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पैपराजी द्वारा महिलाओं की आपत्तिजनक वीडियोग्राफी बर्दाश्त नहीं: कांग्रेस नेता भाई जगताप

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पैपराजी द्वारा महिलाओं की आपत्तिजनक वीडियोग्राफी बर्दाश्त नहीं: कांग्रेस नेता भाई जगताप

सारांश

सपा नेता रईस शेख की एक्स पोस्ट के बाद कांग्रेस नेता भाई जगताप ने भी सख्त रुख अपनाया — पैपराजी द्वारा महिलाओं की आपत्तिजनक वीडियोग्राफी को बर्दाश्त न करने की चेतावनी दी। सत्ता-विपक्ष की इस साझा आवाज़ ने महिला गरिमा के मुद्दे को एक बार फिर राष्ट्रीय बहस के केंद्र में ला दिया।

मुख्य बातें

कांग्रेस नेता भाई जगताप ने 27 सितंबर 2026 को मुंबई में पैपराजी द्वारा महिलाओं की आपत्तिजनक वीडियोग्राफी को सख्त शब्दों में अस्वीकार्य बताया।
सपा नेता रईस शेख ने एक्स पर पोस्ट कर सीएम देवेंद्र फडणवीस की बेटी दिविजा के पैपराजी फुटेज पर आक्रोश जताया था।
जगताप ने छत्रपति शिवाजी महाराज और सावित्रीबाई फुले की विरासत का हवाला देकर महाराष्ट्र में महिला सम्मान की परंपरा को रेखांकित किया।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई और जेल की माँग की।
राम मंदिर में कथित चोरी के मुद्दे पर सीएम योगी आदित्यनाथ पर पलटवार करते हुए जवाबदेही की माँग की।

मुंबई में 27 सितंबर 2026 को महाराष्ट्र से कांग्रेस नेता भाई जगताप ने पैपराजी द्वारा महिलाओं के आपत्तिजनक कोण से वीडियो बनाने की प्रवृत्ति पर कड़ी आपत्ति जताई और स्पष्ट किया कि इस तरह की हरकत को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उनका यह बयान समाजवादी पार्टी (सपा) नेता रईस शेख की उस पोस्ट के बाद आया, जिसमें उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की बेटी दिविजा के पैपराजी फुटेज को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी थी।

रईस शेख की एक्स पोस्ट ने छेड़ी बहस

सपा नेता रईस शेख ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए लिखा कि एक पिता के तौर पर बेटी दिविजा के ऐसे गलत कोण से लिए गए पैपराजी फुटेज को देखकर उनका खून खौल उठा। उन्होंने कहा, 'किसी भी महिला के साथ ऐसा नहीं होना चाहिए। ऐसे पैपराजी के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। इसे सामान्य नहीं माना जा सकता।' इस पोस्ट ने महिलाओं की गोपनीयता और मर्यादा के सवाल को एक बार फिर सार्वजनिक विमर्श के केंद्र में ला दिया।

भाई जगताप का बयान: महाराष्ट्र में महिलाओं का सम्मान सर्वोपरि

कांग्रेस नेता भाई जगताप ने कहा कि सपा नेता रईस शेख ने बिल्कुल सही बात कही है। उन्होंने छत्रपति शिवाजी महाराज की विरासत का उल्लेख करते हुए कहा कि महाराष्ट्र वह भूमि है जहाँ बेटियों और महिलाओं को सदा से सम्मान मिलता आया है। जगताप ने सावित्रीबाई फुले का स्मरण करते हुए कहा कि महिला शिक्षा की नींव इसी धरती पर रखी गई थी। उनके अनुसार, जो कोई भी महिलाओं का इस प्रकार आपत्तिजनक वीडियो बनाएगा या अभद्र टिप्पणी करेगा, उसके विरुद्ध कठोर कार्रवाई अवश्य होगी।

मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनावी विवाद पर प्रतिक्रिया

इसी बातचीत में जगताप ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के मुद्दे पर भी विपक्ष का पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी पिछले तीन वर्षों से इस मुद्दे को लगातार उठाते रहे हैं — बिहार विधानसभा चुनाव, महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल के चुनावी विवादों के दौरान भी। जगताप ने आरोप लगाया कि ज्ञानेश कुमार की 'सच्चाई' अब पूरे देश के सामने आ चुकी है और विपक्ष इस मामले पर एकजुट है। उन्होंने माँग की कि CEC के खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई हो।

