मेट्टूर बांध से कावेरी डेल्टा के लिए सिंचाई जल छोड़ेंगे CM विजय, इनफ्लो 10,485 क्यूसेक पहुँचा
सारांश
मुख्य बातें
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय मंगलवार, 2 सितंबर 2025 को मेट्टूर बांध के स्लुइस गेट औपचारिक रूप से खोलकर कावेरी डेल्टा के जिलों में सिंचाई के लिए जल प्रवाह शुरू करेंगे। इससे पहले जल संसाधन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, बांध में पानी का इनफ्लो 9,035 क्यूसेक से बढ़कर 10,485 क्यूबिक फीट प्रति सेकंड (क्यूसेक) हो गया है — जो धान की खेती के मौसम की शुरुआत से पहले किसानों के लिए एक सकारात्मक संकेत है।
बांध की मौजूदा स्थिति
जल संसाधन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, मेट्टूर जलाशय में जलस्तर 90.47 फीट दर्ज किया गया है और उपलब्ध जल भंडार 53.70 हजार मिलियन क्यूबिक फीट (टीएमसीएफटी) है। पीने के पानी की आपूर्ति के लिए पहले से ही 2,000 क्यूसेक पानी जलाशय से छोड़ा जाता रहा है। सिंचाई हेतु छोड़े जाने वाले पानी की मात्रा जलाशय के भंडार, कर्नाटक से आने वाले प्रवाह और किसानों की जरूरतों के आकलन के आधार पर नियंत्रित की जाएगी।
कर्नाटक से बढ़ा जल प्रवाह
कर्नाटक के कावेरी जलग्रहण क्षेत्रों में भारी वर्षा के कारण काबिनी और कृष्णराज सागर जलाशय तेज़ी से भर रहे हैं। इसके परिणामस्वरूप कर्नाटक के अधिकारियों ने कावेरी नदी में अतिरिक्त जल निर्मोचन बढ़ा दिया है। पिछले दो दिनों में यह प्रवाह अस्थायी रूप से कम हुआ था, लेकिन रविवार से इसे फिर बढ़ाया गया, जिसके चलते मेट्टूर में इनफ्लो में धीरे-धीरे वृद्धि दर्ज की गई। अधिकारी आने वाले दिनों में कर्नाटक में वर्षा और ऊपरी जलाशयों से जल निर्मोचन की निगरानी जारी रखेंगे।
डेल्टा किसानों को राहत
इनफ्लो में इस बढ़ोतरी से कावेरी डेल्टा के जिलों में धान की खेती की तैयारी कर रहे किसानों को बड़ी राहत मिली है। यह जल निर्मोचन पूरे कावेरी बेसिन में कृषि कार्यों को गति देगा, विशेषकर टेल-एंड यानी अंतिम छोर के उन इलाकों में जहाँ पानी पहुँचने में सामान्यतः कई दिन लग जाते हैं। अंतिम छोर के जिलों के किसानों ने सरकार से अपील की है कि उपलब्ध जल का सावधानीपूर्वक प्रबंधन किया जाए ताकि संपूर्ण कमांड एरिया तक पानी सुनिश्चित हो सके।
किसानों की माँग और आगे की राह
किसानों ने धान की खेती के मौसम के दौरान पर्याप्त और निर्बाध जल आपूर्ति की माँग लंबे समय से रखी है। गौरतलब है कि बांध खुलने से पहले इनफ्लो में लगातार वृद्धि को कावेरी डेल्टा की कृषि के लिए अनुकूल संकेत माना जा रहा है। मुख्यमंत्री विजय के औपचारिक जल निर्मोचन के बाद अधिकारी स्थिति की समीक्षा करते हुए आवश्यकतानुसार प्रवाह को नियंत्रित करेंगे।