बडगाम में 12 वर्षीय बच्ची की हत्या: मंत्री सकीना इटू परिवार से मिलीं, न्याय का दिया भरोसा
सारांश
मुख्य बातें
जम्मू-कश्मीर के बडगाम जिले में कथित दुष्कर्म के बाद 12 वर्षीय एक बच्ची की हत्या की घटना ने पूरे क्षेत्र को हिलाकर रख दिया है। पुलिस के अनुसार बच्ची शनिवार शाम से लापता थी और रविवार सुबह उसका शव घर से करीब 200 मीटर की दूरी पर बरामद किया गया। इस दर्दनाक घटना के बाद राजनीतिक दलों और प्रशासन की ओर से तीखी प्रतिक्रियाएँ सामने आई हैं।
मंत्री का दौरा और परिवार को आश्वासन
स्वास्थ्य, शिक्षा, समाज कल्याण और उच्च शिक्षा मंत्री सकीना इटू ने वरिष्ठ नेता आगा महमूद, विधायक हसनैन मसूदी, कश्मीर के सांसद शौकत अहमद मीर और वरिष्ठ नेता शेख रफी के साथ बडगाम के गलवानपोरा का दौरा किया। नेताओं ने शोक संतप्त परिवार से मुलाकात कर गहरी संवेदनाएँ व्यक्त कीं और हर संभव सहायता तथा न्याय दिलाने का भरोसा दिया। यह दौरा सत्तारूढ़ नेशनल कॉन्फ्रेंस की ओर से पीड़ित परिवार के साथ एकजुटता का प्रतीक माना जा रहा है।
महबूबा मुफ्ती की प्रतिक्रिया
पूर्व मुख्यमंत्री और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए लिखा कि बडगाम में 12 वर्षीय बच्ची की निर्मम हत्या की खबर सुनकर वे स्तब्ध हैं। उन्होंने कहा कि दुष्कर्म के आरोपों ने इस घटना को और भी अधिक चौंकाने वाला और विचलित करने वाला बना दिया है।
एक अलग बयान में महबूबा मुफ्ती ने कहा कि 'इस भयावह घटना ने हर कश्मीरी की अंतरात्मा को झकझोर दिया है।' उन्होंने दोषियों को कड़ी सजा दिलाने के लिए त्वरित, पारदर्शी और समयबद्ध जाँच की माँग की। उनके अनुसार, 'एक निर्दोष बच्चे की बर्बर हत्या ने पूरे समाज को झकझोर दिया है और ऐसी घटनाएँ हमारे समाज की नैतिक नींव पर धब्बा हैं।'
जाँच और न्याय की माँग
महबूबा मुफ्ती ने प्रशासन से पेशेवर और निष्पक्ष तरीके से जाँच करने का आग्रह किया। उन्होंने बच्चों और महिलाओं की सुरक्षा के लिए मजबूत तंत्र बनाने की भी माँग की और चेतावनी दी कि हिंसा और दुर्व्यवहार की बढ़ती घटनाओं को एक चिंताजनक नई स्थिति बनने नहीं दिया जा सकता। गौरतलब है कि यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब जम्मू-कश्मीर में बच्चों की सुरक्षा को लेकर पहले से ही सवाल उठते रहे हैं।
आगे की राह
फिलहाल पुलिस मामले की जाँच कर रही है और आरोपियों की पहचान व गिरफ्तारी की प्रक्रिया जारी बताई जा रही है। राजनीतिक दलों की ओर से न्याय की माँग तेज होने के साथ यह मामला प्रशासन पर दबाव बढ़ा रहा है कि वह पारदर्शी जाँच सुनिश्चित करे और दोषियों को जल्द से जल्द कानून के कटघरे में लाए।