11 अगस्त 2026
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मुंबई लोकल में दरवाज़ा बंद करने की बहस पर 22 वर्षीय मयंक लोहार की चाकू मारकर हत्या

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मुंबई लोकल में दरवाज़ा बंद करने की बहस पर 22 वर्षीय मयंक लोहार की चाकू मारकर हत्या

सारांश

मुंबई की लोकल ट्रेन में बारिश की रात दरवाज़ा बंद करने की मामूली बहस ने एक 22 वर्षीय सेल्समैन की जान ले ली। आरोपी चलती ट्रेन से कूदकर फरार हो गया — और एक बार फिर रेलवे सुरक्षा के सवाल कटघरे में खड़े हैं।

मुख्य बातें

मयंक लोहार (22 वर्ष, विरार निवासी) की 24 जून की रात चर्चगेट-नालासोपारा फास्ट लोकल के फर्स्ट-क्लास डिब्बे में चाकू मारकर हत्या कर दी गई।
घटना अंधेरी और बोरीवली स्टेशनों के बीच हुई; बारिश में दरवाज़ा बंद करने की बहस हत्या की वजह बताई जा रही है।
आरोपी रात 11:04 बजे बोरीवली स्टेशन पर चलती ट्रेन से कूदकर फरार हो गया।
लोहार को कांदिवली के शताब्दी अस्पताल ले जाया गया, जहाँ इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
बोरीवली GRP ने हत्या का मामला दर्ज किया; CCTV फुटेज और यात्री बयानों के आधार पर जाँच जारी।

मुंबई की चर्चगेट-नालासोपारा फास्ट लोकल ट्रेन के फर्स्ट-क्लास डिब्बे में 24 जून की रात भारी बारिश के दौरान कोच का दरवाज़ा खुला रखने को लेकर हुई बहस के बाद 22 वर्षीय मयंक लोहार की कथित तौर पर चाकू मारकर हत्या कर दी गई। अंधेरी और बोरीवली स्टेशनों के बीच हुई इस वारदात में आरोपी ने तेज़धार हथियार से लोहार के पेट में वार किया और बोरीवली स्टेशन पर चलती ट्रेन से कूदकर फरार हो गया।

घटनाक्रम: कैसे हुई वारदात

ट्रेन नंबर 90663 रात 10:05 बजे चर्चगेट से रवाना हुई। विरार निवासी मयंक लोहार, जो अंधेरी की एक निजी कंपनी में सेल्समैन थे, काम से घर लौट रहे थे। शहर में तेज़ बारिश हो रही थी, जिसके चलते लोहार ने उसी डिब्बे में सवार एक अन्य यात्री (आरोपी) से कोच का दरवाज़ा बंद करने का अनुरोध किया। पुलिस के अनुसार, इसी बात पर दोनों के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई।

बहस बढ़ने पर आरोपी ने कथित तौर पर एक तेज़धार हथियार निकाला और लोहार के पेट में घोंप दिया, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं। ट्रेन जब रात 11:04 बजे बोरीवली स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 6 पर पहुँची, तब तक आरोपी ट्रेन के पूरी तरह रुकने से पहले ही चलती गाड़ी से कूदकर स्टेशन परिसर से भाग चुका था।

रेलवे का आपातकालीन प्रतिसाद

वेस्टर्न रेलवे ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही इमरजेंसी रिस्पॉन्स सिस्टम तत्काल सक्रिय कर दिया गया। ट्रेन पहुँचने के तीन मिनट के भीतर रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स (RPF) और गवर्नमेंट रेलवे पुलिस (GRP) के जवान डिब्बे में पहुँच गए। स्ट्रेचर, पोर्टर और मेडिकल टीम को तुरंत तैनात किया गया।

