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हुगली नौका विहार पर ममता का मोदी को करारा जवाब: 'यमुना में डुबकी लगाकर दिखाएं'

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हुगली नौका विहार पर ममता का मोदी को करारा जवाब: 'यमुना में डुबकी लगाकर दिखाएं'

सारांश

हावड़ा रैली में ममता बनर्जी ने पीएम मोदी के हुगली नौका विहार को चुनावी नाटक बताया और यमुना प्रदूषण का हवाला देते हुए दिल्ली में डुबकी लगाने की चुनौती दी। महिला सुरक्षा पर भी हाथरस और मणिपुर का जिक्र कर केंद्र को घेरा।

मुख्य बातें

ममता बनर्जी ने 24 अप्रैल 2026 को हावड़ा की चुनावी रैली में पीएम मोदी के हुगली नौका विहार को चुनावी नाटक बताया।
यमुना नदी के प्रदूषण का हवाला देते हुए ममता ने पीएम को दिल्ली जाकर यमुना में डुबकी लगाने की चुनौती दी।
तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ने हुगली नदी की स्वच्छता का श्रेय राज्य सरकार और कोलकाता नगर निगम को दिया।
ममता ने हाथरस और मणिपुर का जिक्र करते हुए भाजपा शासित राज्यों में महिला सुरक्षा पर सवाल उठाए।
ममता ने कहा कि वे स्वयं चंदननगर और गंगासागर जाकर गंगा में नौका विहार करती हैं — यह कोई चुनावी दिखावा नहीं।
यह विवाद पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के प्रचार की तेज होती राजनीतिक बहस का हिस्सा है।

कोलकाता, 24 अप्रैल 2026 (राष्ट्र प्रेस)। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शुक्रवार, 24 अप्रैल को हावड़ा में एक चुनावी रैली के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हुगली नदी में नौका विहार को लेकर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी हुगली में इसलिए नाव चला सके क्योंकि बंगाल की गंगा साफ है, जबकि दिल्ली की यमुना भारी प्रदूषण से जर्जर है। ममता ने पीएम को सीधी चुनौती देते हुए कहा कि वे यमुना में जाकर डुबकी लगाकर दिखाएं।

हावड़ा रैली में ममता का सीधा प्रहार

तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने रैली में कहा, "बंगाल की गंगा और दिल्ली की यमुना की तुलना करके देखिए।" उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार और कोलकाता नगर निगम ने नदी तटवर्ती क्षेत्रों का सौंदर्यीकरण किया है, इसीलिए हुगली का पानी स्वच्छ और सुंदर दिखता है।

उन्होंने कहा, "यह चुनावी राजनीति है, सिर्फ एक फोटो खिंचवाने का मौका।" ममता ने यह भी जोड़ा कि वे स्वयं पूजा के मौसम में चंदननगर जाकर गंगा में नौका विहार करती हैं और गंगासागर भी जाती हैं — यानी उनका नदी से वास्तविक जुड़ाव है, न कि चुनावी।

यमुना प्रदूषण पर केंद्र को घेरा

ममता बनर्जी ने दिल्ली की यमुना नदी में व्याप्त प्रदूषण को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, "आप यमुना को संभाल भी नहीं सकते, और बंगाल में गंगा में नौका विहार करने आ जाते हैं।" उन्होंने पीएम से आग्रह किया कि वे दिल्ली जाकर यमुना में डुबकी लगाएं, ताकि असलियत सामने आए।

गौरतलब है कि यमुना नदी को लेकर वर्षों से विवाद चलता आ रहा है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) की रिपोर्टों के अनुसार, दिल्ली से गुजरने वाला यमुना का हिस्सा देश के सबसे प्रदूषित नदी खंडों में शुमार है। यमुना सफाई परियोजनाओं पर अरबों रुपये खर्च होने के बावजूद नदी की स्थिति में कोई ठोस सुधार नहीं आया — यह विरोधाभास ममता के आरोपों को तथ्यात्मक आधार देता है।

महिला सुरक्षा पर भी बोलीं ममता

रैली में ममता बनर्जी ने पीएम मोदी के बंगाल में महिला सुरक्षा संबंधी दावों का भी जवाब दिया। उन्होंने कहा, "बंगाल की महिलाएं सड़कों पर सुरक्षित हैं, जबकि दिल्ली, उत्तर प्रदेश और अन्य भाजपा शासित राज्यों में महिलाओं पर हमले की खबरें रोज आती हैं।"

