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बडगाम में 12 साल की बच्ची से दुष्कर्म के बाद हत्या, सीएम उमर अब्दुल्ला बोले — समाज किस दिशा में जा रहा है

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बडगाम में 12 साल की बच्ची से दुष्कर्म के बाद हत्या, सीएम उमर अब्दुल्ला बोले — समाज किस दिशा में जा रहा है

सारांश

बडगाम में 12 वर्षीय बच्ची की दुष्कर्म के बाद हत्या ने पूरे जम्मू-कश्मीर को झकझोर दिया। सीएम उमर अब्दुल्ला ने इसे 'दर्दनाक' बताते हुए समाज की दिशा पर सवाल उठाए। पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जाँच शुरू कर दी है।

मुख्य बातें

बडगाम जिले में 12 वर्षीय नाबालिग लड़की का शव रविवार को घर के नज़दीक मिला — प्रथम दृष्टया दुष्कर्म और हत्या का मामला।
लड़की शनिवार को लापता हुई थी; बडगाम एसएसपी हरिप्रसाद के.के.
ने पुष्टि की कि शव पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है।
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने घटना को 'चौंकाने वाली और दर्दनाक' बताया, समाज की दिशा पर सवाल उठाए।
सरकार ने दोषियों को कड़ी से कड़ी सज़ा दिलाने के लिए जाँच एजेंसियों को पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया।
पुलिस ने एफआईआर में संबंधित धाराएँ जोड़ दी हैं; जाँच जारी है।

जम्मू-कश्मीर के बडगाम जिले में रविवार, 25 मई को एक 12 वर्षीय नाबालिग लड़की का शव उसके घर के नज़दीक मिला, जिसे बलात्कार के बाद हत्या किए जाने का प्रथम दृष्टया मामला बताया जा रहा है। लड़की शनिवार को लापता हुई थी और पुलिस द्वारा तलाशी अभियान चलाए जाने के बाद अगले दिन सुबह उसका शव बरामद हुआ। इस घटना ने पूरे जम्मू-कश्मीर में गहरा आक्रोश और शोक की लहर पैदा कर दी है।

मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया

जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि यह घटना 'बेहद चौंकाने वाली और दर्दनाक' है। उन्होंने सवाल उठाया कि हमारा समाज किस दिशा में जा रहा है, जहाँ छोटे बच्चे भी सुरक्षित नहीं हैं। मुख्यमंत्री ने पीड़ित परिवार के प्रति संवेदनाएँ व्यक्त कीं और दुआ की कि बच्ची को जन्नत में जगह मिले।

उमर अब्दुल्ला ने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार दोषियों को कड़ी से कड़ी सज़ा दिलाने के लिए जाँच एजेंसियों को हरसंभव सहयोग देगी। उन्होंने इस क्रूर घटना की कड़े शब्दों में निंदा भी की।

पुलिस का बयान और जाँच की स्थिति

बडगाम के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिप्रसाद के.के. ने पत्रकारों को बताया कि शनिवार को एक नाबालिग बच्ची के अपहरण का मामला दर्ज किया गया था, जिसके बाद तलाशी अभियान चलाया गया। उन्होंने कहा, 'दुर्भाग्य से, रविवार सुबह उसका शव मिला। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। पहली नज़र में यह बलात्कार और हत्या का मामला लग रहा है और एफआईआर में कानून की संबंधित धाराएँ जोड़ दी गई हैं।'

पुलिस ने बताया कि मामले की जाँच जारी है और आरोपियों की पहचान व गिरफ्तारी के लिए सभी ज़रूरी कदम उठाए जा रहे हैं। यह ऐसे समय में आया है जब जम्मू-कश्मीर में बाल सुरक्षा को लेकर पहले से ही चिंताएँ जताई जाती रही हैं।

आम जनता और समाज पर असर

इस घटना ने बडगाम और आसपास के इलाकों में भारी सदमे की स्थिति पैदा कर दी है। स्थानीय लोगों में गुस्सा और भय दोनों हैं। गौरतलब है कि नाबालिगों के विरुद्ध अपराध के मामले देशभर में चिंता का विषय बने हुए हैं, और ऐसी घटनाएँ बाल संरक्षण तंत्र की प्रभावशीलता पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं।

आगे क्या होगा

पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के आने के बाद जाँच की दिशा और स्पष्ट होगी। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने संकेत दिया है कि सरकार इस मामले को प्राथमिकता के आधार पर देखेगी और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। प्रशासन पर दबाव है कि वह त्वरित कार्रवाई करे और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाए।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली जवाबदेही तंत्र — पुलिस गश्त, पड़ोस की सतर्कता, और पॉक्सो के तहत त्वरित न्याय — पर ध्यान केंद्रित करना ज़रूरी है। जम्मू-कश्मीर में बाल अपराध के मामलों में दोषसिद्धि दर और सुनवाई की गति पर पारदर्शी आँकड़े सार्वजनिक होने चाहिए, ताकि राजनीतिक शोक-संवेदनाएँ ठोस सुधार में बदल सकें।
RashtraPress
9 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बडगाम में नाबालिग लड़की के साथ क्या हुआ?
जम्मू-कश्मीर के बडगाम जिले में एक 12 वर्षीय लड़की शनिवार को लापता हो गई थी और रविवार सुबह उसका शव घर के नज़दीक मिला। पुलिस के अनुसार प्रथम दृष्टया यह दुष्कर्म और हत्या का मामला है तथा एफआईआर दर्ज कर ली गई है।
सीएम उमर अब्दुल्ला ने इस घटना पर क्या कहा?
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने घटना को 'बेहद चौंकाने वाली और दर्दनाक' बताया और सवाल उठाया कि समाज किस दिशा में जा रहा है जहाँ छोटे बच्चे भी सुरक्षित नहीं हैं। उन्होंने दोषियों को कड़ी सज़ा दिलाने का आश्वासन दिया।
बडगाम पुलिस ने इस मामले में क्या कार्रवाई की है?
बडगाम एसएसपी हरिप्रसाद के.के. के अनुसार, पहले अपहरण की एफआईआर दर्ज कर तलाशी अभियान चलाया गया। शव मिलने के बाद एफआईआर में दुष्कर्म और हत्या की संबंधित धाराएँ जोड़ दी गई हैं और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है।
इस मामले में आगे क्या होगा?
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद जाँच की दिशा स्पष्ट होगी। सरकार ने जाँच एजेंसियों को पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया है। दोषियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए पुलिस सक्रिय है।
यह घटना जम्मू-कश्मीर में बाल सुरक्षा के लिहाज़ से क्यों अहम है?
यह घटना जम्मू-कश्मीर में नाबालिगों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है। खुद मुख्यमंत्री ने माना कि समाज में बच्चों की सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता है, जो बाल संरक्षण तंत्र की समीक्षा की माँग को बल देती है।
राष्ट्र प्रेस
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