1 सितंबर 2026
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फडणवीस पर कांग्रेस के 'गेट वेल सून' पोस्ट पर राम कदम का पलटवार, बोले — सुर्खियों की भूख में भटकी कांग्रेस

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फडणवीस पर कांग्रेस के 'गेट वेल सून' पोस्ट पर राम कदम का पलटवार, बोले — सुर्खियों की भूख में भटकी कांग्रेस

सारांश

महाराष्ट्र कांग्रेस के CM फडणवीस पर 'गेट वेल सून' एक्स पोस्ट ने सियासत गरमा दी। BJP नेता राम कदम ने इसे सुर्खियों की भूख बताया और एसआईआर लिस्ट तथा राहुल गांधी की एफआईआर पर भी कांग्रेस को आड़े हाथों लिया।

मुख्य बातें

BJP नेता राम कदम ने 1 सितंबर 2026 को महाराष्ट्र कांग्रेस के एक्स पोस्ट — जिसमें CM देवेंद्र फडणवीस को 'गेट वेल सून' कहा गया — को बेबुनियाद और सुर्खियाँ बटोरने की कोशिश करार दिया।
कदम ने सीजेपी को 'कांग्रेस जिताओ प्रोग्राम' बताने वाले CM फडणवीस के बयान का समर्थन करते हुए कांग्रेस मुख्यालय की 'विरोध रणनीति' पर सवाल उठाए।
एसआईआर ड्राफ्ट लिस्ट को पारदर्शी बताते हुए कदम ने कहा कि वोटर लिस्ट में एक ही नाम चार बार और मृत व्यक्तियों के नाम रखना विपक्ष की संदिग्ध रणनीति है।
उत्तराखंड में राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज एफआईआर पर कदम ने कहा — कानून सबके लिए बराबर है, राहुल गांधी को विशेष छूट नहीं मिलनी चाहिए।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) नेता राम कदम ने 1 सितंबर 2026 को महाराष्ट्र कांग्रेस के उस एक्स पोस्ट पर तीखी प्रतिक्रिया दी, जिसमें मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को 'गेट वेल सून' कहा गया था। कदम ने इस पोस्ट को बेबुनियाद और केवल सुर्खियाँ बटोरने की कोशिश करार दिया। इसके साथ ही उन्होंने एसआईआर ड्राफ्ट लिस्ट और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के खिलाफ उत्तराखंड में दर्ज एफआईआर को लेकर भी कांग्रेस पर निशाना साधा।

कांग्रेस पोस्ट पर राम कदम की प्रतिक्रिया

राम कदम ने कहा, 'सिर्फ सुर्खियों में आने के लिए महाराष्ट्र कांग्रेस ने ऐसी भाषा का इस्तेमाल किया, इसमें कोई तर्क नहीं है। क्या सीएम के खिलाफ ऐसी भाषा का इस्तेमाल करना सही है? उनकी रणनीति कन्फ्यूजन पैदा करने की है।' उन्होंने आगे कहा कि लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को कुछ फायदा हुआ था, इसलिए इस तरह के पोस्ट किए जा रहे हैं — लेकिन 'कोई भी इसका समर्थन नहीं करेगा।'

सीजेपी और कांग्रेस के एजेंडे पर सवाल

मुख्यमंत्री फडणवीस द्वारा सीजेपी को 'कांग्रेस जिताओ प्रोग्राम' बताए जाने के संदर्भ में राम कदम ने कहा, 'लोकतंत्र में हर किसी को विरोध करने का अधिकार है, लेकिन जब कांग्रेस पार्टी के एजेंडे की बात आती है — अगर कांग्रेस मुख्यालय यह तय करता है कि कौन क्या और कैसे करेगा और विरोध के लिए पूरी रणनीति तैयार की जाती है — तो स्वाभाविक रूप से सवाल उठता है कि उसका क्या मतलब निकाला जाना चाहिए।' यह ऐसे समय में आया है जब महाराष्ट्र में विपक्ष और सत्तारूढ़ महायुति के बीच राजनीतिक तनाव पहले से बढ़ा हुआ है।

एसआईआर ड्राफ्ट लिस्ट पर BJP का बचाव

महाराष्ट्र की एसआईआर (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) ड्राफ्ट लिस्ट पर विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कदम ने कहा, 'एसआईआर प्रक्रिया एक पारदर्शी प्रक्रिया है। कोई भी घर बैठे अपना नाम रजिस्टर करवा सकता है और बीएलओ घर-घर जा रहे हैं।' उन्होंने सवाल उठाया कि वोटर लिस्ट में एक ही नाम चार बार और मृत व्यक्तियों के नाम बनाए रखना किसके हित में है — और विपक्ष की इस रणनीति के पीछे की मंशा पर प्रश्नचिह्न लगाया।

