29 जुलाई 2026
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छात्रों पर केस वापसी का रिया अहीर ने किया स्वागत, कंगना रनौत की टिप्पणी को बताया दुखद

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छात्रों पर केस वापसी का रिया अहीर ने किया स्वागत, कंगना रनौत की टिप्पणी को बताया दुखद

सारांश

महाराष्ट्र में छात्र आंदोलन के दौरान दर्ज मुकदमों की वापसी पर रिया अहीर ने राहत जताई, लेकिन कंगना रनौत की टिप्पणी को 'दुखद और अनुचित' बताया। उनका कहना है कि पूरी जेन-ज़ी पीढ़ी को कुछ लोगों की हरकतों के आधार पर कटघरे में खड़ा करना लोकतांत्रिक भावना के विरुद्ध है।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के निर्देश पर महाराष्ट्र सरकार ने छात्र आंदोलन के दौरान दर्ज मुकदमे वापस लेने का निर्णय लिया।
छात्र प्रदर्शनकारी रिया अहीर ने 28 जुलाई को इस फैसले का स्वागत किया और इसे राहत देने वाला बताया।
रिया अहीर के खिलाफ भी सोमवार को मामला दर्ज किया गया था, जिसे वापस लिया जाएगा।
BJP सांसद कंगना रनौत की छात्र आंदोलन पर टिप्पणी को रिया ने 'दुखद और अनुचित' करार दिया।
रिया अहीर ने कहा कि कुछ लोगों की हरकतों के आधार पर पूरी जेन-ज़ी पीढ़ी को गलत ठहराना न्यायसंगत नहीं।

महाराष्ट्र में छात्र आंदोलन के दौरान प्रदर्शनकारियों पर दर्ज मुकदमों को वापस लेने के राज्य सरकार के निर्णय का छात्र प्रदर्शनकारी रिया अहीर ने 28 जुलाई को खुलकर स्वागत किया। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के निर्देश पर उठाए गए इस कदम को उन्होंने राहत देने वाला बताया और कहा कि इससे आंदोलन में शामिल तमाम छात्रों को बड़ी राहत मिलेगी। साथ ही, उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (BJP) सांसद कंगना रनौत की टिप्पणी पर कड़ी असहमति जताई।

मुकदमा वापसी पर रिया की प्रतिक्रिया

रिया अहीर ने बताया कि विरोध-प्रदर्शनों के दौरान सोमवार को उनके खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया था, जिसे लेकर वह स्वयं हैरान थीं। उन्होंने कहा, 'मुझे समझ नहीं आया कि मेरे खिलाफ केस क्यों दर्ज किया गया, जबकि मैंने केवल अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए छात्रों की आवाज उठाई।' उनके अनुसार, सरकार ने अब अपनी जिम्मेदारी निभाने की दिशा में सकारात्मक कदम उठाया है।

शिक्षा सुधार और छात्र आंदोलन का उद्देश्य

रिया अहीर ने स्पष्ट किया कि छात्र आंदोलन का मकसद केवल अपनी माँगों और शिक्षा से जुड़े मुद्दों को सरकार तक पहुँचाना था। उन्होंने कहा कि यदि सरकार तक छात्रों की ज़रूरतें और समस्याएँ नहीं पहुँचेंगी, तो शिक्षा व्यवस्था में प्रभावी सुधार संभव नहीं हो पाएँगे। उनका मानना है कि नीति निर्माण में छात्रों की चिंताओं को भी प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

कंगना रनौत की टिप्पणी पर नाराजगी

BJP सांसद कंगना रनौत की छात्र आंदोलन संबंधी टिप्पणी पर रिया अहीर ने असहमति जताते हुए कहा कि आंदोलन के दौरान उन्होंने न तो कोई गलत भाषा का इस्तेमाल किया और न ही किसी के खिलाफ अपशब्द कहे। उन्होंने कहा, 'यदि कंगना रनौत ने इस तरह की टिप्पणी की है, तो यह उचित नहीं है और इससे छात्रों की भावनाएँ आहत होती हैं।'

