आदिवासी छात्र हक के लिए आए थे, पुलिस का रवैया उचित नहीं था: कांग्रेस नेता भाई जगताप
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस नेता भाई जगताप ने 6 अक्टूबर 2026 को मुंबई में आदिवासी छात्रों के आंदोलन और मुंबई पुलिस द्वारा उन्हें बसों के ज़रिए उनके गृह जिलों में वापस भेजे जाने के मामले पर अपनी प्रतिक्रिया दी। जगताप ने स्पष्ट किया कि ये छात्र अपने संवैधानिक अधिकारों और माँगों को लेकर मुंबई पहुँचे थे और राज्यपाल से मुलाकात के लिए तिलक भवन से निकलने की तैयारी कर रहे थे, जिसी दौरान पुलिस ने कार्रवाई की।
पुलिस की तड़के की कार्रवाई पर आपत्ति
भाई जगताप ने कहा कि आदिवासी छात्रों के मुंबई पहुँचने के बाद से ही पुलिस का रवैया उनके प्रति उचित नहीं रहा। उन्होंने विशेष रूप से तिलक भवन में सुबह करीब चार से पाँच बजे पुलिस के पहुँचने और कार्रवाई करने पर कड़ी आपत्ति जताई। उनके अनुसार, यदि पुलिस को किसी बात की आशंका थी, तो वह कांग्रेस नेताओं को पहले सूचित कर सकती थी — इस तरह तड़के की कार्रवाई उन्हें उचित नहीं लगी।
मुंबई पुलिस की सराहना भी की
हालाँकि, जगताप ने यह भी स्वीकार किया कि बाद में मुंबई पुलिस ने स्वयं पहल करते हुए छात्रों को उनके जिलों तक वापस पहुँचाने के लिए बसों की व्यवस्था की और इसका पूरा खर्च भी पुलिस ने वहन किया। इसके लिए उन्होंने मुंबई पुलिस का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की ज़िम्मेदारी है, और संवैधानिक अधिकारों के लिए आवाज़ उठाना कांग्रेस का दायित्व — दोनों पक्ष अपनी-अपनी भूमिका निभा सकते हैं।
यह भी बताया गया कि छात्रों के मन में किसी प्रकार का भय न रहे, इसके लिए प्रत्येक वाहन में दो-दो कांग्रेस कार्यकर्ता उनके साथ भेजे गए।
मुख्यमंत्री के आरोपों पर पलटवार
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस आंदोलन को NSUI और कांग्रेस द्वारा प्रायोजित बताया था। इस पर जगताप ने कहा कि यदि NSUI इस आंदोलन में शामिल भी है, तो इसमें कुछ गलत नहीं है — लेकिन आंदोलन का मूल मुद्दा आदिवासी छात्रों का अपना हक है। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि छात्रों के हाथ में कांग्रेस का झंडा नहीं था; ये आदिवासी समाज के पढ़ने वाले बच्चे हैं जो अपने मूलभूत अधिकारों के लिए आवाज़ उठाने आए थे।
जगताप ने मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि उनसे जिम्मेदार और समझदार राजनीतिक नेतृत्व की अपेक्षा की जाती है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि फडणवीस लगातार कांग्रेस या NSUI के आंदोलन पर सवाल उठाते हैं, तो इससे यह स्पष्ट होता है कि विपक्ष का विरोध सरकार तक पहुँच रहा है।
मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ विरोध पर रुख
भाई जगताप ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ चल रहे विरोध प्रदर्शनों पर भी अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि विभिन्न संगठन और राजनीतिक समूह इस मुद्दे पर प्रदर्शन कर रहे हैं, और इंडिया ब्लॉक के प्रदर्शन में राहुल गांधी समेत विपक्षी नेता शामिल हैं। उनके अनुसार, यह मुद्दा किसी एक दल का नहीं, बल्कि लोकतंत्र और अधिकारों से जुड़ा विषय है।
जगताप ने दावा किया कि ज्ञानेश कुमार के खिलाफ सर्वोच्च न्यायालय की टिप्पणियाँ और विशेषज्ञों की राय सामने आई है, और इन्हीं के आधार पर उनके इस्तीफे की माँग की जा रही है। कांग्रेस नेता ने स्पष्ट किया कि किसी मुद्दे को अनावश्यक राजनीतिक रंग देने के बजाय अधिकारों की लड़ाई लड़ना ज़रूरी है।
आगे की राह
कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि वह आदिवासी छात्रों की माँगों के समर्थन में आगे भी उनके साथ खड़ी रहेगी। यह घटना ऐसे समय में हुई है जब महाराष्ट्र में विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच आदिवासी अधिकारों के मुद्दे पर राजनीतिक तनाव बढ़ रहा है। आने वाले दिनों में छात्रों की माँगों पर सरकार की प्रतिक्रिया और राज्यपाल से मुलाकात की संभावना इस मामले की दिशा तय करेगी।