मनिंदरजीत सिंह बिट्टा का राम मंदिर दर्शन, राजनीति से ऊपर भगवान राम का महत्व
सारांश
मुख्य बातें
अयोध्या, २५ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। अखिल भारतीय आतंकवाद विरोधी मोर्चा (एआईएटीएफ) के अध्यक्ष मनिंदरजीत सिंह बिट्टा ने अयोध्या धाम पहुँचकर राम मंदिर और हनुमानगढ़ी में दर्शन और पूजन किया। इस अवसर पर उन्होंने कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर अपने विचार व्यक्त किए।
मनिंदरजीत सिंह बिट्टा ने कहा कि वह वर्षों से भगवान राम और हनुमान जी के चरणों में आ रहे हैं और उनकी कृपा से ही उनका जीवन सुरक्षित रहा है। उन्होंने कहा, "हमने अपने जीवन में न गोली चलने दी, न दंगे-फसाद होने दिए और न ही बम विस्फोट होने दिए। जय श्रीराम का निर्माण हुआ, यह सब भगवान की कृपा से संभव हुआ।"
उन्होंने लोगों से अपील की कि राजनीति से ऊपर भगवान राम को रखना चाहिए। उन्होंने कहा, "मैं हर भारतीय से हाथ जोड़कर कहना चाहता हूं कि भगवान राम पहले हैं, राजनीतिक पार्टियां बाद में।" साथ ही, उन्होंने अनुच्छेद 370 हटाने और राम मंदिर निर्माण का उल्लेख करते हुए कहा कि यह देश को आतंकवाद से मुक्त करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
मनिंदरजीत सिंह बिट्टा ने कहा, "मेरा धर्म भारत माता है और मेरी जाति 'वंदे मातरम्' है।" उन्होंने सिख समाज से अपील की कि वे खुलकर सामने आएं और ऐसे तत्वों का विरोध करें। उन्होंने कहा कि जब तक सिख समाज खुलकर इन घटनाओं के खिलाफ नहीं बोलेगा, तब तक ऐसी घटनाएं होती रहेंगी। उन्होंने कहा कि सिख समुदाय को स्पष्ट रूप से कहना चाहिए कि वे खालिस्तान नहीं चाहते और वे भारतीय हैं।
फिल्म 'धुरंधर' में सिख किरदार को लेकर उठे विवाद पर उन्होंने कहा कि यह सोशल मीडिया का दौर है और अब सच्चाई सामने आएगी। उन्होंने पुराने मामलों का जिक्र करते हुए कहा कि कैसे आतंकियों अजमल कसाब और अफजल गुरु को बचाने के लिए रात में कोर्ट खोले गए थे। उन्होंने कहा कि ऐसी और फिल्में बननी चाहिए ताकि सच्चाई सामने आए।
ईरान युद्ध के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि युद्ध का नुकसान केवल किसी एक देश को नहीं बल्कि पूरी दुनिया को होता है। उन्होंने संकेत दिया कि ऐसे संघर्षों का असर भारत समेत वैश्विक अर्थव्यवस्था और संसाधनों पर भी पड़ता है।