बरगी बांध हादसा: MP हाईकोर्ट ने पूरे राज्य में क्रूज और बोटिंग पर रोक लगाई, 3 महीने में जांच रिपोर्ट
मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने 12 मई 2025 को बरगी बांध क्रूज त्रासदी के मद्देनज़र पूरे राज्य में क्रूज सेवाओं और बोटिंग क्लबों के संचालन पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। जबलपुर के निकट बरगी बांध जलाशय में 30 अप्रैल को हुई इस दुर्घटना में 13 पर्यटकों की मौत हो गई थी, जिनमें 8 महिलाएं, 4 बच्चे और 1 पुरुष शामिल थे। यह निर्देश न्यायिक जांच की अवधि तक लागू रहेगा।
मुख्य घटनाक्रम
यह आदेश मुख्य न्यायाधीश संजीव सचदेवा और न्यायमूर्ति विनय सर्राफ की खंडपीठ ने जनहित याचिकाओं (PIL) की सुनवाई के दौरान पारित किया। इन याचिकाओं में सामाजिक कार्यकर्ता पुष्पा तिवारी द्वारा दायर मुख्य याचिका भी शामिल थी, जिसमें घटना की तत्काल और निष्पक्ष जांच की माँग की गई थी।
सुनवाई के दौरान मध्य प्रदेश सरकार ने अदालत में अपना जवाब दाखिल किया और बताया कि उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश न्यायमूर्ति संजय द्विवेदी की अध्यक्षता में एक न्यायिक जांच समिति का गठन किया जा चुका है।
जांच समिति का दायरा
हाई कोर्ट ने जांच पैनल को निर्देश दिया कि वह घटना के सभी पहलुओं की व्यापक जांच करे। इसमें विशेष रूप से यह देखा जाएगा कि क्रूज संचालन के दौरान सुरक्षा मानदंडों और परिचालन मानकों का उल्लंघन हुआ था या नहीं। सरकार ने अदालत को सूचित किया कि समिति तीन महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।
अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि कोई भी नागरिक जो इस त्रासदी से संबंधित जानकारी या सुझाव देना चाहता है, वह जांच समिति के समक्ष अपने विचार प्रस्तुत कर सकता है।
याचिकाकर्ता की प्रतिक्रिया
याचिकाकर्ता पुष्पा तिवारी की ओर से पेश हुए अधिवक्ता गोपेश यश तिवारी ने मीडिया को बताया कि ये याचिकाएं घटना की तत्काल और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से दायर की गई थीं। उन्होंने कहा,