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मेट्टूर बांध से कावेरी डेल्टा के लिए सिंचाई जल छोड़ेंगे CM विजय, इनफ्लो 10,485 क्यूसेक पहुँचा

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मेट्टूर बांध से कावेरी डेल्टा के लिए सिंचाई जल छोड़ेंगे CM विजय, इनफ्लो 10,485 क्यूसेक पहुँचा

सारांश

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय मंगलवार को मेट्टूर बांध के स्लुइस गेट खोलेंगे। कर्नाटक के काबिनी और कृष्णराज सागर जलाशयों से बढ़े प्रवाह के चलते मेट्टूर का इनफ्लो 10,485 क्यूसेक पहुँचा है — कावेरी डेल्टा के धान किसानों के लिए राहत की खबर।

मुख्य बातें

जोसेफ विजय मंगलवार को मेट्टूर बांध से कावेरी डेल्टा में सिंचाई के लिए औपचारिक रूप से पानी छोड़ेंगे।
बांध में इनफ्लो 9,035 क्यूसेक से बढ़कर 10,485 क्यूसेक हो गया है।
जलाशय का जलस्तर 90.47 फीट ; उपलब्ध भंडार 53.70 टीएमसीएफटी दर्ज।
पीने के पानी की आपूर्ति के लिए पहले से 2,000 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है।
कर्नाटक में काबिनी और कृष्णराज सागर जलाशयों के भरने से कावेरी में अतिरिक्त जल निर्मोचन बढ़ा।
टेल-एंड क्षेत्रों के किसानों ने संपूर्ण कमांड एरिया तक पानी पहुँचाने के लिए सावधानीपूर्वक जल प्रबंधन की अपील की।

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय मंगलवार, 2 सितंबर 2025 को मेट्टूर बांध के स्लुइस गेट औपचारिक रूप से खोलकर कावेरी डेल्टा के जिलों में सिंचाई के लिए जल प्रवाह शुरू करेंगे। इससे पहले जल संसाधन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, बांध में पानी का इनफ्लो 9,035 क्यूसेक से बढ़कर 10,485 क्यूबिक फीट प्रति सेकंड (क्यूसेक) हो गया है — जो धान की खेती के मौसम की शुरुआत से पहले किसानों के लिए एक सकारात्मक संकेत है।

बांध की मौजूदा स्थिति

जल संसाधन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, मेट्टूर जलाशय में जलस्तर 90.47 फीट दर्ज किया गया है और उपलब्ध जल भंडार 53.70 हजार मिलियन क्यूबिक फीट (टीएमसीएफटी) है। पीने के पानी की आपूर्ति के लिए पहले से ही 2,000 क्यूसेक पानी जलाशय से छोड़ा जाता रहा है। सिंचाई हेतु छोड़े जाने वाले पानी की मात्रा जलाशय के भंडार, कर्नाटक से आने वाले प्रवाह और किसानों की जरूरतों के आकलन के आधार पर नियंत्रित की जाएगी।

कर्नाटक से बढ़ा जल प्रवाह

कर्नाटक के कावेरी जलग्रहण क्षेत्रों में भारी वर्षा के कारण काबिनी और कृष्णराज सागर जलाशय तेज़ी से भर रहे हैं। इसके परिणामस्वरूप कर्नाटक के अधिकारियों ने कावेरी नदी में अतिरिक्त जल निर्मोचन बढ़ा दिया है। पिछले दो दिनों में यह प्रवाह अस्थायी रूप से कम हुआ था, लेकिन रविवार से इसे फिर बढ़ाया गया, जिसके चलते मेट्टूर में इनफ्लो में धीरे-धीरे वृद्धि दर्ज की गई। अधिकारी आने वाले दिनों में कर्नाटक में वर्षा और ऊपरी जलाशयों से जल निर्मोचन की निगरानी जारी रखेंगे।

