राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर की मांग: पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने के बाहर 'बिना अनुमति' धरने का मामला
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली में 21 अगस्त 2026 को वकील संकेत गुप्ता ने दिल्ली पुलिस के पास एक औपचारिक शिकायत दर्ज कराई, जिसमें लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) के कार्यकर्ताओं व समर्थकों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 189 के तहत एफआईआर दर्ज करने की माँग की गई। आरोप है कि इन लोगों ने पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन स्थित डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (डीसीपी) के कार्यालय के बाहर बिना किसी पूर्व अनुमति के धरना दिया।
धरने की पृष्ठभूमि
कांग्रेस नेता राहुल गांधी उस छात्र की शिकायत पर एफआईआर दर्ज करने से पुलिस के कथित इनकार के विरोध में यह धरना दे रहे थे। कांग्रेस का दावा है कि उक्त छात्र को पिछले महीने दिल्ली के जंतर-मंतर पर शिक्षा सुधारों की माँग को लेकर हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान पैलेट-गन से चोटें आई थीं। यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में छात्र आंदोलनों और पुलिस की कार्रवाई को लेकर राजनीतिक तनाव बढ़ा हुआ है।
शिकायतकर्ता वकील का पक्ष
वकील संकेत गुप्ता ने बताया, 'आज मैं अपनी एक पुरानी शिकायत के सिलसिले में दिल्ली पुलिस के नई दिल्ली जिला कार्यालय गया था। मुझे वहाँ कुछ जरूरी काम था, लेकिन मैं उसे पूरा नहीं कर सका। मेरे क्लाइंट भी मेरे साथ थे, लेकिन वे भी पुलिस अधिकारी से नहीं मिल सके। वजह यह थी कि वहाँ धरना-प्रदर्शन चल रहा था, राहुल गांधी और कांग्रेस कार्यकर्ता काफी शोर-शराबा कर रहे थे, और पूरा माहौल बहुत अशांत हो गया था।'
उन्होंने आगे कहा कि यदि विरोध प्रदर्शन करना है, तो उसे धरना-प्रदर्शन कानून के नियमों के अनुसार किया जाना चाहिए। गुप्ता ने सर्वोच्च न्यायालय के एक आदेश का हवाला देते हुए कहा, 'सर्वोच्च न्यायालय भी कहता है कि विरोध प्रदर्शन किया जा सकता है, लेकिन नियमों और कानूनों का पालन करना होगा। कोई भी अपने आंदोलन से पुलिस स्टेशन के आने-जाने का रास्ता नहीं रोक सकता। राहुल गांधी ने गैर-कानूनी तरीके से भीड़ जुटाई थी।'
कानूनी आधार और माँग
गुप्ता ने स्पष्ट किया कि नई दिल्ली का यह इलाका संवेदनशील क्षेत्र में आता है, जहाँ लागू कानूनी प्रावधानों के तहत पाँच से अधिक लोगों का जमावड़ा प्रतिबंधित है। उन्होंने कहा कि डीसीपी कार्यालय का प्रवेश द्वार अवरुद्ध करना, जहाँ कोई आपातकालीन शिकायत आ सकती है, पूर्णतः अनुचित है। उन्होंने सार्वजनिक व्यवस्था का उल्लंघन करने वाले सभी लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की माँग दोहराई।
दिल्ली पुलिस की कार्रवाई
गौरतलब है कि उसी शाम दिल्ली पुलिस ने कथित रूप से पैलेट-गन से घायल हुए व्यक्ति की शिकायत पर अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली। इस कदम को कांग्रेस के धरने का प्रत्यक्ष परिणाम माना जा रहा है, हालाँकि पुलिस ने इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया।
आगे क्या
संकेत गुप्ता की शिकायत पर दिल्ली पुलिस की प्रतिक्रिया अभी प्रतीक्षित है। यह मामला राजनीतिक विरोध प्रदर्शन की सीमाओं और कानून-व्यवस्था के बीच संतुलन को लेकर एक व्यापक बहस को जन्म दे सकता है।