राम मंदिर चोरी और योगी आदित्यनाथ पर पलटवार

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा राहुल गांधी पर दिए गए बयान के जवाब में जगताप ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि योगी को पहले राम मंदिर में हुई कथित चोरी पर जवाब देना चाहिए। उनके अनुसार, मंदिर का निर्माण पूर्ण होने से पहले ही उद्घाटन कर दिया गया और बाद में चोरी के मामले सामने आए — यह आरोप संत-महात्माओं ने लगाए हैं, न कि राहुल गांधी ने। उन्होंने कहा कि जिन्हें योगी ने स्वयं नियुक्त किया, उन्हीं के कार्यकाल में यह घटना हुई।

आगे की स्थिति

पैपराजी संस्कृति और महिलाओं की निजता के उल्लंघन का यह मुद्दा अब राजनीतिक बहस का हिस्सा बन चुका है। यह ऐसे समय में आया है जब मीडिया नैतिकता और महिला सुरक्षा को लेकर देशभर में माँगें तेज हो रही हैं। विभिन्न दलों के नेताओं की एकजुट आवाज़ यह संकेत देती है कि इस विषय पर कानूनी और नीतिगत हस्तक्षेप की माँग आने वाले दिनों में और मुखर हो सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जब बात महिला मर्यादा की हो। गौरतलब है कि सपा नेता रईस शेख और कांग्रेस दोनों ने इस बार एक भाजपा नेता की बेटी के हक में आवाज़ उठाई — यह दर्शाता है कि मुद्दा दलीय सीमाओं से परे है। लेकिन जहाँ यह एकता सराहनीय है, वहीं यह सवाल भी उठता है कि क्या यह नैतिक आवाज़ें केवल उच्च-प्रोफ़ाइल पीड़ितों तक सीमित रहती हैं। आम महिलाओं के साथ पैपराजी या सार्वजनिक स्थानों पर उत्पीड़न की घटनाओं पर ऐसी तत्परता कम ही देखने को मिलती है — और यही विरोधाभास इस पूरी बहस की सबसे बड़ी खामी है।
RashtraPress
27 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भाई जगताप ने पैपराजी पर क्या बयान दिया?
कांग्रेस नेता भाई जगताप ने 27 सितंबर 2026 को मुंबई में कहा कि पैपराजी द्वारा महिलाओं के आपत्तिजनक कोण से वीडियो बनाना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की माँग की।
रईस शेख ने सीएम फडणवीस की बेटी के मामले में क्या कहा?
सपा नेता रईस शेख ने एक्स पर लिखा कि एक पिता के रूप में बेटी दिविजा के पैपराजी फुटेज को देखकर उनका खून खौल उठा। उन्होंने कहा कि किसी भी महिला के साथ ऐसा नहीं होना चाहिए और ऐसे पैपराजी के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
भाई जगताप ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर क्या आरोप लगाए?
जगताप ने कहा कि राहुल गांधी पिछले तीन वर्षों से CEC ज्ञानेश कुमार का मुद्दा उठाते आए हैं और अब उनकी 'सच्चाई' देश के सामने आ गई है। उन्होंने माँग की कि ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई हो और उन्हें जेल भेजा जाए।
भाई जगताप ने योगी आदित्यनाथ पर क्या पलटवार किया?
योगी आदित्यनाथ के राहुल गांधी पर दिए बयान के जवाब में जगताप ने कहा कि योगी को पहले राम मंदिर में कथित चोरी पर जवाब देना चाहिए। उन्होंने कहा कि मंदिर का निर्माण पूरा होने से पहले उद्घाटन हुआ और बाद में चोरी के मामले सामने आए — जो संत-महात्माओं के कथन पर आधारित है।
महिलाओं की पैपराजी वीडियोग्राफी का यह मुद्दा क्यों महत्वपूर्ण है?
यह मुद्दा महिलाओं की निजता, गरिमा और सुरक्षा से सीधे जुड़ा है। सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों के नेताओं की एकजुट प्रतिक्रिया यह दर्शाती है कि इस पर कानूनी और नीतिगत हस्तक्षेप की माँग आने वाले दिनों में और तेज हो सकती है।
राष्ट्र प्रेस
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