लगाए हैं?
ऋचा पराशर ने आरोप लगाया है कि 12 अक्टूबर 2026 को सुप्रीम कोर्ट परिसर में सवाल पूछने पर राहुल गांधी ने उन्हें धक्का दिया, जिससे वह गिर पड़ीं। उस समय वह 11 सप्ताह की गर्भवती थीं और गिरने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती करना पड़ा।
ऋचा पराशर ने किन कानूनी धाराओं के तहत एफआईआर की माँग की है?
उन्होंने भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 74, 115(2), 131, 125 और 3(5) के तहत एफआईआर दर्ज करने और निष्पक्ष जाँच की माँग की है।
घटना के बाद ऋचा पराशर को किस अस्पताल में भर्ती कराया गया?
घटना की रात उन्हें नई दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल के आपातकालीन विभाग में ले जाया गया और 13 अक्टूबर 2026 को भर्ती किया गया। मेडिकल रिकॉर्ड में 11 सप्ताह 3 दिन की गर्भावस्था और गिरने के बाद पेट दर्द दर्ज है।
क्या राहुल गांधी या कांग्रेस ने इस शिकायत पर कोई प्रतिक्रिया दी है?
अभी तक राहुल गांधी या भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की ओर से इस शिकायत पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सार्वजनिक नहीं हुई है।
क्या इस मामले में एफआईआर दर्ज हो चुकी है?
शिकायत नई दिल्ली जिले के DCP को दी गई है, लेकिन एफआईआर दर्ज हुई है या नहीं, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी उपलब्ध नहीं है। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि भी अभी बाकी है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम कल
  2. 3 दिन पहले
  3. 4 दिन पहले
  4. 4 दिन पहले
  5. 1 सप्ताह पहले
  6. 1 महीना पहले
  7. 2 महीने पहले
  8. 2 महीने पहले