27 सितंबर 2026
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मेट्टूर बांध का जलस्तर 80.52 फीट पर गिरा, सांबा धान की बुवाई के लिए तरस रहे कावेरी डेल्टा के किसान

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मेट्टूर बांध का जलस्तर 80.52 फीट पर गिरा, सांबा धान की बुवाई के लिए तरस रहे कावेरी डेल्टा के किसान

सारांश

मेट्टूर बांध का जलस्तर 80.52 फीट पर आ गया है — आवक 1,488 क्यूसेक, निकासी 12,400 क्यूसेक। बांध पहले ही ढाई महीने देर से खुला, और अब डेल्टा के आखिरी छोर के किसान चार हफ्ते बाद भी पानी का इंतजार कर रहे हैं। सांबा सीजन की घड़ी तेजी से टिक कर रही है।

मुख्य बातें

मेट्टूर बांध का जलस्तर 27 सितंबर 2026 को गिरकर 80.52 फीट पर आया, जो पहले 81.16 फीट था।
बांध में आवक 1,488 क्यूसेक के मुकाबले सिंचाई निकासी 12,400 क्यूसेक — आठ गुना से अधिक।
बांध में कुल जल भंडारण घटकर 42.47 टीएमसी रह गया है।
इस वर्ष बांध 1 सितंबर को खुला, जबकि सामान्य तारीख 12 जून होती है — करीब ढाई महीने की देरी।
ग्रैंड एनीकट से पानी 6 सितंबर से छोड़ा गया, फिर भी कावेरी डेल्टा के कई इलाकों में किसानों तक पानी नहीं पहुँचा।
सांबा धान की बुवाई के लिए उपलब्ध समय लगातार कम हो रहा है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ रही है।

तमिलनाडु के मेट्टूर बांध का जलस्तर 27 सितंबर 2026 (रविवार) को घटकर 80.52 फीट पर आ गया, जबकि सिंचाई के लिए बांध से छोड़े जा रहे पानी की मात्रा आवक से कहीं अधिक है। इस असंतुलन से कावेरी डेल्टा के किसानों की चिंताएँ गहरा गई हैं, जो अपने खेतों में सांबा धान की बुवाई के लिए पर्याप्त पानी पहुँचने का इंतजार कर रहे हैं।

बांध की मौजूदा स्थिति

रविवार सुबह 8 बजे बांध में पानी की आवक घटकर 1,488 क्यूसेक रह गई, जो इससे पहले 1,636 क्यूसेक थी। वहीं, कावेरी डेल्टा में सिंचाई के लिए 12,400 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है — यह आवक से आठ गुना से भी अधिक है। इस भारी असंतुलन के चलते जलस्तर 81.16 फीट से गिरकर 80.52 फीट पर आ गया। आँकड़ों के अनुसार, बांध में कुल भंडारण अब 42.47 टीएमसी (हजार मिलियन क्यूबिक फीट) शेष है।

किसानों की मुश्किलें

बांध से पानी छोड़े जाने के बावजूद किसानों का कहना है कि कई नहरों और आखिरी छोर के इलाकों तक अभी भी पर्याप्त पानी नहीं पहुँचा है। इस देरी की वजह से वे सांबा धान की खेती शुरू करने से हिचक रहे हैं, क्योंकि नई लगाई गई धान की फसल को शुरुआती दिनों में पानी की निरंतर आपूर्ति की आवश्यकता होती है। जो किसान बिना पक्की आपूर्ति के रोपाई करते हैं, उन्हें डर है कि नहरें सूख जाने पर उनकी फसल बर्बाद हो जाएगी।

