15 अक्टूबर 2026
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मेट्टूर बांध से सिंचाई जल आपूर्ति 15 अक्टूबर को बंद, कावेरी डेल्टा किसानों ने माँगा विस्तार

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मेट्टूर बांध से सिंचाई जल आपूर्ति 15 अक्टूबर को बंद, कावेरी डेल्टा किसानों ने माँगा विस्तार

सारांश

मेट्टूर बांध का जलस्तर 91 फीट से घटकर 59.13 फीट पर आ गया है और 45-दिन की सिंचाई अवधि 15 अक्टूबर को खत्म हो रही है। कावेरी डेल्टा के किसान विस्तार माँग रहे हैं, लेकिन 696 क्यूसेक का नाममात्र इनफ्लो सरकार के सामने कठिन विकल्प रख रहा है। अब उत्तर-पूर्वी मानसून ही एकमात्र उम्मीद है।

मुख्य बातें

मेट्टूर बांध से कावेरी डेल्टा सिंचाई आपूर्ति 15 अक्टूबर 2026 को 45-दिन की अवधि समाप्त होने पर बंद होने वाली है।
बांध का जलस्तर 1 सितंबर के 91 फीट से घटकर 59.13 फीट पर आ गया — करीब 32 फीट की गिरावट।
जल प्रवाह (इनफ्लो) मात्र 696 क्यूसेक ; आउटफ्लो बुधवार को घटाकर 10,000 क्यूसेक किया गया।
मुख्यमंत्री विजय ने सामान्य तिथि 12 जून की जगह 1 सितंबर को अपर्याप्त मानसून के कारण बांध खोला था।
किसानों ने आपूर्ति विस्तार की माँग की; अब उत्तर-पूर्वी मानसून से पुनर्भरण की उम्मीद।

मेट्टूर बांध से कावेरी डेल्टा के लिए सिंचाई जल आपूर्ति 15 अक्टूबर 2026 (गुरुवार) को बंद होने वाली है, क्योंकि तमिलनाडु सरकार द्वारा तय 45 दिनों की आपूर्ति अवधि समाप्त हो रही है। बांध का जलस्तर तेज़ी से घटकर 59.13 फीट पर आ गया है और किसानों ने सरकार से आपूर्ति जारी रखने का आग्रह किया है, जबकि घटते जल भंडार ने प्रशासन के सामने कठिन चुनौती खड़ी कर दी है।

मुख्य घटनाक्रम

मुख्यमंत्री विजय ने अपर्याप्त मानसून के बावजूद 1 सितंबर 2026 को डेल्टा सिंचाई के लिए मेट्टूर बांध के द्वार खोले थे। उल्लेखनीय है कि सामान्य वर्षों में यह बांध 12 जून को खोला जाता है — इस बार खुलने में करीब तीन माह की देरी हुई। खुलने के समय यह भी स्पष्ट कर दिया गया था कि जल आपूर्ति केवल 45 दिनों तक सुनिश्चित की जाएगी।

अवधि समाप्त होने पर जलापूर्ति रोकी जाएगी, जब तक कि सरकार इसे विस्तार देने का निर्णय नहीं लेती।

जलस्तर और प्रवाह की स्थिति

आपूर्ति शुरू होने के बाद से बांध का जलस्तर लगभग 32 फीट गिर चुका है — 1 सितंबर को 91 फीट से घटकर बुधवार शाम तक 59.13 फीट रह गया। यह गिरावट पर्याप्त पुनर्भरण के अभाव में निरंतर जल विसर्जन के दबाव को दर्शाती है।

जल प्रवाह (इनफ्लो) बुधवार को मात्र 696 क्यूसेक था, जबकि नीचे की ओर छोड़ा जा रहा पानी कहीं अधिक था। सिंचाई अवधि के दौरान अधिकतम 15,000 क्यूसेक तक पहुँच चुके प्रवाह को बुधवार शाम घटाकर पहले 12,000 क्यूसेक और फिर 10,000 क्यूसेक कर दिया गया। इनफ्लो और आउटफ्लो के बीच यह असंतुलन जलाशय के तेज़ी से खाली होने की वजह बन रहा है।

