30 सितंबर 2026
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इंडी गठबंधन पर मनीषा कायंदे का तीखा हमला — 'राजनीतिक अस्तित्व बचाने की कवायद'

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इंडी गठबंधन पर मनीषा कायंदे का तीखा हमला — 'राजनीतिक अस्तित्व बचाने की कवायद'

सारांश

शिवसेना नेता मनीषा कायंदे ने इंडी गठबंधन को अवसरवादी करार दिया — उद्धव ठाकरे, अखिलेश यादव और राज ठाकरे पर एक साथ निशाना साधा। उनका कहना है कि इन दलों की एकजुटता देशहित नहीं, मीडिया कवरेज और राजनीतिक लाभ तक सीमित है।

मुख्य बातें

शिवसेना नेता मनीषा कायंदे ने 30 सितंबर को मुंबई में इंडी गठबंधन को अवसरवादी बताया।
कायंदे के अनुसार विपक्षी दलों के पास देशहित का कोई स्पष्ट एजेंडा नहीं, केवल राजनीतिक अस्तित्व बचाने की कोशिश है।
उद्धव ठाकरे की पार्टी के कमज़ोर होते राजनीतिक आधार और अखिलेश यादव की मौकापरस्ती पर भी निशाना साधा।
उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे की नज़दीकी को उन्होंने मुद्दाधारित और मीडिया-केंद्रित बताया।
शिवाजी पार्क में प्रस्तावित कार्यक्रम का विरोध — कहा, पुलिस ने अनुमति नहीं दी है और कानून-व्यवस्था सर्वोपरि है।
शिवसेना (यूबीटी) नेता की हत्या पर राजनीति करने से इनकार, पुलिस जाँच पूरी होने तक बयानबाज़ी से परहेज़ की अपील।

शिवसेना नेता मनीषा कायंदे ने 30 सितंबर को मुंबई में इंडी गठबंधन की बैठक को लेकर विपक्षी दलों पर सीधा हमला बोला और आरोप लगाया कि गठबंधन में शामिल दल देशहित के बजाय अपने राजनीतिक अस्तित्व को बचाने के लिए एकजुट होते हैं। उनके अनुसार इन दलों के पास राष्ट्रीय हित से जुड़ा कोई सुसंगत एजेंडा नहीं है।

गठबंधन की प्रकृति पर सवाल

कायंदे ने कहा कि विपक्षी दलों का यह गठजोड़ अवसरवादी है — जब राजनीतिक लाभ दिखता है तो एकजुट हो जाते हैं, और जब नहीं दिखता तो दूरी बना लेते हैं। उन्होंने कहा, 'इनका एकमात्र उद्देश्य मीडिया कवरेज और राजनीतिक लाभ तक सीमित है।'

उन्होंने यह भी बताया कि गठबंधन की बैठकों में अब ऑनलाइन जुड़ने की बात होने लगी है, जो उनके अनुसार गठबंधन की कमज़ोर होती एकजुटता का संकेत है।

उद्धव ठाकरे और अखिलेश यादव पर निशाना

शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे की पार्टी का ज़िक्र करते हुए कायंदे ने कहा कि उसका राजनीतिक आधार कमज़ोर पड़ रहा है, इसी कारण वह कभी गठबंधन के साथ दिखती है और कभी उससे किनारा कर लेती है।

समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि वह उत्तर प्रदेश में अपनी राजनीतिक ज़मीन बनाए रखने के लिए परिस्थितियों के अनुसार गठबंधन में आते-जाते रहते हैं। उनके अनुसार यह रवैया किसी सैद्धांतिक प्रतिबद्धता का नहीं, बल्कि मौकापरस्ती का प्रमाण है।

उद्धव-राज नजदीकी पर टिप्पणी

उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे के बीच बढ़ती नज़दीकी पर कायंदे ने कहा कि दोनों नेताओं के पास वक्त है, लेकिन वे इसका उपयोग पार्टी विस्तार या जनहित के कार्यों में नहीं करते। उनके अनुसार, 'किसी मुद्दे पर साथ आना, मीडिया में तस्वीरें खिंचवाना और फिर उसे भुला देना — यही इनकी राजनीति बन गई है।'

