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मुंबई लोकल ट्रेन में मयंक लोहार की हत्या: एकनाथ शिंदे ने पीड़ित पिता को दिया न्याय का भरोसा

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मुंबई लोकल ट्रेन में मयंक लोहार की हत्या: एकनाथ शिंदे ने पीड़ित पिता को दिया न्याय का भरोसा

सारांश

मुंबई लोकल ट्रेन में डिब्बे का गेट बंद करने जैसे मामूली विवाद में 22 वर्षीय मयंक लोहार की चाकू मारकर हत्या कर दी गई। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने पीड़ित पिता रमेश लोहार से फोन पर बात कर न्याय का भरोसा दिलाया, जबकि परिवार ने आरोपी को फाँसी या एनकाउंटर की माँग रखी है।

मुख्य बातें

22 वर्षीय मयंक लोहार की मुंबई लोकल ट्रेन में चाकू मारकर हत्या की गई, जब वे अंधेरी से विरार घर लौट रहे थे।
विवाद की वजह ट्रेन के डिब्बे का गेट बंद करना था — बारिश का पानी अंदर आने पर कहासुनी हत्या में बदल गई।
उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने पीड़ित पिता रमेश लोहार से फोन पर बात कर निष्पक्ष जाँच और सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया।
परिवार की माँग है कि आरोपी को फाँसी की सजा दी जाए या एनकाउंटर किया जाए।
मयंक परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे; विरार के जीवदानी रोड पर माता-पिता, भाई और छोटी बहन के साथ रहते थे।

मुंबई की लोकल ट्रेन में 22 वर्षीय मयंक लोहार की चाकू मारकर की गई हत्या के मामले में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने पीड़ित के पिता रमेश लोहार से फोन पर बात कर निष्पक्ष जाँच और आरोपी के विरुद्ध सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया। यह हत्याकांड मंगलवार रात उस समय हुआ जब मयंक काम से लौटते हुए लोकल ट्रेन में सवार थे।

मुख्य घटनाक्रम

घटना के अनुसार, अंधेरी में एक निजी कंपनी में सेल्समैन की नौकरी करने वाले मयंक लोहार मंगलवार रात काम खत्म कर लोकल ट्रेन से विरार स्थित अपने घर लौट रहे थे। ट्रेन में बारिश के पानी को रोकने के लिए डिब्बे का गेट बंद करने को लेकर एक मामूली विवाद हुआ। कहासुनी बढ़ने पर आरोपी ने मयंक पर चाकू से हमला कर दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।

मयंक विरार के जीवदानी रोड स्थित अमरनाथ बिल्डिंग में अपने माता-पिता, भाई और छोटी बहन के साथ रहते थे। वे परिवार की आर्थिक जिम्मेदारी उठाने वाले मुख्य सदस्य थे। इस दर्दनाक वारदात ने पूरे लोहार परिवार को तोड़ दिया है और विरार के इलाके में गहरे शोक व आक्रोश का माहौल है।

पिता की माँग और शिंदे का आश्वासन

रमेश लोहार ने बताया कि उपमुख्यमंत्री शिंदे के कार्यालय की ओर से उन्हें फोन आया और उनसे परिवार की माँग पूछी गई। रमेश लोहार ने कहा, 'मैंने उनसे कहा कि हमारी माँग है कि आरोपी का एनकाउंटर किया जाए या उसे फाँसी की सजा दी जाए।' उन्होंने बताया कि शिंदे की ओर से आश्वासन दिया गया कि प्रशासन और कानून-व्यवस्था के स्तर पर न्याय दिलाने के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएँगे।

रमेश लोहार ने कहा, 'मैं उम्मीद करता हूँ कि हमारी माँग पूरी होगी। मेरे बेटे को न्याय मिले, हमारे परिवार को न्याय मिले और आरोपी को उसके अपराध की कड़ी सजा मिले।'

आम जनता और परिवार पर असर

मयंक अपने परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे। उनकी असमय मृत्यु ने परिवार को न केवल भावनात्मक बल्कि आर्थिक रूप से भी गहरे संकट में डाल दिया है। यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब मुंबई की लोकल ट्रेनों में यात्रियों की सुरक्षा को लेकर सवाल पहले से उठते रहे हैं।

क्या होगा आगे

पुलिस ने मामले में जाँच शुरू कर दी है। उपमुख्यमंत्री शिंदे के हस्तक्षेप के बाद प्रशासनिक दबाव में तेज़ी आने की उम्मीद है। परिवार ने स्पष्ट किया है कि वे न्यायिक प्रक्रिया में पूरा सहयोग करेंगे, लेकिन आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने तक चैन से नहीं बैठेंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी जाँच की गति और आरोपी के खिलाफ न्यायिक प्रक्रिया की मजबूती होगी। परिवार की एनकाउंटर या फाँसी की माँग उस गहरी निराशा को दर्शाती है जो तब उभरती है जब न्याय-व्यवस्था पर भरोसा कमज़ोर हो। मुख्यधारा की कवरेज जो अक्सर चूकती है वह यह है कि ऐसी घटनाएँ अकेली नहीं होतीं — लोकल ट्रेनों में सुरक्षा बलों की तैनाती और निगरानी तंत्र की खामियाँ इन हादसों की पृष्ठभूमि बनती हैं।
RashtraPress
25 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मयंक लोहार की हत्या कैसे हुई?
मयंक लोहार की हत्या मुंबई की लोकल ट्रेन में मंगलवार रात चाकू से हमले के कारण हुई। डिब्बे का गेट बंद करने को लेकर हुई कहासुनी हिंसक झगड़े में बदल गई और मयंक की मौके पर ही मौत हो गई।
एकनाथ शिंदे ने मयंक लोहार के परिवार से क्या कहा?
उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने पीड़ित पिता रमेश लोहार को फोन कर निष्पक्ष जाँच और आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया। उन्होंने परिवार की माँग सुनी और प्रशासनिक स्तर पर हरसंभव मदद का वादा किया।
मयंक लोहार का परिवार क्या माँग कर रहा है?
पिता रमेश लोहार ने माँग की है कि आरोपी को फाँसी की सजा दी जाए या एनकाउंटर किया जाए। परिवार चाहता है कि मयंक को न्याय मिले और आरोपी को उसके अपराध की कड़ी से कड़ी सजा मिले।
मयंक लोहार कौन थे और कहाँ रहते थे?
मयंक लोहार 22 वर्षीय युवक थे जो अंधेरी में एक निजी कंपनी में सेल्समैन की नौकरी करते थे। वे विरार के जीवदानी रोड स्थित अमरनाथ बिल्डिंग में माता-पिता, भाई और छोटी बहन के साथ रहते थे और परिवार के मुख्य कमाने वाले सदस्य थे।
इस मामले में पुलिस ने क्या कार्रवाई की है?
पुलिस ने मामले में जाँच शुरू कर दी है। उपमुख्यमंत्री शिंदे के हस्तक्षेप के बाद प्रशासनिक दबाव में तेज़ी आने की उम्मीद जताई जा रही है, हालाँकि आरोपी की गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टि अभी तक सामने नहीं आई है।
राष्ट्र प्रेस
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