दयाशंकर सिंह का दावा: BJP दोनों MLC सीटें जीतेगी, 2027 विधानसभा चुनाव में आएगी सुनामी
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री दयाशंकर सिंह ने 23 अक्टूबर 2026 को बलिया में बड़ा दावा करते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) विधान परिषद की दोनों सीटें जीतेगी और 2027 के विधानसभा चुनाव में BJP की लहर नहीं, बल्कि सुनामी आएगी। यह बयान ऐसे समय आया है जब उत्तर प्रदेश में विधान परिषद की 11 सीटों पर शुक्रवार को मतदान जारी था।
मंत्री का दावा और शिक्षक-स्नातक निर्वाचन क्षेत्र पर बयान
दयाशंकर सिंह ने कहा, 'विधान परिषद के शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में यह बुद्धिजीवी वर्ग है, जो देश का विकास चाहता है, प्रदेश में शांति व्यवस्था चाहता है। कानून का राज चाहता है। शिक्षण का माहौल चाहता है। सभी बच्चे शांतिपूर्वक शिक्षा ग्रहण करें और देश के लिए काम करें। तो ये भाजपा को वोट करेंगे।' उनके अनुसार शिक्षित और बुद्धिजीवी वर्ग BJP के पक्ष में खड़ा है।
समाजवादी पार्टी पर सीधा हमला
समाजवादी पार्टी (सपा) को निशाने पर लेते हुए दयाशंकर सिंह ने कहा, 'समाजवादी पार्टी हार रही है। 2014, 2017, 2019, 2022 में लगातार हार रही है। 27 में तो यहाँ सुनामी बहने वाली है।' उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जब सपा सत्ता में थी तो उसने लोगों पर अत्याचार किए। गौरतलब है कि सपा के राज्यसभा सदस्य राम गोपाल यादव ने इस एमएलसी चुनाव को 2027 के विधानसभा चुनाव से असंबद्ध बताया है।
अखिलेश-आजम मुलाकात पर तंज
सपा प्रमुख अखिलेश यादव की आजम खान से हुई मुलाकात पर भी मंत्री ने कटाक्ष किया। उन्होंने कहा, 'उन लोगों को अपने वर्ग विशेष के वोट का डर सता रहा है। जब ओवैसी उत्तर प्रदेश में सक्रिय हुए हैं तो उन लोगों को अपने समुदाय के वोट का डर सता रहा है। इसलिए वे सोच रहे हैं कि आजम खान के कारण नैया पार हो जाए। समाजवादी पार्टी आजम खान की चिंता भी देर से कर रही है।'
MLC चुनाव का राजनीतिक संदर्भ
यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश की राजनीति में 2027 के विधानसभा चुनाव की आहटें अभी से सुनाई देने लगी हैं। विधान परिषद के शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों को पारंपरिक रूप से विपक्ष का गढ़ माना जाता रहा है, इसलिए BJP का इन सीटों पर दावेदारी जताना राजनीतिक रूप से महत्त्वपूर्ण है। दोनों पक्षों की ओर से आ रहे तीखे बयान यह स्पष्ट करते हैं कि MLC चुनाव के नतीजों को 2027 के लिए एक संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
आगे क्या
विधान परिषद की 11 सीटों पर मतगणना के परिणाम स्पष्ट होने के बाद यह तय होगा कि BJP का यह आत्मविश्वास कितना सटीक था। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार इन नतीजों को योगी सरकार की लोकप्रियता का एक अनौपचारिक पैमाना माना जाएगा।