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बडगाम में 12 वर्षीय बच्ची की निर्मम हत्या पर महबूबा मुफ्ती स्तब्ध, त्वरित जांच की माँग

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बडगाम में 12 वर्षीय बच्ची की निर्मम हत्या पर महबूबा मुफ्ती स्तब्ध, त्वरित जांच की माँग

सारांश

बडगाम के गलवानपोरा में 12 वर्षीय बच्ची की निर्मम हत्या और दुष्कर्म के आरोपों ने पूरे जम्मू-कश्मीर को हिला दिया है। PDP अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने एक्स पर स्तब्धता जताते हुए पारदर्शी जांच और बच्चों की सुरक्षा के लिए मजबूत तंत्र की माँग की है।

मुख्य बातें

बडगाम के गलवानपोरा इलाके में एक 12 वर्षीय बच्ची की निर्मम हत्या की घटना सामने आई है; दुष्कर्म के आरोप भी लगाए गए हैं।
PDP अध्यक्ष और जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने एक्स पर पोस्ट कर घटना पर स्तब्धता और गहरा दुख व्यक्त किया।
महबूबा मुफ्ती ने प्रशासन से त्वरित, पारदर्शी और समयबद्ध जांच सुनिश्चित करने तथा दोषियों को कड़ी सजा दिलाने की माँग की।
उन्होंने बच्चों और महिलाओं की सुरक्षा के लिए मजबूत तंत्र बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
यह मामला जम्मू-कश्मीर में बाल सुरक्षा और कानून-व्यवस्था की स्थिति पर व्यापक बहस का केंद्र बन गया है।

जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने बडगाम जिले के गलवानपोरा इलाके में एक 12 वर्षीय बच्ची की निर्मम हत्या पर गहरा दुख और रोष व्यक्त किया है। उन्होंने इस घटना को हृदयविदारक बताते हुए कहा कि यह हर कश्मीरी की अंतरात्मा को झकझोर देने वाली है। दुष्कर्म के आरोपों ने इस मामले को और भी अधिक संगीन बना दिया है।

एक्स पर व्यक्त किया दर्द

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट में महबूबा मुफ्ती ने लिखा, 'बडगाम में 12 वर्षीय बच्ची की निर्मम हत्या के बारे में सुनकर स्तब्ध हूँ। दुष्कर्म के आरोपों ने इसे और भी अधिक चौंकाने वाला, विचलित करने वाला और परेशान करने वाला बना दिया है। यह सोचकर ही रोंगटे खड़े हो जाते हैं कि क्या हमारे बच्चे वास्तव में सुरक्षित हैं।' यह टिप्पणी घटना की व्यापक सामाजिक प्रतिध्वनि को रेखांकित करती है।

त्वरित और पारदर्शी जांच की माँग

महबूबा मुफ्ती ने प्रशासन से पेशेवर और निष्पक्ष तरीके से जांच करने तथा दोषियों को कड़ी सजा दिलाने के लिए समयबद्ध और पारदर्शी जांच सुनिश्चित करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि एक निर्दोष बच्चे की बर्बर हत्या ने पूरे समाज को झकझोर दिया है और परिवार के दर्द को शब्दों में बयाँ नहीं किया जा सकता।

उन्होंने यह भी कहा कि ऐसी घटनाएँ समाज की नैतिक नींव पर धब्बा हैं और इनके लिए सामूहिक आत्मनिरीक्षण के साथ-साथ कड़ी कानूनी कार्रवाई की आवश्यकता है।

बच्चों और महिलाओं की सुरक्षा पर चिंता

महबूबा मुफ्ती ने बच्चों और महिलाओं की सुरक्षा के लिए मजबूत तंत्र बनाने की माँग करते हुए कहा कि हिंसा और दुर्व्यवहार की बढ़ती घटनाओं को एक चिंताजनक नई स्थिति नहीं बनने दिया जा सकता। गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर में हाल के महीनों में बच्चों के विरुद्ध अपराध की खबरें समाज और राजनीतिक हलकों में गहरी बेचैनी पैदा कर रही हैं।

शोकाकुल परिवार के प्रति संवेदना

पीड़ित परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए महबूबा मुफ्ती ने इस कठिन समय में उनके लिए शक्ति और धैर्य की प्रार्थना की। उन्होंने आशा व्यक्त की कि दोषियों को जल्द से जल्द न्याय के कटघरे में लाया जाएगा। यह मामला अब जम्मू-कश्मीर में बाल सुरक्षा और कानून-व्यवस्था की स्थिति पर व्यापक बहस का केंद्र बन गया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिस पर राजनीतिक बयानबाजी से परे ठोस संस्थागत कार्रवाई की जरूरत है। महबूबा मुफ्ती की माँग वाजिब है, लेकिन असली सवाल यह है कि क्या प्रशासन जांच को राजनीतिक दबाव से मुक्त रखते हुए पीड़ित परिवार को समयबद्ध न्याय दिला पाएगा। बाल सुरक्षा के लिए 'मजबूत तंत्र' की माँग तब तक अधूरी रहेगी, जब तक विशेष पुलिस इकाइयों की जवाबदेही और POCSO के तहत फास्ट-ट्रैक सुनवाई को जमीन पर नहीं उतारा जाता।
RashtraPress
9 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बडगाम नाबालिग हत्याकांड क्या है?
बडगाम जिले के गलवानपोरा इलाके में एक 12 वर्षीय बच्ची की निर्मम हत्या की घटना सामने आई है, जिसमें दुष्कर्म के आरोप भी लगाए गए हैं। यह मामला जम्मू-कश्मीर में बाल सुरक्षा को लेकर व्यापक चिंता का विषय बन गया है।
महबूबा मुफ्ती ने इस मामले पर क्या कहा?
PDP अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि वे इस घटना को सुनकर स्तब्ध हैं और दुष्कर्म के आरोपों ने इसे और भी चौंकाने वाला बना दिया है। उन्होंने त्वरित, पारदर्शी और समयबद्ध जांच की माँग की तथा दोषियों को कड़ी सजा दिलाने का आग्रह किया।
महबूबा मुफ्ती ने प्रशासन से क्या माँगें रखी हैं?
उन्होंने प्रशासन से पेशेवर और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने, दोषियों को न्याय के कटघरे में लाने और बच्चों व महिलाओं की सुरक्षा के लिए मजबूत तंत्र बनाने की माँग की है। उनका कहना है कि हिंसा की बढ़ती घटनाओं को सामान्य नहीं बनने दिया जा सकता।
यह घटना जम्मू-कश्मीर में बाल सुरक्षा के संदर्भ में क्यों महत्वपूर्ण है?
यह मामला जम्मू-कश्मीर में बच्चों के विरुद्ध अपराध की बढ़ती घटनाओं की पृष्ठभूमि में सामने आया है, जो समाज और राजनीतिक हलकों में गहरी बेचैनी पैदा कर रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि POCSO के तहत फास्ट-ट्रैक सुनवाई और पुलिस की जवाबदेही सुनिश्चित करना जरूरी है।
पीड़ित परिवार के लिए महबूबा मुफ्ती ने क्या कहा?
महबूबा मुफ्ती ने शोकाकुल परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए उनके लिए शक्ति और धैर्य की प्रार्थना की। उन्होंने आशा जताई कि दोषियों को जल्द से जल्द न्याय के कटघरे में लाया जाएगा।
राष्ट्र प्रेस
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