मुंबई छात्र प्रदर्शन: वायरल वीडियो पर मनसे नेता संदीप देशपांडे बोले — पुलिस का यह व्यवहार किसी कीमत पर स्वीकार नहीं
सारांश
मुख्य बातें
मुंबई में 24 जुलाई को छात्र प्रदर्शनों के बीच सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो को लेकर महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के नेता संदीप देशपांडे ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। इन वीडियो में मुंबई पुलिस पर महिला प्रदर्शनकारियों के साथ कथित दुर्व्यवहार और छात्रों को धमकाने के आरोप लगाए गए हैं। दिल्ली में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के बाद मुंबई की सड़कों पर भी बड़ी संख्या में छात्र उतरे हैं।
वायरल वीडियो पर देशपांडे की तीखी प्रतिक्रिया
दादर में हुए विरोध प्रदर्शन से जुड़े वायरल वीडियो पर देशपांडे ने कहा कि सामने आए दृश्य बेहद दुखद हैं। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, 'अगर पुलिस महिलाओं के साथ इस तरह का व्यवहार करती है तो इसे किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता।' उनके अनुसार, कानून-व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की जिम्मेदारी है, लेकिन इसकी आड़ में किसी के साथ भी गलत व्यवहार उचित नहीं ठहराया जा सकता।
फडणवीस से कार्रवाई की उम्मीद
मनसे नेता ने महाराष्ट्र सरकार पर भरोसा जताते हुए कहा कि मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री देवेंद्र फडणवीस इस मामले को गंभीरता से लेंगे। उन्होंने कहा कि फडणवीस एक संवेदनशील नेता हैं और जो पुलिसकर्मी इस तरह के व्यवहार के लिए जिम्मेदार हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। देशपांडे ने यह भी जोड़ा कि दादर हो या मुंबई का कोई भी इलाका, ऐसी घटनाओं को किसी भी कीमत पर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
ड्रग्स से फंसाने की कथित धमकी पर चेतावनी
छात्रों को ड्रग्स रखकर फंसाने की कथित धमकी वाले एक अन्य वायरल वीडियो पर भी देशपांडे ने पुलिस को आगाह किया। उन्होंने कहा कि आज की युवा पीढ़ी पहले से कहीं अधिक जागरूक है और अपने अधिकारों को भली-भाँति जानती है। उन्होंने एक उदाहरण देते हुए बताया कि जब पुलिस ने कुछ छात्रों से लाइव लोकेशन शेयर करने को कहा, तो उन्होंने पहले ChatGPT से इसकी कानूनी वैधता की जानकारी ली और फिर नियमों का हवाला देते हुए जवाब दिया कि पुलिस इस तरह लाइव लोकेशन की मांग नहीं कर सकती।
देशपांडे ने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा, 'ये सब आईफोन 17 प्रो मैक्स वाला जनरेशन है और पुलिस अभी भी नोकिया में उलझी हुई है।'
सोनम वांगचुक और धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर बेबाक राय
सोनम वांगचुक का उपवास समाप्त होने पर देशपांडे ने कहा कि अनशन टूटना जरूरी था, क्योंकि देश एक व्यक्ति की जान जाते नहीं देख सकता था। उन्होंने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को जायज ठहराते हुए कहा कि उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ से इस्तीफा इसलिए लिया गया क्योंकि वे पार्टी के लिए नुकसानदायक थे, लेकिन जो व्यक्ति देश के बच्चों के भविष्य के लिए नुकसानदायक है, उसका इस्तीफा नहीं लिया जाएगा — यह दोहरी राजनीति है।
उन्होंने सरकार पर तंज कसते हुए कहा, 'आप कहते हैं पार्टी से ऊपर देश होता है — तो क्या अब देश से ऊपर पार्टी हो गई है?'
मनसे का संघर्ष जारी रहेगा
शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर मनसे के चल रहे प्रदर्शन पर देशपांडे ने कहा कि उनका संघर्ष रुकने वाला नहीं है। उन्होंने कहा, 'जो पत्थर होता है, वह एक चोट से कभी नहीं टूटता — उसे तोड़ने के लिए लगातार चोट करनी पड़ती है। यह सरकार भी एक पत्थर की तरह है। छात्रों ने चोट करने की शुरुआत की है और हम उनका साथ देंगे।' आने वाले दिनों में मनसे के प्रदर्शन और तेज होने के संकेत हैं।