पूरी पीढ़ी को कटघरे में खड़ा करना उचित नहीं

रिया अहीर ने यह भी कहा कि कुछ लोगों की हरकतों के आधार पर पूरी जेन-ज़ी पीढ़ी को गलत ठहराना न्यायसंगत नहीं है। उनके अनुसार, कंगना रनौत का इस प्रकार का बयान उन युवाओं की छवि को नुकसान पहुँचाता है जो लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने का प्रयास कर रहे हैं। गौरतलब है कि यह आंदोलन महाराष्ट्र में शिक्षा नीति से जुड़े मुद्दों को लेकर उठा था और इसमें बड़ी संख्या में छात्र शामिल हुए थे।

आगे की राह

मुकदमा वापसी के इस फैसले के बाद अब सभी की निगाहें इस बात पर हैं कि राज्य सरकार छात्रों की शेष माँगों पर क्या रुख अपनाती है। रिया अहीर जैसे प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यह केवल पहला कदम है और शिक्षा सुधार की दिशा में ठोस नीतिगत बदलाव ही आंदोलन की असली जीत होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या सरकार छात्रों की शिक्षा सुधार संबंधी मूल माँगों पर भी उतनी ही तत्परता दिखाएगी। कंगना रनौत की टिप्पणी एक बड़े राजनीतिक विरोधाभास को उजागर करती है — सत्तारूढ़ गठबंधन का एक धड़ा जहाँ मुकदमे वापस लेकर छात्रों को राहत दे रहा है, वहीं उसी गठबंधन के एक सांसद आंदोलन की आलोचना कर रहे हैं। यह आंतरिक असंगति सरकार की छवि को कमज़ोर कर सकती है। लोकतांत्रिक विरोध को अपराध की श्रेणी में रखना और फिर दबाव में मुकदमे वापस लेना — यह चक्र महाराष्ट्र में पहली बार नहीं दोहराया गया है।
RashtraPress
29 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

महाराष्ट्र सरकार ने छात्रों पर दर्ज मुकदमे क्यों वापस लिए?
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के निर्देश पर राज्य सरकार ने छात्र आंदोलन के दौरान प्रदर्शनकारियों पर दर्ज मामले वापस लेने का फैसला किया। यह कदम छात्रों के बढ़ते दबाव और व्यापक सामाजिक समर्थन के बीच उठाया गया।
रिया अहीर कौन हैं और उनकी क्या भूमिका रही?
रिया अहीर महाराष्ट्र के छात्र आंदोलन की एक प्रमुख प्रदर्शनकारी हैं, जिन्होंने शिक्षा सुधार की माँगों को लेकर आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाई। उनके खिलाफ भी सोमवार को मामला दर्ज किया गया था, जिसे अब वापस लिया जाएगा।
कंगना रनौत ने छात्र आंदोलन पर क्या टिप्पणी की थी?
स्रोत में BJP सांसद कंगना रनौत की विशिष्ट टिप्पणी का पूरा ब्यौरा नहीं दिया गया है, लेकिन रिया अहीर ने उस टिप्पणी को 'दुखद और अनुचित' बताया। रिया के अनुसार, इस तरह की टिप्पणी छात्रों की भावनाओं को आहत करती है और लोकतांत्रिक विरोध की छवि को नुकसान पहुँचाती है।
महाराष्ट्र छात्र आंदोलन की मुख्य माँगें क्या थीं?
छात्र आंदोलन का मुख्य उद्देश्य शिक्षा नीति से जुड़े मुद्दों और छात्रों की समस्याओं को सरकार तक पहुँचाना था। रिया अहीर के अनुसार, छात्र चाहते थे कि नीति निर्माण में उनकी चिंताओं को भी प्राथमिकता दी जाए।
क्या मुकदमा वापसी से छात्र आंदोलन समाप्त हो जाएगा?
रिया अहीर ने संकेत दिया है कि मुकदमा वापसी एक सकारात्मक शुरुआत है, लेकिन शिक्षा सुधार की दिशा में ठोस नीतिगत बदलाव ही आंदोलन की असली माँग है। सरकार की आगामी नीतिगत प्रतिक्रिया पर सभी की निगाहें टिकी हैं।
राष्ट्र प्रेस
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