'मिसिंग लिंक' में बारिश से फव्वारों जैसा रिसाव, रोहित पवार ने निर्माण कंपनियों पर कार्रवाई की माँग की
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के विधायक रोहित पवार ने 7 जुलाई को मुंबई में पत्रकारों से बातचीत में 'मिसिंग लिंक' परियोजना की निर्माण गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठाए और जिम्मेदार कंस्ट्रक्शन कंपनियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की माँग की। उन्होंने आरोप लगाया कि हाल की थोड़ी-सी बारिश के बाद ही इस बहुचर्चित परियोजना के अंदर कई स्थानों पर फव्वारों की तरह पानी रिसने लगा, जो इसकी गुणवत्ता पर गहरा सवाल खड़ा करता है।
उद्घाटन के दावे और ज़मीनी हकीकत
रोहित पवार ने याद दिलाया कि 'मिसिंग लिंक' के उद्घाटन के समय मुख्यमंत्री ने बड़े दावे किए थे। उन्होंने कहा था कि इस परियोजना का डिज़ाइन कनाडा और स्पेन में तैयार किया गया था और जबरदस्त तूफान या भारी बारिश में भी इसे कोई नुकसान नहीं होगा। लेकिन पवार के अनुसार, दो दिन पहले हुई मामूली बारिश के बाद ही भीतर से पानी का रिसाव शुरू हो गया और कई जगह इन्फ्रास्ट्रक्चर को नुकसान पहुँचा।
उन्होंने आगे कहा, 'कुछ दिन पहले जब लोगों ने सोशल मीडिया पर सड़क पर पड़ी दरारों के वीडियो पोस्ट किए थे, तो मुख्यमंत्री ने ड्यूरेबिलिटी टेस्ट का हवाला दिया था। मेरा कहना है कि अगर रास्ता खराब होता है तभी मजबूती की जाँच की बात की जाती है।'
इन्फ्रास्ट्रक्चर में भ्रष्टाचार के आरोप
मुंबई में भारी बारिश से उत्पन्न स्थिति का हवाला देते हुए रोहित पवार ने आरोप लगाया कि इन्फ्रास्ट्रक्चर के नाम पर खर्च किए जा रहे पैसे में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हो रहा है। उनके अनुसार, ₹1 लाख 40 हजार करोड़ की लागत से बन रहे शक्ति पीठ मार्ग में भी भारी अनियमितताएँ हैं।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इन्फ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं से निकाले गए पैसे का उपयोग विधायकों और सांसदों को खरीदने के लिए किया जा रहा है। ये आरोप गंभीर हैं और सरकार की ओर से अभी तक इन पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
इमारत हादसा और मुआवजे की माँग
रोहित पवार ने बताया कि एक दिन पहले मुंबई में इमारत गिरने से छह लोगों की मौत हो गई, जो सभी उत्तर प्रदेश के निवासी थे। उन्होंने माँग की कि बिना किसी भेदभाव के सभी पीड़ितों को मुआवजा दिया जाए।
उन्होंने यह भी कहा कि इमारत ढहने से दो दिन पहले ही वह हिलने लगी थी और ढहने की आशंका थी। यदि अधिकारी समय पर जाँच कर लेते तो हादसा टाला जा सकता था। पवार के अनुसार, दुर्भाग्यवश कोई भी अधिकारी मौके पर नहीं पहुँचा।
राम मंदिर मामले में न्यायिक जाँच की माँग
राम मंदिर विवाद में चंपत राय के इस्तीफे पर रोहित पवार ने कहा कि महज इस्तीफे से मामला खत्म नहीं हो जाता। उनके अनुसार, मंदिर निर्माण के दौरान और चढ़ावे में भी भ्रष्टाचार हुआ। उन्होंने माँग की कि इस्तीफा देने वालों के खिलाफ जाँच कर कार्रवाई की जाए और न्यायिक जाँच के माध्यम से न्याय सुनिश्चित किया जाए।
यह मामला ऐसे समय में उठा है जब मुंबई में मानसून की बारिश से कई इन्फ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो रहे हैं और विपक्ष सरकार पर लगातार दबाव बना रहा है।