शिवसेना (यूबीटी) नेता की हत्या और शिवाजी पार्क विवाद

शिवसेना (यूबीटी) के एक नेता की हत्या के मामले में कायंदे ने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी किसी की मृत्यु पर राजनीति नहीं करना चाहती। उन्होंने कहा कि पुलिस को निष्पक्ष जाँच करनी चाहिए और फायरिंग के पीछे के व्यक्तियों एवं उनके मंसूबों का खुलासा होना चाहिए। पुलिस रिपोर्ट से पहले राजनीतिक बयानबाज़ी को उन्होंने अनुचित बताया।

शिवाजी पार्क में प्रस्तावित कार्यक्रम पर कायंदे ने विरोध जताया। उन्होंने कहा कि पुलिस ने अनुमति नहीं दी है और कानून-व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की ज़िम्मेदारी है। उनके अनुसार पिछली बार भी वहाँ विवादित गतिविधियाँ हुई थीं और नेताओं के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियाँ की गई थीं, जिन्हें किसी भी राजनीतिक कार्यक्रम की आड़ में बढ़ावा नहीं दिया जाना चाहिए।

यह बयान ऐसे समय में आया है जब इंडी गठबंधन की आंतरिक एकजुटता पर पहले से ही सवाल उठते रहे हैं और महाराष्ट्र में सत्तापक्ष विपक्ष को घेरने की कोशिश में है। आने वाले दिनों में गठबंधन की बैठक और शिवाजी पार्क कार्यक्रम पर पुलिस का रुख राजनीतिक तापमान तय करेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

क्योंकि उद्धव ठाकरे की पार्टी की गठबंधन में भूमिका वाकई अनिश्चित रही है। हालाँकि, यह भी ध्यान देने योग्य है कि शिवसेना खुद 2019 में भाजपा से अलग होकर कांग्रेस-NCP के साथ सरकार बना चुकी है — यानी अवसरवाद का आरोप एकतरफा नहीं है। शिवाजी पार्क और हत्याकांड जैसे संवेदनशील मुद्दों को एक ही प्रेस वार्ता में उठाना दर्शाता है कि सत्तापक्ष कई मोर्चों पर एक साथ विपक्ष को घेरना चाहता है। मुख्यधारा की कवरेज अक्सर इस आरोप-प्रत्यारोप के चक्र में असली सवाल — गठबंधन का जनता के लिए ठोस एजेंडा क्या है — को नज़रअंदाज़ कर देती है।
RashtraPress
30 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मनीषा कायंदे ने इंडी गठबंधन पर क्या आरोप लगाए?
शिवसेना नेता मनीषा कायंदे ने आरोप लगाया कि इंडी गठबंधन के दल देशहित के बजाय अपने राजनीतिक अस्तित्व और मीडिया कवरेज के लिए एकजुट होते हैं। उनके अनुसार इन दलों के पास कोई सुसंगत राष्ट्रीय एजेंडा नहीं है।
कायंदे ने उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे की नज़दीकी पर क्या कहा?
कायंदे ने कहा कि उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे किसी मुद्दे पर साथ आते हैं, मीडिया में तस्वीरें खिंचवाते हैं और फिर उस मुद्दे को भुला देते हैं। उनके अनुसार यह पार्टी विस्तार या जनहित के कार्यों के बजाय मुद्दाधारित मीडिया राजनीति है।
शिवाजी पार्क कार्यक्रम पर कायंदे का क्या रुख है?
कायंदे ने शिवाजी पार्क में प्रस्तावित कार्यक्रम का विरोध किया और कहा कि पुलिस ने इसके लिए अनुमति नहीं दी है। उन्होंने कहा कि पिछली बार भी वहाँ विवादित गतिविधियाँ हुई थीं और पुलिस को नियमों के अनुसार कार्रवाई करनी चाहिए।
शिवसेना (यूबीटी) नेता की हत्या पर कायंदे ने क्या कहा?
कायंदे ने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी किसी की मृत्यु पर राजनीति नहीं करना चाहती। उन्होंने पुलिस से निष्पक्ष जाँच की माँग की और कहा कि रिपोर्ट आने से पहले राजनीतिक बयानबाज़ी उचित नहीं होगी।
अखिलेश यादव के बारे में कायंदे ने क्या कहा?
कायंदे ने कहा कि समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव उत्तर प्रदेश में अपनी राजनीतिक स्थिति बनाए रखने के लिए परिस्थितियों के अनुसार गठबंधन में शामिल होते हैं या दूरी बना लेते हैं। उनके अनुसार यह सैद्धांतिक प्रतिबद्धता नहीं, मौकापरस्ती है।
राष्ट्र प्रेस
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