डेल्टा किसानों को राहत

इनफ्लो में इस बढ़ोतरी से कावेरी डेल्टा के जिलों में धान की खेती की तैयारी कर रहे किसानों को बड़ी राहत मिली है। यह जल निर्मोचन पूरे कावेरी बेसिन में कृषि कार्यों को गति देगा, विशेषकर टेल-एंड यानी अंतिम छोर के उन इलाकों में जहाँ पानी पहुँचने में सामान्यतः कई दिन लग जाते हैं। अंतिम छोर के जिलों के किसानों ने सरकार से अपील की है कि उपलब्ध जल का सावधानीपूर्वक प्रबंधन किया जाए ताकि संपूर्ण कमांड एरिया तक पानी सुनिश्चित हो सके।

किसानों की माँग और आगे की राह

किसानों ने धान की खेती के मौसम के दौरान पर्याप्त और निर्बाध जल आपूर्ति की माँग लंबे समय से रखी है। गौरतलब है कि बांध खुलने से पहले इनफ्लो में लगातार वृद्धि को कावेरी डेल्टा की कृषि के लिए अनुकूल संकेत माना जा रहा है। मुख्यमंत्री विजय के औपचारिक जल निर्मोचन के बाद अधिकारी स्थिति की समीक्षा करते हुए आवश्यकतानुसार प्रवाह को नियंत्रित करेंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली चुनौती टेल-एंड किसानों तक पानी पहुँचाना है — जो वर्षों से उपेक्षित रहे हैं। इनफ्लो में वृद्धि उत्साहजनक है, परंतु कर्नाटक के जलाशयों से प्रवाह की अनिश्चितता और अंतर-राज्यीय जल बँटवारे के पुराने विवाद इस 'राहत' को नाज़ुक बनाते हैं। जल प्रबंधन की पारदर्शिता और वास्तविक समय की निगरानी के बिना, यह घोषणा केवल प्रतीकात्मक बनकर रह सकती है।
RashtraPress
31 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मेट्टूर बांध से कावेरी डेल्टा में पानी कब छोड़ा जाएगा?
मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय मंगलवार को मेट्टूर बांध के स्लुइस गेट औपचारिक रूप से खोलेंगे, जिससे कावेरी डेल्टा के जिलों में सिंचाई के लिए जल आपूर्ति शुरू होगी।
मेट्टूर बांध में अभी कितना पानी है?
जल संसाधन विभाग के अनुसार, बांध का जलस्तर 90.47 फीट है और उपलब्ध भंडार 53.70 टीएमसीएफटी दर्ज किया गया है। इनफ्लो 9,035 क्यूसेक से बढ़कर 10,485 क्यूसेक हो गया है।
मेट्टूर में इनफ्लो क्यों बढ़ा?
कर्नाटक के कावेरी जलग्रहण क्षेत्रों में भारी वर्षा के कारण काबिनी और कृष्णराज सागर जलाशय तेज़ी से भर रहे हैं। इसके चलते कर्नाटक के अधिकारियों ने कावेरी में अतिरिक्त जल निर्मोचन बढ़ाया, जिससे मेट्टूर का इनफ्लो धीरे-धीरे बढ़ा।
कावेरी डेल्टा के किसानों को इससे क्या फायदा होगा?
इस जल निर्मोचन से डेल्टा के जिलों में धान की खेती के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध होगा। टेल-एंड क्षेत्रों तक पानी पहुँचने में कुछ दिन लगते हैं, इसलिए किसानों ने सरकार से सावधानीपूर्वक जल प्रबंधन की अपील की है।
पीने के पानी की आपूर्ति पर क्या असर पड़ेगा?
कावेरी पर निर्भर जिलों में पीने के पानी की जरूरतों के लिए जलाशय से 2,000 क्यूसेक पानी पहले से छोड़ा जाता रहा है। सिंचाई के लिए जल निर्मोचन इससे अलग होगा और इसकी मात्रा भंडार एवं माँग के आधार पर नियंत्रित की जाएगी।
राष्ट्र प्रेस
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