माइक्रोसॉफ्ट का हैदराबाद में चौथा क्लाउड रीजन लॉन्च, ₹20.5 अरब डॉलर निवेश के तहत भारत में एआई इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार
सारांश
मुख्य बातें
माइक्रोसॉफ्ट ने 21 सितंबर 2026 को हैदराबाद में अपना चौथा क्लाउड रीजन — 'इंडिया साउथ सेंट्रल' — लॉन्च किया, जिससे भारत में कंपनी की हाइपरस्केल क्लाउड और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) अवसंरचना की मौजूदगी और सुदृढ़ हो गई है। यह लॉन्च माइक्रोसॉफ्ट के पहले से घोषित 20.5 अरब डॉलर के भारत-केंद्रित निवेश कार्यक्रम का हिस्सा है, जो क्लाउड क्षमता, एआई इंफ्रास्ट्रक्चर, स्किल डेवलपमेंट और परिचालन विस्तार को लक्षित करता है।
नया रीजन और मौजूदा नेटवर्क
हैदराबाद स्थित 'इंडिया साउथ सेंट्रल' रीजन अब माइक्रोसॉफ्ट के पुणे, चेन्नई और मुंबई में स्थापित तीन मौजूदा क्लाउड रीजन से जुड़ गया है। इस विस्तार के साथ कंपनी भारत में चार प्रमुख क्लाउड नोड संचालित करने वाली हाइपरस्केलर बन गई है। यह ऐसे समय में आया है जब देश में डेटा सेंटर क्षमता और एंटरप्राइज-स्तरीय एआई उपयोग में तेज वृद्धि की उम्मीद जताई जा रही है।
डेटा असंतुलन और अवसर
माइक्रोसॉफ्ट इंडिया एवं दक्षिण एशिया के अध्यक्ष पुनीत चंदोक ने लॉन्च कार्यक्रम में कहा, 'दुनिया का 20 प्रतिशत डेटा भारत में पैदा हो रहा है, लेकिन दुनिया की केवल 3 प्रतिशत डेटा सेंटर क्षमता हमारे देश में मौजूद है। इन दोनों आँकड़ों के बीच ही इस दशक का भारत के लिए सबसे बड़ा अवसर छिपा है।'
चंदोक के अनुसार, भारत में फिलहाल लगभग 2 गीगावाट डेटा सेंटर क्षमता है और उनका अनुमान है कि 2035 तक यह बढ़कर 12 से 14 गीगावाट के बीच पहुँच सकती है — यानी मौजूदा क्षमता से छह से सात गुना अधिक।
एआई अपनाने का अगला चरण
चंदोक ने स्पष्ट किया कि कंपनियाँ, सरकारी विभाग और संस्थान अब एआई के प्रयोगात्मक चरण से आगे बढ़कर बड़े पैमाने पर एआई-आधारित अनुप्रयोगों को लागू करने की दिशा में कदम बढ़ा रहे हैं। उन्होंने कहा, 'जिस डिजिटल पैमाने का हम निर्माण कर रहे हैं, उसके लिए भौतिक अवसंरचना का भी उसी स्तर पर विस्तार जरूरी है और यह हम सभी के लिए एक राष्ट्रीय प्राथमिकता है।'
गौरतलब है कि एआई सेवाओं की माँग पहले से ही मज़बूत है और सबसे बड़ी चुनौती भविष्य की जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त अवसंरचना समय पर खड़ी करना है।
निवेश का व्यापक संदर्भ
माइक्रोसॉफ्ट का 20.5 अरब डॉलर का यह निवेश भारत में वैश्विक प्रौद्योगिकी कंपनियों की बढ़ती दिलचस्पी को दर्शाता है। Amazon Web Services (AWS) और Google Cloud भी भारत में अपनी डेटा सेंटर क्षमता विस्तार कर रहे हैं, जिससे देश वैश्विक क्लाउड और एआई रेस में एक प्रमुख बाज़ार बनता जा रहा है। यह ऐसे समय में है जब भारत सरकार की डिजिटल इंडिया और राष्ट्रीय एआई मिशन जैसी पहलें डिजिटल बुनियादी ढाँचे में निजी निवेश को प्रोत्साहित कर रही हैं।
आगे की राह
चंदोक ने संकेत दिया कि भारत अपनी डिजिटल परिवर्तन यात्रा के एक महत्वपूर्ण मोड़ पर है और दुनिया के सबसे बड़े डेटा उत्पादक देशों में तेज़ी से उभर रहा है। हैदराबाद रीजन के लॉन्च के साथ अब माइक्रोसॉफ्ट की सेवाएँ देश के अधिक क्षेत्रों में कम विलंबता (लो लेटेंसी) के साथ उपलब्ध होंगी, जो एंटरप्राइज़ और सरकारी ग्राहकों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है।