बडगाम में 12 वर्षीय बच्ची की हत्या: उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने दिए सख्त जांच के निर्देश, दोषियों को सजा का आश्वासन
सारांश
मुख्य बातें
जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने रविवार, 25 मई को मध्य कश्मीर के बडगाम जिले में एक 12 वर्षीय बच्ची की निर्मम हत्या की कड़ी निंदा करते हुए इसे जघन्य अपराध करार दिया। उन्होंने पुलिस महानिदेशक और वरिष्ठ अधिकारियों को समयबद्ध एवं गहन जांच सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए और पीड़ित परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं।
घटनाक्रम: कैसे सामने आया मामला
पुलिस के अनुसार, बडगाम जिले की रहने वाली 12 वर्षीय नाबालिग लड़की शनिवार को लापता हो गई थी। उसके परिजनों ने शनिवार शाम लापता होने की रिपोर्ट दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने अपहरण का मामला दर्ज करते हुए तलाशी अभियान शुरू किया। रविवार सुबह उसका शव बडगाम के गालवानपोरा इलाके में उसके घर से महज 200 मीटर की दूरी पर बरामद हुआ।
बडगाम के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिप्रसाद के.के. ने बताया कि शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। शुरुआती जांच में यह मामला दुष्कर्म और हत्या का प्रतीत हो रहा है, हालांकि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट की पुष्टि का इंतजार है।
उपराज्यपाल और मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने स्पष्ट किया कि इस जघन्य अपराध के लिए जिम्मेदार लोगों को कड़ी सजा दिलाई जाएगी। उन्होंने पुलिस महानिदेशक से सीधे बात कर मामले की प्राथमिकता के आधार पर जांच के निर्देश दिए।
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने इस घटना को 'बेहद चौंकाने वाली और दर्दनाक' बताया। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने के लिए जांच एजेंसियों को हरसंभव सहयोग देगी।
धार्मिक नेता की आवाज़
वरिष्ठ धार्मिक नेता मीरवाइज उमर फारूक ने भी एक्स पर पोस्ट कर अपना दुख व्यक्त किया। उन्होंने लिखा कि बडगाम में 12 साल की एक लड़की की दुखद मौत से उनका दिल टूट गया है और वे बेहद परेशान हैं।
संवेदनशील समय में घटना का असर
यह जघन्य अपराध ऐसे समय में हुआ है जब कश्मीर घाटी में ईद-उल-अजहा (बकरीद) की तैयारियां जोरों पर हैं। इस घटना ने घाटी में गहरे आक्रोश और शोक की लहर पैदा कर दी है। गौरतलब है कि बच्चों के विरुद्ध अपराधों को लेकर जम्मू-कश्मीर में पहले भी सामाजिक आंदोलन उठ चुके हैं, और इस बार भी प्रशासन पर त्वरित कार्रवाई का दबाव है।
आगे क्या होगा
पुलिस ने जांच तेज कर दी है और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई निर्धारित होगी। उपराज्यपाल कार्यालय के निर्देशों के बाद मामले की निगरानी वरिष्ठ स्तर पर की जा रही है। न्याय की माँग को लेकर परिवार और स्थानीय समुदाय की नज़रें अब जांच की प्रगति पर टिकी हैं।