किसानों की चिंता और माँग

कावेरी डेल्टा के किसानों ने राज्य सरकार से जल आपूर्ति जारी रखने का अनुरोध किया है। उनका कहना है कि उनकी खड़ी फसलों को अभी भी पानी की आवश्यकता है और अभी आपूर्ति बंद होने से उपज पर गंभीर असर पड़ सकता है। यह ऐसे समय में आया है जब पहले से ही देरी से बोई गई फसलें विकास की अहम अवस्था में हैं।

गौरतलब है कि यह कोई पहली बार नहीं है — कावेरी जल को लेकर तमिलनाडु के किसान हर कमज़ोर मानसून वर्ष में इसी तरह की अनिश्चितता का सामना करते हैं।

सरकार की प्रतिक्रिया और आगे की राह

फिलहाल सरकार की ओर से आपूर्ति विस्तार की कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। प्रशासन के सामने दो चुनौतियाँ हैं — एक तरफ किसानों की तत्काल सिंचाई ज़रूरत, दूसरी तरफ जलाशय में सिकुड़ता भंडार।

अब सबकी निगाहें उत्तर-पूर्वी मानसून पर हैं। विशेषज्ञों के अनुसार बांध से निरंतर जल आपूर्ति तभी संभव होगी जब मानसून मज़बूत हो और जलाशय में पर्याप्त पुनर्भरण हो। आने वाले दिनों में वर्षा की स्थिति ही यह तय करेगी कि डेल्टा के किसानों को राहत मिलेगी या नहीं।

संपादकीय दृष्टिकोण

पहले से नहीं। जब तक उत्तर-पूर्वी मानसून को लेकर पूर्वानुमान-आधारित जल-प्रबंधन नहीं अपनाया जाता, कावेरी डेल्टा के किसान हर साल इसी दोराहे पर खड़े होंगे।
RashtraPress
15 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मेट्टूर बांध से पानी क्यों बंद हो रहा है?
तमिलनाडु सरकार ने 1 सितंबर 2026 को कावेरी डेल्टा सिंचाई के लिए मेट्टूर बांध खोलते समय 45 दिनों की आपूर्ति अवधि तय की थी। वह अवधि 15 अक्टूबर को समाप्त हो रही है, और बांध का जलस्तर भी 91 फीट से घटकर 59.13 फीट रह गया है, जिससे आपूर्ति जारी रखना कठिन है।
मेट्टूर बांध का अभी जलस्तर कितना है?
बुधवार शाम तक मेट्टूर बांध का जलस्तर 59.13 फीट था, जो 1 सितंबर के 91 फीट से करीब 32 फीट कम है। जल प्रवाह (इनफ्लो) मात्र 696 क्यूसेक है, जबकि आउटफ्लो 10,000 क्यूसेक बना हुआ है।
कावेरी डेल्टा किसानों ने क्या माँग की है?
कावेरी डेल्टा के किसानों ने राज्य सरकार से जल आपूर्ति अवधि बढ़ाने का अनुरोध किया है। उनका कहना है कि खड़ी फसलों को अभी भी पानी की ज़रूरत है और अभी आपूर्ति रोकने से उपज को नुकसान होगा।
इस बार मेट्टूर बांध इतनी देर से क्यों खोला गया?
सामान्यतः मेट्टूर बांध 12 जून को डेल्टा सिंचाई के लिए खोला जाता है। इस वर्ष अपर्याप्त मानसून के कारण पर्याप्त जल भंडार नहीं था, इसलिए मुख्यमंत्री विजय ने 1 सितंबर को बांध खोलने का निर्णय लिया — सामान्य तिथि से लगभग तीन माह की देरी।
आगे जल आपूर्ति की क्या उम्मीद है?
विशेषज्ञों के अनुसार मेट्टूर बांध से निरंतर जल आपूर्ति तभी संभव होगी जब उत्तर-पूर्वी मानसून मज़बूत हो और जलाशय में पर्याप्त पुनर्भरण हो। सरकार ने अभी तक आपूर्ति विस्तार की कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है।
राष्ट्र प्रेस
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