मथुरा में पीईटी-2026 परीक्षा शुरू: 33 केंद्रों पर 84,816 अभ्यर्थी, कड़ी सुरक्षा तैनात
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूपीएसएसएससी) द्वारा आयोजित प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (पीईटी)-2026 रविवार, 25 अक्टूबर 2026 को मथुरा जनपद में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच प्रारंभ हो गई। जनपद के 33 परीक्षा केंद्रों पर कुल 84,816 अभ्यर्थी छह पालियों में परीक्षा दे रहे हैं। जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन ने परीक्षा को नकलविहीन, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए व्यापक प्रबंध किए हैं।
परीक्षा की संरचना और पाली-व्यवस्था
मथुरा में पीईटी-2026 कुल छह पालियों में आयोजित की जा रही है, जिसमें प्रत्येक पाली में 14,136 अभ्यर्थी शामिल होते हैं। परीक्षा दो समय-खंडों में विभाजित है — पहली पाली सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक और दूसरी पाली दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे तक निर्धारित है। सभी 33 केंद्रों पर सेक्टर मजिस्ट्रेट और स्टैटिक मजिस्ट्रेट की तैनाती की गई है।
सुरक्षा इंतजाम और प्रवेश प्रक्रिया
परीक्षा केंद्रों के मुख्य द्वार पर अभ्यर्थियों की बायोमीट्रिक सत्यापन और मेटल डिटेक्टर से गहन जाँच के बाद ही प्रवेश दिया जा रहा है। मोबाइल फोन, इलेक्ट्रॉनिक गैजेट और ब्लूटूथ डिवाइस सहित सभी प्रतिबंधित वस्तुओं को परिसर में ले जाने पर पूर्णतः रोक है। संवेदनशील और अतिसंवेदनशील केंद्रों पर अतिरिक्त पुलिस बल की व्यवस्था की गई है।
सभी केंद्रों की निगरानी सीसीटीवी कैमरों और एक केंद्रीय कंट्रोल रूम के माध्यम से लगातार की जा रही है। परीक्षा समाप्त होने तक केंद्रों के निकट स्थित फोटोस्टेट दुकानों और साइबर कैफे को बंद रखने के निर्देश जारी किए गए हैं।
वरिष्ठ अधिकारियों का निरीक्षण
दूरदराज के जिलों से बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के मथुरा पहुँचने को देखते हुए जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार ने मथुरा जंक्शन रेलवे स्टेशन का स्वयं निरीक्षण किया। अधिकारियों ने स्टेशन परिसर की यातायात व्यवस्था और सुरक्षा इंतजामों का जायजा लिया तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
आम अभ्यर्थियों पर असर
सुबह से ही परीक्षा केंद्रों के बाहर अभ्यर्थियों की लंबी कतारें देखी गईं। सघन जाँच प्रक्रिया के कारण अभ्यर्थियों को समय से पूर्व केंद्र पर पहुँचने की सलाह दी गई थी। केंद्रों के बाहर अनावश्यक भीड़ न जमा हो, इसके लिए पुलिसकर्मियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
आगे की स्थिति
यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में सरकारी भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता बनी हुई है। जिला प्रशासन का लक्ष्य पीईटी-2026 को पूरी तरह निर्बाध और नकलविहीन संपन्न कराना है, ताकि लाखों अभ्यर्थियों की मेहनत न्यायोचित मूल्यांकन में परिणत हो सके।