1 सितंबर 2026
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मेट्टूर बांध से 1 सितंबर को पानी छोड़ेंगे CM विजय, कावेरी डेल्टा के 16 लाख एकड़ को मिलेगी सिंचाई

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मेट्टूर बांध से 1 सितंबर को पानी छोड़ेंगे CM विजय, कावेरी डेल्टा के 16 लाख एकड़ को मिलेगी सिंचाई

सारांश

इस वर्ष 12 जून की परंपरागत तिथि चूकने के बाद आखिरकार मेट्टूर बांध के द्वार खुले — CM विजय ने 1 सितंबर को 3,000 क्यूसेक की दर से पानी छोड़ा। कर्नाटक की भारी बारिश ने जलाशय को 90 फीट तक भरा और 13 जिलों के 16 लाख एकड़ के किसानों को 45 दिन की राहत मिली।

मुख्य बातें

CM विजय ने 1 सितंबर 2026 को मेट्टूर बांध के द्वार औपचारिक रूप से खोले।
प्रारंभिक जल निर्वहन दर 3,000 घन फीट प्रति सेकंड ; अगले 45 दिनों तक जारी रहेगा।
जलाशय का जलस्तर 90 फीट से ऊपर पहुँचने के बाद यह निर्णय संभव हुआ।
13 जिलों की लगभग 16 लाख एकड़ कृषि भूमि को सिंचाई मिलेगी।
इस वर्ष परंपरागत तिथि 12 जून को बांध नहीं खुला था — कावेरी जलग्रहण क्षेत्र में अपर्याप्त वर्षा इसकी वजह थी।
कर्नाटक के काबिनी और कृष्णा राजा सागर जलाशयों से अतिरिक्त जल छोड़े जाने के बाद मेट्टूर का स्तर बढ़ा।

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय ने 1 सितंबर 2026 को मेट्टूर बांध के द्वार औपचारिक रूप से खोले और कावेरी डेल्टा के किसानों के लिए सिंचाई जल का प्रवाह शुरू किया। जलाशय का जलस्तर 90 फीट से ऊपर पहुँचने के बाद यह निर्णय लिया गया, जिससे 13 जिलों में फैली लगभग 16 लाख एकड़ कृषि भूमि को राहत मिलेगी।

मुख्य घटनाक्रम

मुख्यमंत्री विजय चेन्नई से निजी विमान द्वारा सलेम के ओमालूर कमलपुरम हवाई अड्डे पर पहुँचे और फिर सड़क मार्ग से मेट्टूर गए, जहाँ उन्होंने बांध के द्वार खोलने की औपचारिक प्रक्रिया संपन्न की। प्रारंभिक चरण में कावेरी नदी में 3,000 घन फीट प्रति सेकंड की दर से जल निर्वहन शुरू किया गया। सिंचाई की आवश्यकता और जलाशय में आवक के आधार पर इसे चरणबद्ध तरीके से बढ़ाया जाएगा।

देरी की वजह और सुधार की पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि मेट्टूर बांध से हर वर्ष 12 जून को पानी छोड़ने की परंपरा है। किंतु इस वर्ष कावेरी नदी के जलग्रहण क्षेत्रों में अपर्याप्त वर्षा के कारण अधिकारी निर्धारित तिथि पर बांध नहीं खोल सके। पिछले दो सप्ताहों में कर्नाटक में हुई भारी बारिश के बाद स्थिति बदली। काबिनी और कृष्णा राजा सागर जलाशयों में पानी का प्रवाह काफी बढ़ा, जिसके बाद कर्नाटक प्रशासन ने अतिरिक्त जल कावेरी में छोड़ा। इससे मेट्टूर जलाशय का स्तर 90 फीट के पार पहुँच गया।

किसानों पर असर

मेट्टूर बांध को डेल्टा किसानों की जीवन रेखा माना जाता है। यह सलेम, इरोड, नामक्कल, करूर, तिरुचि, तंजावुर, तिरुवरूर, पेरम्बलुर, नागपट्टिनम, पुदुकोट्टई, कुड्डालोर और मयिलादुथुरई सहित 13 जिलों की लगभग 16 लाख एकड़ कृषि भूमि की सिंचाई करता है। किसानों की माँगों के जवाब में तमिलनाडु सरकार ने घोषणा की कि 1 सितंबर से 45 दिनों तक पानी छोड़ा जाएगा।

सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्था

मुख्यमंत्री के दौरे को देखते हुए पूरे सलेम जिले में सुरक्षा बल तैनात किए गए। ओमालूर से मेचेरी और मेट्टूर तक जाने वाली सड़कों के दोनों ओर लोहे के बैरिकेड लगाए गए। हवाई अड्डे से बांध तक के मार्ग पर पार्टी के झंडे लहराए गए और भारी भीड़ की संभावना को देखते हुए अतिरिक्त पुलिसबल हवाई अड्डे, बांध परिसर और काफिले के रास्ते पर तैनात रहा।

आगे क्या होगा

जल निर्वहन अगले 45 दिनों तक जारी रहेगा और इसे जलाशय में आवक तथा सिंचाई की माँग के अनुसार चरणबद्ध रूप से बढ़ाया जाएगा। यह कदम खरीफ सीजन की बुवाई के लिए समय पर पानी सुनिश्चित करने की दिशा में अहम है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह दीर्घकालिक समाधान नहीं है। कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण के ढाँचे के बावजूद, डेल्टा किसान हर साल उसी अनिश्चितता का सामना करते हैं। जब तक जलग्रहण क्षेत्रों में जल संरक्षण और वैकल्पिक सिंचाई स्रोतों पर ठोस निवेश नहीं होता, तब तक बांध-उद्घाटन की यह राजनीतिक रस्म हर साल दोहराई जाती रहेगी।
RashtraPress
1 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मेट्टूर बांध से इस वर्ष पानी कब छोड़ा गया?
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय ने 1 सितंबर 2026 को मेट्टूर बांध के द्वार औपचारिक रूप से खोले। इस वर्ष परंपरागत तिथि 12 जून को बांध नहीं खुल सका था क्योंकि कावेरी जलग्रहण क्षेत्र में वर्षा अपर्याप्त रही थी।
मेट्टूर बांध से पानी छोड़ने में देरी क्यों हुई?
कावेरी नदी के जलग्रहण क्षेत्रों में इस वर्ष समय पर पर्याप्त वर्षा नहीं हुई, जिससे जलाशय का स्तर 12 जून तक सिंचाई के लिए पर्याप्त नहीं था। कर्नाटक में पिछले दो सप्ताहों में भारी बारिश के बाद काबिनी और कृष्णा राजा सागर जलाशयों से अतिरिक्त पानी कावेरी में छोड़ा गया, तब जाकर मेट्टूर का जलस्तर 90 फीट से ऊपर पहुँचा।
मेट्टूर बांध से कितने जिलों और कितनी कृषि भूमि को सिंचाई मिलती है?
मेट्टूर बांध सलेम, इरोड, नामक्कल, करूर, तिरुचि, तंजावुर, तिरुवरूर, पेरम्बलुर, नागपट्टिनम, पुदुकोट्टई, कुड्डालोर और मयिलादुथुरई सहित 13 जिलों की लगभग 16 लाख एकड़ कृषि भूमि को सिंचाई प्रदान करता है।
कितने दिनों तक पानी छोड़ा जाएगा और प्रारंभिक दर क्या है?
तमिलनाडु सरकार ने 1 सितंबर से 45 दिनों तक पानी छोड़ने की घोषणा की है। प्रारंभिक चरण में कावेरी नदी में 3,000 घन फीट प्रति सेकंड की दर से जल निर्वहन किया जाएगा, जिसे सिंचाई आवश्यकता और जलाशय में आवक के अनुसार चरणबद्ध रूप से बढ़ाया जाएगा।
मेट्टूर बांध से पानी छोड़ने की परंपरागत तिथि क्या है?
कावेरी डेल्टा में खेतीबाड़ी के लिए हर वर्ष 12 जून को मेट्टूर बांध से पानी छोड़ने की परंपरा है। यह तिथि खरीफ सीजन की बुवाई के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है, और इस वर्ष जलस्तर कम होने के कारण यह तिथि लगभग तीन महीने पीछे खिसक गई।
राष्ट्र प्रेस
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