लोहार को डिब्बे से बाहर निकालकर रात 11:22 बजे बोरीवली स्टेशन के आपातकालीन चिकित्सा कक्ष में ले जाया गया। चिकित्सकीय सलाह पर उन्हें एम्बुलेंस से कांदिवली के शताब्दी अस्पताल पहुँचाया गया, जहाँ GRP और RPF के जवान भी साथ रहे। हालाँकि, इलाज के दौरान लोहार ने दम तोड़ दिया।

पुलिस जाँच और आरोपी की तलाश

बोरीवली GRP ने हत्या का मामला दर्ज कर लिया है और आरोपी को पकड़ने के लिए कई विशेष टीमें गठित की गई हैं। जाँच अधिकारी रेलवे स्टेशनों के CCTV फुटेज खंगाल रहे हैं और उन यात्रियों के बयान दर्ज कर रहे हैं जिन्होंने कथित तौर पर इस हमले को देखा हो। फिलहाल आरोपी की पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है।

आम जनता पर असर और सुरक्षा सवाल

यह घटना मुंबई की लोकल ट्रेनों में यात्री सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े करती है। गौरतलब है कि लाखों मुंबईकर प्रतिदिन लोकल ट्रेनों से सफर करते हैं, और रात के घंटों में फर्स्ट-क्लास डिब्बों में निगरानी की पर्याप्तता पर पहले भी सवाल उठ चुके हैं। यह ऐसे समय में हुआ है जब मानसून के दौरान भीड़ और तनाव दोनों बढ़ जाते हैं।

जाँच जारी है और आगे के घटनाक्रम पर पुलिस की नज़र बनी हुई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

पर सुरक्षा-कर्मी की मौजूदगी की कोई गारंटी नहीं। आरोपी का चलती ट्रेन से कूदकर भाग जाना और मिनटों तक किसी का ध्यान न जाना यह दर्शाता है कि 'इमरजेंसी रिस्पॉन्स' प्रतिक्रियात्मक है, निवारक नहीं। असली सवाल यह है कि क्या रेलवे देर रात के डिब्बों में RPF की तैनाती को अनिवार्य करेगी — या यह घटना भी फाइलों में दब जाएगी।
RashtraPress
11 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मुंबई लोकल ट्रेन में हत्या का मामला क्या है?
24 जून की रात चर्चगेट-नालासोपारा फास्ट लोकल के फर्स्ट-क्लास डिब्बे में बारिश के दौरान दरवाज़ा बंद करने की बहस के बाद एक अज्ञात आरोपी ने 22 वर्षीय मयंक लोहार के पेट में चाकू घोंप दिया। कांदिवली के शताब्दी अस्पताल में इलाज के दौरान लोहार की मौत हो गई।
आरोपी अब तक पकड़ा क्यों नहीं गया?
आरोपी बोरीवली स्टेशन पर ट्रेन के पूरी तरह रुकने से पहले ही चलती गाड़ी से कूदकर फरार हो गया। बोरीवली GRP ने कई विशेष टीमें बनाई हैं और CCTV फुटेज व यात्री बयानों के आधार पर उसकी तलाश जारी है।
रेलवे ने घटना के बाद क्या कदम उठाए?
वेस्टर्न रेलवे ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही इमरजेंसी रिस्पॉन्स सिस्टम सक्रिय किया गया। ट्रेन पहुँचने के तीन मिनट के भीतर RPF और GRP के जवान मौके पर पहुँचे और लोहार को स्ट्रेचर पर बाहर निकालकर पहले बोरीवली स्टेशन के मेडिकल रूम और फिर शताब्दी अस्पताल भेजा गया।
क्या मुंबई लोकल ट्रेनों में ऐसी घटनाएँ पहले भी हुई हैं?
मुंबई की लोकल ट्रेनों में यात्री विवाद और हिंसा की घटनाएँ पहले भी सामने आती रही हैं, खासकर देर रात के सफर में जब डिब्बों में सुरक्षाकर्मियों की मौजूदगी सीमित होती है। यह घटना रात के समय फर्स्ट-क्लास डिब्बों में निगरानी बढ़ाने की माँग को फिर से उजागर करती है।
राष्ट्र प्रेस
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