इस बार देरी से क्यों खुला बांध

गौरतलब है कि इस वर्ष मेट्टूर बांध को कावेरी डेल्टा में सिंचाई के लिए 1 सितंबर को खोला गया, जबकि परंपरागत रूप से इसे 12 जून को खोला जाता है। जलस्तर कम होने के कारण इस बार लगभग ढाई महीने की देरी हुई। ग्रैंड एनीकट से कावेरी, वेन्नार, ग्रैंड एनीकट नहर और कोल्लिडम सिस्टम में 6 सितंबर से पानी छोड़ा जाना शुरू हुआ था। इसके बावजूद, डेल्टा के कई हिस्सों में किसानों का कहना है कि बांध खुलने के लगभग चार सप्ताह बाद भी उनके खेतों तक पानी नहीं पहुँचा है।

आम किसान पर असर

देरी से खुलने के कारण जमीन तैयार करने, नर्सरी लगाने और धान की रोपाई के लिए उपलब्ध समय पहले ही सीमित हो चुका है। जो किसान इंतजार कर रहे हैं, उनके पास सांबा सीजन पूरा करने के लिए बहुत कम वक्त बचा है। यह ऐसे समय में आया है जब आवक और निकासी के बीच का बढ़ता अंतर बता रहा है कि मौजूदा सिंचाई को बनाए रखने के लिए बांध का जल भंडार तेजी से कम हो रहा है।

आगे क्या होगा

किसान अब बांध के जलस्तर और नहरों के जरिए पानी पहुँचने की प्रगति पर कड़ी नजर रखे हुए हैं। डेल्टा के अंतिम छोर पर बसे किसानों के मन में अभी एकमात्र सवाल यह है कि क्या बांध से छोड़ा जा रहा पानी समय पर उनके खेतों तक पहुँच सकेगा — और यदि आवक में और गिरावट आई, तो सांबा फसल की बुवाई और भी जोखिम में पड़ सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

केवल बांध के आँकड़े किसानों की वास्तविक जरूरतों को नहीं दर्शाएँगे। सांबा सीजन में लगातार देरी लंबे समय में डेल्टा की खाद्य सुरक्षा और किसानों की आय दोनों के लिए गंभीर संकेत है।
RashtraPress
27 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मेट्टूर बांध का जलस्तर अभी कितना है?
27 सितंबर 2026 को मेट्टूर बांध का जलस्तर 80.52 फीट दर्ज किया गया, जो इससे पहले 81.16 फीट था। बांध में कुल जल भंडारण 42.47 टीएमसी शेष है।
कावेरी डेल्टा के किसान सांबा धान की बुवाई क्यों नहीं कर पा रहे?
किसानों का कहना है कि मेट्टूर बांध से पानी छोड़े जाने के बावजूद कई नहरों और अंतिम छोर के इलाकों तक पर्याप्त पानी नहीं पहुँचा है। सांबा धान की रोपाई के लिए निरंतर जलापूर्ति आवश्यक होती है, और बिना इस आश्वासन के खेती शुरू करना जोखिमभरा है।
इस साल मेट्टूर बांध इतनी देर से क्यों खोला गया?
जलस्तर कम होने के कारण इस वर्ष मेट्टूर बांध 1 सितंबर को खोला गया, जबकि सामान्यतः इसे 12 जून को खोला जाता है — यानी करीब ढाई महीने की देरी। इससे जमीन तैयार करने और नर्सरी लगाने का समय पहले ही कम हो चुका है।
मेट्टूर बांध से कितना पानी छोड़ा जा रहा है और आवक कितनी है?
27 सितंबर की सुबह बांध में आवक 1,488 क्यूसेक थी, जबकि डेल्टा में सिंचाई के लिए 12,400 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। यह आवक से आठ गुना से भी अधिक है, जिससे बांध का जल भंडार तेजी से कम हो रहा है।
ग्रैंड एनीकट से पानी कब से छोड़ा गया?
ग्रैंड एनीकट से कावेरी, वेन्नार, ग्रैंड एनीकट नहर और कोल्लिडम सिस्टम में 6 सितंबर से पानी छोड़ा जाना शुरू हुआ था। इसके बावजूद, बांध खुलने के करीब चार सप्ताह बाद भी डेल्टा के कई इलाकों में किसानों के खेतों तक पानी नहीं पहुँचा है।
राष्ट्र प्रेस
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