28 अक्टूबर 2026
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यूपी एमएलसी चुनाव: भाजपा मंत्रियों ने जीत का दावा किया, राजभर ने मदनी और विपक्ष पर साधा निशाना

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यूपी एमएलसी चुनाव: भाजपा मंत्रियों ने जीत का दावा किया, राजभर ने मदनी और विपक्ष पर साधा निशाना

सारांश

यूपी एमएलसी चुनाव की मतगणना के बीच भाजपा मंत्रियों ने जीत के दावे कर दिए। ओम प्रकाश राजभर ने मौलाना अरशद मदनी और विपक्ष पर हमला बोला, तो नरेंद्र कश्यप ने सपा को लोकतांत्रिक संस्थाओं पर भरोसा रखने की नसीहत दी — परिणामों से पहले ही राजनीतिक बयानबाज़ी तेज़ हो गई।

मुख्य बातें

मंत्री दया शंकर सिंह ने दावा किया कि भाजपा पश्चिमी क्षेत्र की सभी चार एमएलसी सीटें जीत रही है।
मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने मौलाना अरशद मदनी सहित कुछ मौलवियों पर मुस्लिम वोटों को कांग्रेस-सपा के लिए संगठित करने का आरोप लगाया।
राजभर के अनुसार आज़ादी के बाद सरकारी नौकरियों में मुसलमानों की हिस्सेदारी 38% से घटकर 1% से कम हो गई है।
मंत्री नरेंद्र कुमार कश्यप ने समाजवादी पार्टी से चुनाव आयोग पर भरोसा रखने की अपील की।
BJP ने विपक्ष के 'अराजकता' फैलाने के आरोपों के जवाब में राष्ट्रव्यापी पदयात्रा शुरू की है।

उत्तर प्रदेश में एमएलसी चुनाव की मतगणना के बीच 28 अक्टूबर 2026 को प्रदेश सरकार के कई मंत्रियों ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) की जीत का दावा करते हुए विपक्ष पर तीखे प्रहार किए। बलिया, अंबेडकर नगर और गाजियाबाद से आई प्रतिक्रियाओं में मंत्रियों ने समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस को लोकतांत्रिक संस्थाओं पर भरोसा रखने की नसीहत दी।

मुख्य घटनाक्रम

बलिया में उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री दया शंकर सिंह ने कहा कि नतीजे आने से पहले ही यह स्पष्ट है कि भाजपा हर जगह जीत रही है। उन्होंने दावा किया कि पश्चिमी क्षेत्र में BJP ने सभी चार सीटों पर जीत दर्ज की है। सिंह ने कहा, 'पहले नतीजे आने दिए जाने चाहिए।'

अंबेडकर नगर में मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने भी जीत का दावा करते हुए मौलाना अरशद मदनी सहित कुछ मौलवियों पर गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना था कि ये मौलवी मुस्लिम समाज के वास्तविक हितों — बेहतर शिक्षा, स्वास्थ्य सुविधाएँ और रोज़गार के अवसर — की परवाह नहीं करते।

राजभर के आरोप

राजभर ने आरोप लगाया कि ये मौलवी कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के समर्थन में मुसलमानों को एकजुट करते हैं और फिर भाजपा का नाम लेकर डर का माहौल बनाते हैं। उन्होंने दावा किया कि आज़ादी के बाद सरकारी नौकरियों में मुसलमानों की हिस्सेदारी 38 प्रतिशत थी, जो अब घटकर एक प्रतिशत से भी कम रह गई है।

राजभर के अनुसार, इस गिरावट के लिए भाजपा नहीं, बल्कि वे मौलवी ज़िम्मेदार हैं जो दशकों से कांग्रेस और सपा का साथ देते रहे। उन्होंने यह भी कहा कि विपक्ष देश में अराजकता का वातावरण निर्मित कर रहा है और सरकार को बदनाम करने की कोशिश में लगा है। इसके जवाब में BJP ने राष्ट्रव्यापी पदयात्रा शुरू की है।

कश्यप की सपा को नसीहत

उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री नरेंद्र कुमार कश्यप ने अखिलेश यादव और समाजवादी पार्टी के नेताओं से लोकतंत्र तथा चुनाव आयोग पर भरोसा रखने की अपील की। उन्होंने सपा से आग्रह किया कि वह अपने कार्यकर्ताओं को डराने-धमकाने के बजाय लोकतांत्रिक संस्थाओं पर विश्वास करे।

कश्यप ने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी अपनी कमज़ोरियों के कारण चुनाव हारती है और हार की ज़िम्मेदारी स्वीकार करने की बजाय चुनाव आयोग तथा पुलिस पर दोष मढ़ती है। उनके अनुसार, उत्तर प्रदेश की जनता इन बातों को भली-भाँति समझती है।

