एसआईआर विवाद: फडणवीस ने कपिल सिब्बल का पुराना वीडियो शेयर कर कांग्रेस को घेरा
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शुक्रवार, 9 अक्टूबर 2026 को कांग्रेस पर तीखा प्रहार करते हुए संसद का एक पुराना वीडियो फुटेज सोशल मीडिया पर साझा किया, जिसमें यूपीए सरकार के तत्कालीन केंद्रीय कानून मंत्री कपिल सिब्बल विशेष सारांश पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया का आधिकारिक रूप से बचाव करते नज़र आते हैं। यह कदम ऐसे समय पर उठाया गया जब लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा एसआईआर प्रक्रिया के खिलाफ जंतर-मंतर और चुनाव आयोग मुख्यालय के निकट विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं।
मुख्य घटनाक्रम
फडणवीस द्वारा साझा की गई वीडियो क्लिप यूपीए के कार्यकाल की संसदीय कार्यवाही से ली गई बताई जाती है, जिसमें सिब्बल एसआईआर के तहत मतदाता सूची से नाम हटाने या अद्यतन करने की तीन श्रेणियाँ स्पष्ट करते हैं। फडणवीस ने इस वीडियो का कैप्शन 'कांग्रेस का दोहरा रवैया' रखा और नागरिकों से संसद की आधिकारिक कार्यवाही सुनकर स्वयं निर्णय लेने की अपील की।
सीएम फडणवीस ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, 'कांग्रेस हर मंच से एसआईआर के खिलाफ शोर मचा रही है, लेकिन उनके ही पूर्व कानून मंत्री कपिल सिब्बल के शब्द इस ड्रामे की पोल खोल रहे हैं। राजनीतिक सुविधा के हिसाब से संसद का रिकॉर्ड नहीं बदलता। शायद नई-नई साजिश की थ्योरी गढ़ने से पहले कांग्रेस को अपना इतिहास देख लेना चाहिए। कभी-कभी, सबसे अच्छा जवाब आपकी अपनी पार्टी के अतीत से ही मिलता है।'
सिब्बल का पुराना रुख
वायरल हो रहे वीडियो में सिब्बल ने उन तीन विशेष परिस्थितियों का उल्लेख किया था जिनमें एसआईआर के तहत मतदाता सूची अद्यतन की जाती है। उन्होंने कहा था, 'डुप्लीकेट एंट्री तब हटाई जाती हैं जब कोई मतदाता एक निर्वाचन क्षेत्र से दूसरे क्षेत्र में जाता है और नए पते पर आसानी से दोबारा पंजीकृत हो जाता है। निर्वाचन क्षेत्रों के पुनर्गठन के दौरान पुरानी मतदाता सूची को अपडेट करते समय भी ऐसा होता है। सत्यापन के बाद मृत व्यक्तियों के नाम भी नियमित रूप से हटाए जाएंगे।' फुटेज में उन्होंने यह भी स्पष्ट किया था कि पंजीकरण अधिकारी किसी भी वैध मतदाता को नाम दर्ज कराने से नहीं रोक सकते।
विपक्ष के आरोप और विरोध-प्रदर्शन
कांग्रेस का आरोप है कि हालिया एसआईआर प्रक्रिया के दौरान मसौदा मतदाता सूची से 13 करोड़ से अधिक लोगों के नाम छूट गए हैं, जिससे उनका मतदान का अधिकार प्रभावित हुआ है। राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की माँग के साथ एसआईआर प्रक्रिया को रोकने की मांग कर रहे हैं। मध्य दिल्ली में इन विरोध-प्रदर्शनों के दौरान सुरक्षा बलों के साथ झड़पें हुईं, यातायात बाधित रहा और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का दौर चला।
भाजपा की प्रतिक्रिया
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेताओं ने फडणवीस के बयान का समर्थन करते हुए कहा कि विपक्ष मतदाता सूची सुधार की एक सामान्य और स्थापित प्रक्रिया को लेकर अनावश्यक विवाद खड़ा कर रहा है। उनका तर्क है कि कांग्रेस की अपनी सरकार ने इस प्रक्रिया को संसद में मंजूरी दी थी और उसका बचाव भी किया था।
आगे क्या
गौरतलब है कि यह विवाद चुनाव आयोग की विश्वसनीयता और मतदाता सूची की पारदर्शिता पर एक व्यापक राजनीतिक बहस का हिस्सा बन चुका है। फडणवीस द्वारा साझा वीडियो का राजनीतिक असर आने वाले दिनों में और स्पष्ट होगा, जबकि विपक्ष अपनी माँगों पर कायम है।