राहुल गांधी पर एफआईआर और BJP का रुख

उत्तराखंड में कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज एफआईआर पर राम कदम ने कहा कि राहुल गांधी ने 'वहाँ लगाए गए आपत्तिजनक नारों के बारे में गलत नैरेटिव फैलाने की कोशिश की।' उन्होंने कहा, 'अगर कोई कानून तोड़ता है या किसी की भावनाओं को ठेस पहुँचाता है, तो क्या राहुल गांधी को सिर्फ इसलिए छोड़ दिया जाना चाहिए क्योंकि वह राहुल गांधी हैं?' गौरतलब है कि यह एफआईआर शुद्धिकरण अनुष्ठान विवाद से जुड़े एक प्रकरण के सिलसिले में दर्ज की गई बताई जा रही है। आने वाले दिनों में इस मामले पर राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने के संकेत हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह उस बड़ी प्रवृत्ति का हिस्सा है जहाँ सोशल मीडिया पर की गई टिप्पणियाँ विधानसभा की बहस जितना राजनीतिक भार उठाने लगी हैं। BJP का पलटवार त्वरित और सुनियोजित था — जिसमें एक साथ तीन मुद्दों (पोस्ट, एसआईआर लिस्ट, राहुल एफआईआर) को जोड़कर कांग्रेस को रक्षात्मक स्थिति में धकेला गया। असली सवाल यह है कि क्या एसआईआर प्रक्रिया वाकई उतनी पारदर्शी है जितना BJP दावा करती है — क्योंकि मतदाता सूची से नाम हटाने के मामले में विपक्ष की आशंकाएँ सिर्फ राजनीतिक नहीं, संवैधानिक भी हैं।
RashtraPress
1 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

महाराष्ट्र कांग्रेस के 'गेट वेल सून' एक्स पोस्ट का विवाद क्या है?
महाराष्ट्र कांग्रेस ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को संबोधित करते हुए एक्स पर 'गेट वेल सून' पोस्ट किया, जिसे BJP ने मुख्यमंत्री के प्रति अमर्यादित भाषा बताया। BJP नेता राम कदम ने इसे सुर्खियाँ बटोरने की कोशिश करार देते हुए कांग्रेस की आलोचना की।
राम कदम ने एसआईआर ड्राफ्ट लिस्ट पर क्या कहा?
राम कदम ने एसआईआर (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) प्रक्रिया को पारदर्शी बताया और कहा कि बीएलओ घर-घर जाकर नाम दर्ज कर रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि वोटर लिस्ट में एक ही नाम चार बार और मृत व्यक्तियों के नाम रखने के पीछे विपक्ष की क्या रणनीति है।
राहुल गांधी के खिलाफ उत्तराखंड में एफआईआर किस मामले में दर्ज हुई?
कथित तौर पर राहुल गांधी के खिलाफ उत्तराखंड में एफआईआर आपत्तिजनक नारों और शुद्धिकरण अनुष्ठान से जुड़े एक विवाद के संदर्भ में दर्ज की गई बताई जा रही है। BJP नेता राम कदम ने कहा कि कानून के तहत उनके खिलाफ भी वैसी ही कार्रवाई होनी चाहिए जैसी किसी भी आम नागरिक के खिलाफ होती है।
सीजेपी को 'कांग्रेस जिताओ प्रोग्राम' क्यों कहा जा रहा है?
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने आरोप लगाया है कि सीजेपी (CJP) के विरोध प्रदर्शन कांग्रेस मुख्यालय की रणनीति के अनुसार संचालित हो रहे हैं। राम कदम ने इस बयान का समर्थन करते हुए कहा कि यदि विरोध की पूरी रणनीति किसी पार्टी मुख्यालय में तय होती है, तो उसकी स्वतंत्रता पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
इस विवाद का महाराष्ट्र की राजनीति पर क्या असर पड़ सकता है?
यह विवाद महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ महायुति और विपक्ष के बीच बढ़ते राजनीतिक तनाव की एक कड़ी है। एसआईआर लिस्ट और एफआईआर जैसे मुद्दों को एक साथ उठाकर BJP ने कांग्रेस को एक साथ कई मोर्चों पर घेरने की कोशिश की है, जिससे आने वाले दिनों में बयानबाजी और तेज होने के संकेत हैं।
राष्ट्र प्रेस
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