राजनीतिक पृष्ठभूमि

यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में BJP और विपक्ष के बीच राजनीतिक तनाव चरम पर है। गौरतलब है कि एमएलसी चुनाव परिणाम राज्य की विधान परिषद में शक्ति-संतुलन को प्रभावित करते हैं। आलोचकों का कहना है कि मतगणना पूरी होने से पहले जीत के दावे राजनीतिक बयानबाज़ी का हिस्सा हैं।

आगे देखें तो अंतिम परिणामों के बाद उत्तर प्रदेश की विधान परिषद में दलीय शक्ति का नया समीकरण उभरेगा, जो राज्य सरकार की विधायी रणनीति को भी प्रभावित कर सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

नैरेटिव-सेटिंग अधिक है। राजभर का मुस्लिम रोज़गार आँकड़ा — आज़ादी के बाद 38% से 1% से कम — एक गंभीर दावा है, जिसके स्रोत और कालक्रम की स्वतंत्र पुष्टि ज़रूरी है; बिना सत्यापन के यह एक राजनीतिक संख्या बनकर रह जाती है। कश्यप की सपा को 'चुनाव आयोग पर भरोसा रखने' की नसीहत उस समय आती है जब विपक्ष नियमित रूप से चुनावी निकाय की निष्पक्षता पर सवाल उठाता है — यह बहस राज्य-विशिष्ट नहीं, बल्कि राष्ट्रीय लोकतांत्रिक स्वास्थ्य का प्रश्न है। मुख्यधारा की कवरेज जो अक्सर चूक जाती है, वह यह है कि एमएलसी परिणाम विधान परिषद के शक्ति-संतुलन को बदल सकते हैं — जो राज्य सरकार के विधायी एजेंडे के लिए व्यावहारिक महत्व रखता है।
RashtraPress
28 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

यूपी एमएलसी चुनाव 2026 में भाजपा ने कितनी सीटें जीतने का दावा किया?
मंत्री दया शंकर सिंह के अनुसार, भाजपा ने पश्चिमी क्षेत्र की सभी चार एमएलसी सीटें जीती हैं और पूरे प्रदेश में भी पार्टी आगे चल रही है। हालाँकि, यह दावा मतगणना के दौरान किया गया, अंतिम परिणाम बाद में आने थे।
ओम प्रकाश राजभर ने मौलाना अरशद मदनी पर क्या आरोप लगाए?
मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने आरोप लगाया कि मौलाना अरशद मदनी सहित कुछ मौलवी मुस्लिम समुदाय को कांग्रेस और सपा के लिए संगठित करते हैं तथा भाजपा का डर दिखाकर उन्हें वोट के लिए प्रेरित करते हैं। उन्होंने कहा कि ये मौलवी मुसलमानों की शिक्षा, स्वास्थ्य और रोज़गार जैसी बुनियादी ज़रूरतों की परवाह नहीं करते।
राजभर ने मुस्लिम सरकारी नौकरियों के बारे में क्या दावा किया?
राजभर ने दावा किया कि आज़ादी के बाद सरकारी नौकरियों में मुसलमानों की हिस्सेदारी 38 प्रतिशत थी, जो अब घटकर एक प्रतिशत से भी कम रह गई है। उनके अनुसार इसके लिए वे नेता और मौलवी ज़िम्मेदार हैं जो मुसलमानों को कांग्रेस और सपा की राजनीति में उलझाए रखते हैं।
मंत्री नरेंद्र कुमार कश्यप ने समाजवादी पार्टी को क्या नसीहत दी?
मंत्री नरेंद्र कुमार कश्यप ने सपा नेताओं से अपील की कि वे लोकतंत्र और चुनाव आयोग पर भरोसा रखें। उन्होंने कहा कि सपा को अपनी कमज़ोरियों के कारण चुनाव में मिलने वाली हार के लिए चुनाव आयोग या पुलिस पर दोष मढ़ने के बजाय आत्ममंथन करना चाहिए।
एमएलसी चुनाव परिणाम उत्तर प्रदेश की राजनीति पर क्या असर डालेंगे?
एमएलसी परिणाम उत्तर प्रदेश की विधान परिषद में दलीय शक्ति-संतुलन को प्रभावित करेंगे, जो राज्य सरकार की विधायी रणनीति के लिए महत्त्वपूर्ण है। भाजपा की बढ़त परिषद में उसकी स्थिति और मज़बूत कर सकती है, जबकि विपक्ष के लिए यह परिणाम उनकी राजनीतिक दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएगा।
राष्ट्र प्रेस
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