मंत्री मजिंदर सिंह सिरसा का राहुल गांधी पर हमला, गर्भवती पत्रकार से अभद्रता का लगाया आरोप
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली सरकार के मंत्री मजिंदर सिंह सिरसा ने 13 अक्टूबर 2026 को एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। सिरसा ने कथित तौर पर दावा किया कि हाल के एक विरोध प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी ने एक तीन महीने की गर्भवती महिला पत्रकार और एक महिला पुलिस कांस्टेबल के साथ धक्का-मुक्की की। यह विवाद ऐसे समय में उभरा है जब कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच झड़प के बाद सोशल मीडिया पर संबंधित वीडियो वायरल हो रहे हैं।
मंत्री सिरसा का आरोप
मंत्री सिरसा ने अपनी पोस्ट में लिखा, 'कांग्रेस और राहुल गांधी का घिनौना, महिला-विरोधी चेहरा एक बार फिर देश के सामने उजागर हो चुका है। ड्यूटी निभा रही तीन महीने की गर्भवती महिला पत्रकार ऋचा पाराशर को खुद राहुल गांधी ने धक्का दिया, अभद्रता की, जिसके बाद वे अस्पताल में इलाज करा रही हैं।' सिरसा ने इस घटना को 'जितना निंदनीय है, उतना ही शर्मनाक' करार दिया।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि राहुल गांधी एक महिला पुलिस कांस्टेबल को धक्का देते और 'अनुचित तरीके से छूते हुए' कैमरे में कैद हुए। सिरसा ने दावा किया कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भी महिला पुलिसकर्मी के साथ मारपीट की। ये आरोप कथित तौर पर लगाए गए हैं और कांग्रेस की ओर से अभी आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
कांग्रेस के नारे पर निशाना
सिरसा ने कांग्रेस के चर्चित नारे 'लड़की हूं, लड़ सकती हूं' को भी निशाने पर लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी और प्रियंका गांधी इससे पहले जेएनयू में बेटियों के कथित यौन शोषण के मामले पर मौन रहे थे। उन्होंने लिखा, 'सिर्फ खोखले नारे लगाने से महिलाओं का सम्मान नहीं होता।'
मामले की पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि यह पूरा घटनाक्रम हाल ही में हुए एक विरोध प्रदर्शन के दौरान का बताया जा रहा है, जिसमें कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच झड़प हुई। इस दौरान एक महिला पत्रकार के घायल होने और अस्पताल में भर्ती होने की खबरें सामने आईं। साथ ही एक महिला पुलिसकर्मी के साथ धक्का-मुक्की का वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हुआ। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी बाकी है।
राजनीतिक प्रतिक्रिया और आगे की स्थिति
मंत्री सिरसा ने अपनी पोस्ट के अंत में चेतावनी देते हुए लिखा, 'लोकतंत्र और नारी सम्मान का चीरहरण करने वाली इस नीच राजनीति का हिसाब देश की जनता जरूर करेगी।' यह बयान ऐसे समय में आया है जब दिल्ली में राजनीतिक गतिविधियाँ तेज़ हैं। कांग्रेस की तरफ से इन आरोपों पर अभी तक कोई आधिकारिक खंडन या प्रतिक्रिया सार्वजनिक नहीं की गई है। आने वाले दिनों में इस मामले पर राजनीतिक घमासान और तेज़ होने की संभावना है।