स्वतंत्रता दिवस पर मैरी मिलबेन का भारत को संदेश: 'विविधता में एकता' और PM मोदी की सराहना
सारांश
मुख्य बातें
अंतरराष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त गायिका मैरी मिलबेन ने 15 अगस्त 2026 को भारत के स्वतंत्रता दिवस पर एक विशेष वीडियो संदेश के ज़रिए देशवासियों को शुभकामनाएँ दीं। वॉशिंगटन से जारी इस संदेश में उन्होंने भारत की 'विविधता में एकता' की सराहना की और हर भारतीय से अपनी चुनौतियों को अवसरों में बदलने का आह्वान किया।
असाधारण यात्रा का स्मरण
मिलबेन ने अपने संदेश की शुरुआत भारतीयों को उनकी ऐतिहासिक यात्रा की याद दिलाते हुए की। उन्होंने कहा, 'भारत के भाइयों और बहनों, जब आप एक और स्वतंत्रता दिवस के मौके पर खड़े हैं, तो आइए उस असाधारण यात्रा पर विचार करें जो आपको यहाँ तक ले आई है।' उनके अनुसार यह अवसर महज़ एक तारीख को याद करने से कहीं अधिक गहरा अर्थ रखता है।
उन्होंने कहा कि यह दिन उस 'अटूट जज़्बे, पक्के इरादे और कभी न खत्म होने वाली उम्मीद' का सम्मान करता है, जिसने एक राष्ट्र को जन्म दिया। स्वतंत्रता के लिए बलिदान देने वाली पीढ़ियों को श्रद्धांजलि देते हुए उन्होंने कहा कि उन्हीं की सोच आज भारत की विरासत बन चुकी है।
विविधता में एकता — भारत की पहचान
मिलबेन ने भारत को एक ऐसी सभ्यता के रूप में रेखांकित किया जो सदियों से विभिन्न संस्कृतियों, भाषाओं और परंपराओं से मिलकर बनी है। उनके अनुसार यह विविधता ही देश की सबसे बड़ी ताकत है।
तिरंगे के रंगों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि केसरिया साहस और त्याग का, सफेद शांति और सच्चाई का, और हरा विकास और समृद्धि का प्रतीक है। उन्होंने अशोक चक्र को प्रगति का प्रतीक बताते हुए कहा, 'हमें उस चक्र को नहीं भूलना चाहिए, जो हमें याद दिलाता है कि देश का भविष्य हमारे ही हाथों में है।'
PM मोदी और राष्ट्रपति मुर्मु की सराहना
मिलबेन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु की प्रशंसा करते हुए उन्हें दूरदर्शी नेता बताया जो 'समर्पण, मजबूती और अटूट विश्वास के साथ महानता की ओर बढ़ने का रास्ता दिखाते हैं।' यह टिप्पणी उनके संदेश का एक उल्लेखनीय पहलू रही, जिसने भारत-अमेरिका संबंधों के संदर्भ में भी ध्यान आकर्षित किया।
हर भारतीय की भूमिका
मिलबेन ने इस बात पर ज़ोर दिया कि देश की प्रगति-यात्रा में विज्ञान, कला, व्यापार, शासन, कृषि और रक्षा — हर क्षेत्र में काम करने वाले प्रत्येक नागरिक की अहम भूमिका है। उन्होंने कहा कि उनके कार्य देश पर एक अमिट छाप छोड़ेंगे।
अपना संदेश समाप्त करते हुए उन्होंने कहा, 'इस स्वतंत्रता दिवस पर, अपने जुनून को मकसद में, अपने विचारों को इनोवेशन में और अपनी चुनौतियों को अवसरों में बदलें।' संदेश का समापन उन्होंने 'जय हिंद, जय हिंद, जय हिंद भारत' के उद्घोष के साथ किया।
भारत से मिलबेन का गहरा जुड़ाव
गौरतलब है कि मिलबेन ने भारतीय देशभक्ति और भक्ति गीतों की प्रस्तुतियों के ज़रिए भारतीय दर्शकों के बीच विशेष पहचान बनाई है। वे भारत और भारत-अमेरिका संबंधों का जश्न मनाने वाले कई कार्यक्रमों में भी हिस्सा ले चुकी हैं। यह संदेश उसी सांस्कृतिक सेतु की एक और कड़ी है जो वे वर्षों से बनाती आ रही हैं।