23 अक्टूबर 2026
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दयाशंकर सिंह का दावा: BJP दोनों MLC सीटें जीतेगी, 2027 विधानसभा चुनाव में आएगी सुनामी

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दयाशंकर सिंह का दावा: BJP दोनों MLC सीटें जीतेगी, 2027 विधानसभा चुनाव में आएगी सुनामी

सारांश

उत्तर प्रदेश में MLC चुनाव के मतदान के बीच मंत्री दयाशंकर सिंह ने बलिया से BJP की दोनों सीटें जीतने और 2027 में 'सुनामी' का दावा किया। सपा पर अत्याचार के आरोप और अखिलेश-आजम मुलाकात पर तंज — राजनीतिक बयानबाजी तेज।

मुख्य बातें

यूपी सरकार के मंत्री दयाशंकर सिंह ने 23 अक्टूबर 2026 को बलिया में कहा कि BJP दोनों MLC सीटें जीतेगी।
उन्होंने दावा किया कि 2027 के विधानसभा चुनाव में BJP की 'सुनामी' आएगी।
सपा के राज्यसभा सदस्य राम गोपाल यादव ने MLC चुनाव को 2027 से असंबद्ध बताया।
मंत्री ने अखिलेश यादव की आजम खान से मुलाकात पर तंज कसते हुए सपा पर वोट-बैंक की राजनीति का आरोप लगाया।
उत्तर प्रदेश विधान परिषद की 11 सीटों पर शुक्रवार को मतदान जारी रहा।

उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री दयाशंकर सिंह ने 23 अक्टूबर 2026 को बलिया में बड़ा दावा करते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) विधान परिषद की दोनों सीटें जीतेगी और 2027 के विधानसभा चुनाव में BJP की लहर नहीं, बल्कि सुनामी आएगी। यह बयान ऐसे समय आया है जब उत्तर प्रदेश में विधान परिषद की 11 सीटों पर शुक्रवार को मतदान जारी था।

मंत्री का दावा और शिक्षक-स्नातक निर्वाचन क्षेत्र पर बयान

दयाशंकर सिंह ने कहा, 'विधान परिषद के शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में यह बुद्धिजीवी वर्ग है, जो देश का विकास चाहता है, प्रदेश में शांति व्यवस्था चाहता है। कानून का राज चाहता है। शिक्षण का माहौल चाहता है। सभी बच्चे शांतिपूर्वक शिक्षा ग्रहण करें और देश के लिए काम करें। तो ये भाजपा को वोट करेंगे।' उनके अनुसार शिक्षित और बुद्धिजीवी वर्ग BJP के पक्ष में खड़ा है।

समाजवादी पार्टी पर सीधा हमला

समाजवादी पार्टी (सपा) को निशाने पर लेते हुए दयाशंकर सिंह ने कहा, 'समाजवादी पार्टी हार रही है। 2014, 2017, 2019, 2022 में लगातार हार रही है। 27 में तो यहाँ सुनामी बहने वाली है।' उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जब सपा सत्ता में थी तो उसने लोगों पर अत्याचार किए। गौरतलब है कि सपा के राज्यसभा सदस्य राम गोपाल यादव ने इस एमएलसी चुनाव को 2027 के विधानसभा चुनाव से असंबद्ध बताया है।

अखिलेश-आजम मुलाकात पर तंज

सपा प्रमुख अखिलेश यादव की आजम खान से हुई मुलाकात पर भी मंत्री ने कटाक्ष किया। उन्होंने कहा, 'उन लोगों को अपने वर्ग विशेष के वोट का डर सता रहा है। जब ओवैसी उत्तर प्रदेश में सक्रिय हुए हैं तो उन लोगों को अपने समुदाय के वोट का डर सता रहा है। इसलिए वे सोच रहे हैं कि आजम खान के कारण नैया पार हो जाए। समाजवादी पार्टी आजम खान की चिंता भी देर से कर रही है।'

MLC चुनाव का राजनीतिक संदर्भ

यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश की राजनीति में 2027 के विधानसभा चुनाव की आहटें अभी से सुनाई देने लगी हैं। विधान परिषद के शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों को पारंपरिक रूप से विपक्ष का गढ़ माना जाता रहा है, इसलिए BJP का इन सीटों पर दावेदारी जताना राजनीतिक रूप से महत्त्वपूर्ण है। दोनों पक्षों की ओर से आ रहे तीखे बयान यह स्पष्ट करते हैं कि MLC चुनाव के नतीजों को 2027 के लिए एक संकेत के रूप में देखा जा रहा है।

आगे क्या

विधान परिषद की 11 सीटों पर मतगणना के परिणाम स्पष्ट होने के बाद यह तय होगा कि BJP का यह आत्मविश्वास कितना सटीक था। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार इन नतीजों को योगी सरकार की लोकप्रियता का एक अनौपचारिक पैमाना माना जाएगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि MLC के शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्र — जो परंपरागत रूप से विपक्ष के अनुकूल रहे हैं — वहाँ BJP की असली पकड़ कितनी है। सपा के राम गोपाल यादव का इस चुनाव को 2027 से अलग करने का प्रयास भी रणनीतिक है — हार को अलग-थलग करने की कोशिश। अखिलेश-आजम मुलाकात पर BJP का तंज यह दर्शाता है कि दोनों पक्ष अल्पसंख्यक वोट गणित पर पैनी नजर रखे हैं। MLC नतीजे जो भी हों, असली लड़ाई का ड्रेस रिहर्सल अभी शुरू हो चुका है।
RashtraPress
23 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दयाशंकर सिंह ने MLC चुनाव को लेकर क्या दावा किया?
यूपी सरकार के मंत्री दयाशंकर सिंह ने 23 अक्टूबर 2026 को बलिया में कहा कि BJP विधान परिषद की दोनों सीटें जीतेगी। उन्होंने यह भी दावा किया कि 2027 के विधानसभा चुनाव में BJP की लहर नहीं, सुनामी आएगी।
उत्तर प्रदेश MLC चुनाव 2026 में कितनी सीटों पर मतदान हो रहा है?
उत्तर प्रदेश विधान परिषद की 11 सीटों पर 23 अक्टूबर 2026 को मतदान हुआ। इनमें शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की सीटें शामिल हैं।
समाजवादी पार्टी ने MLC चुनाव पर क्या कहा?
सपा के राज्यसभा सदस्य राम गोपाल यादव ने कहा कि इस MLC चुनाव का 2027 के विधानसभा चुनाव से कोई सीधा संबंध नहीं है। उनके अनुसार, दोनों चुनावों को एक साथ नहीं जोड़ा जाना चाहिए।
दयाशंकर सिंह ने अखिलेश यादव और आजम खान की मुलाकात पर क्या कहा?
मंत्री दयाशंकर सिंह ने तंज कसते हुए कहा कि सपा को वर्ग विशेष के वोट जाने का डर है, खासकर जब ओवैसी उत्तर प्रदेश में सक्रिय हो गए हैं। उन्होंने कहा कि सपा आजम खान की चिंता भी देर से कर रही है।
2027 UP विधानसभा चुनाव के लिए MLC नतीजों का क्या महत्त्व है?
MLC के शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्र पारंपरिक रूप से विपक्ष के अनुकूल माने जाते हैं, इसलिए इन नतीजों को 2027 के लिए BJP की स्थिति का अनौपचारिक संकेत माना जाएगा। दोनों पक्ष इन परिणामों को अपने-अपने पक्ष में भुनाने की कोशिश करेंगे।
राष्ट्र प्रेस
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