नोएडा में मोबाइल स्नैचर गिरफ्तार: 4 फोन, फर्जी नंबर प्लेट और KTM बाइक बरामद
सारांश
मुख्य बातें
नोएडा के सेक्टर-113 थाने की पुलिस ने 17 सितंबर 2026 को एफएनजी कट के पास चेकिंग अभियान के दौरान एक शातिर मोबाइल स्नैचर को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपी की पहचान पुनीत उर्फ प्रिंस, पुत्र विनोद, उम्र 23 वर्ष, के रूप में हुई है, जिसके कब्जे से स्नैचिंग और चोरी के चार मोबाइल फोन, एक अवैध चाकू और वारदात में इस्तेमाल की गई केटीएम ड्यूक मोटरसाइकिल बरामद की गई है।
गिरफ्तारी का घटनाक्रम
पुलिस के अनुसार, थाना सेक्टर-113 की टीम 17 सितंबर 2026 की शाम एफएनजी कट के पास संदिग्ध व्यक्तियों की तलाश में तैनात थी। इसी दौरान आरोपी पुनीत उर्फ प्रिंस को संदेह के आधार पर रोककर उसकी तलाशी ली गई। उसके कब्जे से थाना सेक्टर-113 में दर्ज एक मुकदमे से संबंधित एक स्नैच किया हुआ मोबाइल फोन तत्काल बरामद हुआ।
आगे की पूछताछ और गहन तलाशी में तीन और मोबाइल फोन सामने आए, जिनके बारे में आरोपी ने राह चलते लोगों से चोरी व स्नैचिंग करने की बात स्वीकार की। पुलिस ने इसके साथ ही उसके पास से एक अवैध चाकू और वारदातों में इस्तेमाल होने वाली केटीएम ड्यूक बाइक भी जब्त कर ली।
फर्जी नंबर प्लेट — पहचान छिपाने की कोशिश
आरोपी की मोटरसाइकिल के साथ दो फर्जी नंबर प्लेटें बरामद होना इस मामले का अहम पहलू है। पुलिस इस बात की जाँच कर रही है कि आरोपी वारदात के दौरान पहचान छिपाने के लिए अलग-अलग नंबर प्लेटों का इस्तेमाल करता था या नहीं। यह तरीका शातिर अपराधियों द्वारा निगरानी कैमरों से बचने के लिए अपनाया जाता है।
आरोपी का आपराधिक इतिहास
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, पुनीत उर्फ प्रिंस का आपराधिक इतिहास कई जिलों तक फैला है। वर्ष 2021 में थाना देवबंद, जनपद सहारनपुर में उसके खिलाफ चोरी और चोरी का माल बरामद होने से संबंधित मुकदमा दर्ज था। वर्ष 2024 में थाना इंदिरापुरम, गाजियाबाद में लूट और चोरी के माल से जुड़े कई मुकदमे दर्ज हुए।
इसके अलावा थाना इंदिरापुरम और थाना सेक्टर-113, नोएडा में भी उसके विरुद्ध मुकदमे दर्ज हैं। आरोपी का वर्तमान पता सी-2, गली नंबर-16, हर्ष विहार, दिल्ली-93 बताया गया है, जबकि उसका स्थायी पता ग्राम नीमका, थाना जेवर, गौतमबुद्धनगर है।
आम जनता पर असर और जाँच की दिशा
पुलिस अब बरामद चारों मोबाइल फोन का मिलान विभिन्न थानों में दर्ज स्नैचिंग व चोरी की शिकायतों से करने में जुटी है। साथ ही यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि आरोपी के साथ किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता थी या नहीं।
गौरतलब है कि नोएडा-गाजियाबाद क्षेत्र में दोपहिया वाहनों पर सवार स्नैचरों की घटनाएँ लगातार चिंता का विषय रही हैं। फर्जी नंबर प्लेटों का इस्तेमाल इन अपराधियों को पकड़ना और कठिन बना देता है। पुलिस की इस कार्रवाई से कई लंबित मुकदमों के सुलझने की संभावना है।