मुंबई लोकल में दरवाज़ा बंद करने की बहस पर 22 वर्षीय मयंक लोहार की चाकू मारकर हत्या
सारांश
मुख्य बातें
मुंबई की चर्चगेट-नालासोपारा फास्ट लोकल ट्रेन के फर्स्ट-क्लास डिब्बे में 24 जून की रात भारी बारिश के दौरान कोच का दरवाज़ा खुला रखने को लेकर हुई बहस के बाद 22 वर्षीय मयंक लोहार की कथित तौर पर चाकू मारकर हत्या कर दी गई। अंधेरी और बोरीवली स्टेशनों के बीच हुई इस वारदात में आरोपी ने तेज़धार हथियार से लोहार के पेट में वार किया और बोरीवली स्टेशन पर चलती ट्रेन से कूदकर फरार हो गया।
घटनाक्रम: कैसे हुई वारदात
ट्रेन नंबर 90663 रात 10:05 बजे चर्चगेट से रवाना हुई। विरार निवासी मयंक लोहार, जो अंधेरी की एक निजी कंपनी में सेल्समैन थे, काम से घर लौट रहे थे। शहर में तेज़ बारिश हो रही थी, जिसके चलते लोहार ने उसी डिब्बे में सवार एक अन्य यात्री (आरोपी) से कोच का दरवाज़ा बंद करने का अनुरोध किया। पुलिस के अनुसार, इसी बात पर दोनों के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई।
बहस बढ़ने पर आरोपी ने कथित तौर पर एक तेज़धार हथियार निकाला और लोहार के पेट में घोंप दिया, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं। ट्रेन जब रात 11:04 बजे बोरीवली स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 6 पर पहुँची, तब तक आरोपी ट्रेन के पूरी तरह रुकने से पहले ही चलती गाड़ी से कूदकर स्टेशन परिसर से भाग चुका था।
रेलवे का आपातकालीन प्रतिसाद
वेस्टर्न रेलवे ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही इमरजेंसी रिस्पॉन्स सिस्टम तत्काल सक्रिय कर दिया गया। ट्रेन पहुँचने के तीन मिनट के भीतर रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स (RPF) और गवर्नमेंट रेलवे पुलिस (GRP) के जवान डिब्बे में पहुँच गए। स्ट्रेचर, पोर्टर और मेडिकल टीम को तुरंत तैनात किया गया।
लोहार को डिब्बे से बाहर निकालकर रात 11:22 बजे बोरीवली स्टेशन के आपातकालीन चिकित्सा कक्ष में ले जाया गया। चिकित्सकीय सलाह पर उन्हें एम्बुलेंस से कांदिवली के शताब्दी अस्पताल पहुँचाया गया, जहाँ GRP और RPF के जवान भी साथ रहे। हालाँकि, इलाज के दौरान लोहार ने दम तोड़ दिया।
पुलिस जाँच और आरोपी की तलाश
बोरीवली GRP ने हत्या का मामला दर्ज कर लिया है और आरोपी को पकड़ने के लिए कई विशेष टीमें गठित की गई हैं। जाँच अधिकारी रेलवे स्टेशनों के CCTV फुटेज खंगाल रहे हैं और उन यात्रियों के बयान दर्ज कर रहे हैं जिन्होंने कथित तौर पर इस हमले को देखा हो। फिलहाल आरोपी की पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है।
आम जनता पर असर और सुरक्षा सवाल
यह घटना मुंबई की लोकल ट्रेनों में यात्री सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े करती है। गौरतलब है कि लाखों मुंबईकर प्रतिदिन लोकल ट्रेनों से सफर करते हैं, और रात के घंटों में फर्स्ट-क्लास डिब्बों में निगरानी की पर्याप्तता पर पहले भी सवाल उठ चुके हैं। यह ऐसे समय में हुआ है जब मानसून के दौरान भीड़ और तनाव दोनों बढ़ जाते हैं।
जाँच जारी है और आगे के घटनाक्रम पर पुलिस की नज़र बनी हुई है।