दिल्ली में 'मंडे मेट्रो' अभियान शुरू, अधिकारियों ने मेट्रो-ई-रिक्शा से पहुंचा दफ्तर

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दिल्ली में 'मंडे मेट्रो' अभियान शुरू, अधिकारियों ने मेट्रो-ई-रिक्शा से पहुंचा दफ्तर

सारांश

'मंडे मेट्रो' सिर्फ एक अभियान नहीं — यह दिल्ली सरकार का वह संदेश है कि बदलाव ऊपर से शुरू होता है। जब जिलाधिकारी खुद मेट्रो में बैठते हैं, तो यह नागरिकों को निजी वाहन छोड़ने की सबसे सीधी अपील बन जाती है।

मुख्य बातें

दिल्ली सरकार ने 18 मई 2026 को 'मंडे मेट्रो' अभियान की शुरुआत की।
पश्चिमी दिल्ली के जिलाधिकारी हरि कलिकट ने एडीएम और एसडीएम के साथ मेट्रो व ई-रिक्शा से दफ्तर पहुँचे।
अभियान का लक्ष्य ईंधन की खपत, यातायात जाम और वायु प्रदूषण में कमी लाना है।
पश्चिमी दिल्ली का लगभग पूरा सरकारी स्टाफ इस दिन सार्वजनिक परिवहन से कार्यालय पहुँचा।
अभियान को प्रत्येक सोमवार नियमित रूप से जारी रखने की योजना है।

दिल्ली सरकार ने 18 मई 2026 को 'मंडे मेट्रो' अभियान की शुरुआत की, जिसके तहत राजधानी के सरकारी अधिकारियों ने सोमवार को निजी वाहनों की जगह मेट्रो और ई-रिक्शा से कार्यालय पहुँचे। यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ऊर्जा-बचत की अपील के अनुरूप शुरू की गई है, जिसका उद्देश्य ईंधन की खपत घटाना, यातायात का दबाव कम करना और वायु प्रदूषण पर अंकुश लगाना है।

मुख्य घटनाक्रम

पश्चिमी दिल्ली जिले के जिलाधिकारी हरि कलिकट ने अपर जिलाधिकारी (एडीएम) और उपजिलाधिकारी (एसडीएम) के साथ मेट्रो और ई-रिक्शा से अपने कार्यालय तक का सफर तय किया। उन्होंने बताया कि पश्चिमी दिल्ली का लगभग पूरा स्टाफ इस दिन सार्वजनिक परिवहन के माध्यम से दफ्तर पहुँचा।

जिलाधिकारी कलिकट ने कहा, 'दिल्ली सरकार ने 'मंडे मेट्रो' अभियान शुरू किया है। सभी अधिकारी आज मेट्रो से ही कार्यालय पहुँचे हैं। मैं स्वयं मेट्रो के जरिए अपने दफ्तर पहुँचा हूँ। मैं लोगों से अपील करता हूँ कि सभी को ऊर्जा बचत के उपायों को अपनाना चाहिए, जिससे देश का भी भला होगा।'

अभियान का उद्देश्य और संदेश

जिलाधिकारी ने यह भी कहा कि इस तरह की पहल को प्रत्येक सोमवार नियमित रूप से जारी रखा जाना चाहिए। उन्होंने 'राष्ट्र प्रथम' की भावना को रेखांकित करते हुए नागरिकों से प्रधानमंत्री मोदी की ऊर्जा-बचत की अपील को अपने दैनिक जीवन में अपनाने का आग्रह किया। यह अभियान ऐसे समय में आया है जब नई दिल्ली देश के सर्वाधिक वायु-प्रदूषित और यातायात-जाम वाले शहरों में से एक बनी हुई है।

आम जनता पर असर और प्रतिक्रिया

मेट्रो में सफर करने वाले यात्रियों ने इस पहल का खुलकर स्वागत किया। एक यात्री ने कहा, 'दिल्ली सरकार ने सही पहल शुरू की है। अगर लोग कार से जाते हैं तो उन्हें कार पूल करना चाहिए। कार में अकेले चलने से सड़कों पर जाम की स्थिति भी बनती है।'