उन्होंने हाथरस और मणिपुर का विशेष उल्लेख करते हुए कहा, "आप हाथरस और जलते हुए मणिपुर को क्यों भूल जाते हैं? मणिपुर पर आप चुप क्यों हैं?" यह बयान चुनावी माहौल में विपक्ष के उस व्यापक आख्यान का हिस्सा है जिसमें भाजपा शासित राज्यों में कानून-व्यवस्था को निशाना बनाया जाता रहा है।

राजनीतिक संदर्भ और चुनावी रणनीति

यह पूरा घटनाक्रम पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 की पृष्ठभूमि में हो रहा है। प्रधानमंत्री मोदी का हुगली में नौका विहार एक प्रतीकात्मक राजनीतिक संदेश था — बंगाल की नदी और संस्कृति से जुड़ाव दिखाने की कोशिश। लेकिन ममता बनर्जी ने इसे तुरंत यमुना-गंगा की तुलना में बदलकर केंद्र सरकार की पर्यावरणीय विफलता का मुद्दा बना दिया।

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, नदी सफाई और महिला सुरक्षा जैसे मुद्दे बंगाल के मतदाताओं को सीधे प्रभावित करते हैं। ममता का यह आक्रामक रुख उनकी उस रणनीति का हिस्सा है जिसमें वे केंद्र सरकार को बंगाल-विरोधी और पर्यावरण-उदासीन साबित करने की कोशिश करती हैं। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर भाजपा की ओर से भी पलटवार की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि एक सुनियोजित चुनावी कथा है — जो केंद्र सरकार की पर्यावरणीय विफलता को बंगाल की तथाकथित सफलता के सामने खड़ा करती है। विडंबना यह है कि यमुना सफाई पर दशकों और हजारों करोड़ रुपये खर्च होने के बाद भी नदी की दुर्दशा जस की तस है — यह तथ्य ममता के तर्क को बल देता है। लेकिन मुख्यधारा की कवरेज यह नहीं बताती कि बंगाल की कई अन्य नदियाँ और जलाशय भी प्रदूषण से अछूते नहीं हैं। असली सवाल यह है कि क्या भारत में नदी सफाई एक वास्तविक नीतिगत प्राथमिकता है या सिर्फ चुनावी नारेबाजी — और इस सवाल का जवाब दोनों पक्षों को देना होगा।
RashtraPress
7 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ममता बनर्जी ने पीएम मोदी के हुगली नौका विहार पर क्या कहा?
ममता बनर्जी ने कहा कि पीएम मोदी हुगली में इसलिए नौका विहार कर सके क्योंकि बंगाल की गंगा स्वच्छ है। उन्होंने इसे चुनावी फोटो ऑप बताते हुए पीएम को यमुना में डुबकी लगाने की चुनौती दी।
यमुना नदी प्रदूषण को लेकर ममता ने क्या आरोप लगाए?
ममता ने कहा कि दिल्ली की यमुना पूरी तरह प्रदूषित है और केंद्र सरकार उसे संभाल नहीं पाई। उन्होंने कहा कि पीएम यमुना को साफ नहीं कर सके, इसलिए बंगाल आकर गंगा में नौका विहार कर रहे हैं।
ममता बनर्जी ने मणिपुर और हाथरस का जिक्र क्यों किया?
महिला सुरक्षा पर पीएम मोदी के दावों का जवाब देते हुए ममता ने हाथरस और मणिपुर की घटनाओं का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि भाजपा शासित राज्यों में महिलाओं पर हमले रोज होते हैं।
हुगली नदी के सौंदर्यीकरण का श्रेय किसे दिया ममता ने?
ममता बनर्जी ने हुगली नदी तट के सौंदर्यीकरण का श्रेय राज्य सरकार और कोलकाता नगर निगम सहित अन्य स्थानीय निकायों को दिया। उन्होंने कहा कि इसीलिए नदी इतनी सुंदर और स्वच्छ दिखती है।
पश्चिम बंगाल चुनाव 2026 में यह विवाद कितना महत्वपूर्ण है?
बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 की पृष्ठभूमि में नदी सफाई और महिला सुरक्षा जैसे मुद्दे मतदाताओं को सीधे प्रभावित करते हैं। यह जुबानी जंग दोनों दलों की चुनावी रणनीति का अहम हिस्सा बन चुकी है।
राष्ट्र प्रेस
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