एक अन्य यात्री ने कहा, 'इस पहल से यात्रियों के पैसों की बचत होगी और इससे प्रदूषण से भी राहत मिलेगी। जितना हो सके, लोगों को सार्वजनिक वाहनों में सफर करना चाहिए।' नागरिकों का मानना है कि सार्वजनिक परिवहन का व्यापक उपयोग ट्रैफिक, ईंधन खपत और प्रदूषण — तीनों समस्याओं का एक साथ समाधान कर सकता है।

विशेषज्ञ क्या कहते हैं

शहरी परिवहन विशेषज्ञों के अनुसार, सरकारी अधिकारियों का सार्वजनिक परिवहन अपनाना एक प्रतीकात्मक लेकिन प्रभावशाली कदम है, जो नागरिकों को व्यवहार बदलने के लिए प्रेरित कर सकता है। गौरतलब है कि दिल्ली मेट्रो प्रतिदिन 60 लाख से अधिक यात्रियों को सेवा देती है, और यदि निजी वाहनों का एक हिस्सा भी मेट्रो की ओर स्थानांतरित हो, तो इसका सकारात्मक असर वायु गुणवत्ता पर पड़ सकता है।

क्या होगा आगे

दिल्ली सरकार की मंशा इस अभियान को प्रत्येक सोमवार की नियमित परंपरा बनाने की है। यदि यह पहल सरकारी विभागों से आगे बढ़कर निजी क्षेत्र और आम नागरिकों तक पहुँचती है, तो यह राजधानी की यातायात और पर्यावरण चुनौतियों से निपटने में दीर्घकालिक योगदान दे सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

कितना ईंधन बचा। दिल्ली में वायु प्रदूषण और यातायात की समस्या दशकों पुरानी है और इसके लिए एक दिन की सवारी से कहीं अधिक संरचनात्मक बदलाव की ज़रूरत है। फिर भी, जब अधिकारी खुद मेट्रो में बैठते हैं, तो यह नागरिकों को व्यवहार बदलने का एक ठोस संकेत देता है। असली कसौटी यह होगी कि क्या यह अभियान अगले महीने भी उतनी ही ईमानदारी से जारी रहता है।
RashtraPress
18 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'मंडे मेट्रो' अभियान क्या है?
'मंडे मेट्रो' दिल्ली सरकार की एक ऊर्जा-बचत पहल है जिसके तहत सरकारी अधिकारी प्रत्येक सोमवार को निजी वाहन छोड़कर मेट्रो या अन्य सार्वजनिक परिवहन से कार्यालय पहुँचते हैं। यह अभियान 18 मई 2026 को शुरू हुआ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ऊर्जा-बचत की अपील से प्रेरित है।
इस अभियान की शुरुआत किसने की और कब हुई?
दिल्ली सरकार ने 18 मई 2026 को 'मंडे मेट्रो' अभियान की शुरुआत की। पश्चिमी दिल्ली के जिलाधिकारी हरि कलिकट ने एडीएम और एसडीएम के साथ मेट्रो व ई-रिक्शा से दफ्तर पहुँचकर इसकी अगुआई की।
'मंडे मेट्रो' से आम नागरिकों को क्या फायदा होगा?
सार्वजनिक परिवहन के बढ़ते उपयोग से यातायात जाम में कमी, ईंधन खर्च में बचत और वायु प्रदूषण में कटौती की उम्मीद है। यात्रियों के अनुसार, कार पूलिंग और मेट्रो का उपयोग सड़कों पर वाहनों का बोझ घटाने का सबसे व्यावहारिक तरीका है।
क्या यह अभियान केवल सरकारी अधिकारियों के लिए है?
अभियान की शुरुआत सरकारी अधिकारियों से हुई है, लेकिन जिलाधिकारी हरि कलिकट ने आम नागरिकों से भी सार्वजनिक परिवहन अपनाने और ऊर्जा बचत में योगदान देने की अपील की है। सरकार की मंशा इसे एक व्यापक जन-आंदोलन का रूप देने की है।
यह अभियान आगे भी जारी रहेगा?
जिलाधिकारी कलिकट ने स्पष्ट किया कि 'मंडे मेट्रो' को प्रत्येक सोमवार की नियमित परंपरा बनाया जाना चाहिए। दिल्ली सरकार की योजना इसे साप्ताहिक अभियान के रूप में जारी रखने की है।
राष्ट्र प्रेस
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