मध्य प्रदेश में MSME-IDC की स्थापना होगी, निजी औद्योगिक पार्क पर ₹50 लाख/हेक्टेयर अनुदान: CM मोहन यादव
सारांश
मुख्य बातें
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 1 नवंबर 2026 को भोपाल में राज्य के 71वें स्थापना दिवस के अवसर पर एक नई 'एमएसएमई औद्योगिक विकास कंपनी' (MSME-IDC) के गठन की घोषणा की। यह राज्य-स्वामित्व वाली इकाई विशेष रूप से सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSME) के संवर्धन और अवसंरचना विकास को समर्पित होगी। कार्यक्रम में उद्यमियों और युवा निवेशकों को संबोधित करते हुए यादव ने राज्य को औद्योगिक निवेश का प्रमुख केंद्र बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई।
MSME-IDC क्या है और इसकी भूमिका क्या होगी
मुख्यमंत्री यादव ने बताया कि MSME-IDC पूरी तरह मध्य प्रदेश सरकार के स्वामित्व में होगी। यह इकाई मध्य प्रदेश औद्योगिक विकास निगम (MPIDC) के मॉडल पर काम करेगी, लेकिन इसका फोकस केवल MSME क्षेत्र पर केंद्रित रहेगा। कंपनी सभी क्षेत्रों में भूमि सहित आवश्यक औद्योगिक अवसंरचना उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
गौरतलब है कि मध्य प्रदेश में MSME क्षेत्र रोज़गार सृजन की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है, लेकिन अब तक इस क्षेत्र के लिए कोई समर्पित सरकारी संस्था नहीं थी। MSME-IDC की स्थापना इस अंतर को भरने का प्रयास है।
निजी औद्योगिक पार्क और भूमि आवंटन की घोषणाएँ
यादव ने घोषणा की कि अब निजी निवेशकों को औद्योगिक पार्क विकसित करने की अनुमति दी जाएगी, जिसके लिए राज्य सरकार ₹50 लाख प्रति हेक्टेयर का अनुदान प्रदान करेगी। इसके अलावा, राज्य के प्रत्येक जिले में दो महीने के भीतर MSME इकाइयों के लिए भूमि उपलब्ध कराने का वादा किया गया। यह कदम औद्योगिक विकास को राज्य के दूरदराज़ के जिलों तक ले जाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
यह ऐसे समय में आया है जब राज्य 2025-26 में 220 हेक्टेयर में फैले 13 नए औद्योगिक क्षेत्र विकसित कर चुका है और मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना के तहत हज़ारों उद्यमियों को ऋण उपलब्ध कराया जा चुका है।
मंत्री चेतन कश्यप का बयान और भूखंड आवंटन के आँकड़े
राज्य के लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री चेतन कश्यप ने कहा कि विभिन्न निवेशक सम्मेलनों में मुख्यमंत्री के प्रयासों के परिणामस्वरूप मध्य प्रदेश अब निवेशकों की पहली पसंद बन गया है। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष ही उद्यमियों को 1,250 भूखंड आवंटित किए गए हैं और चालू वित्त वर्ष में यह आँकड़ा 3,000 तक पहुँचने की उम्मीद है।
कश्यप के ये आँकड़े राज्य की औद्योगिक नीति में तेज़ी का संकेत देते हैं, हालाँकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी सामने नहीं आई है।
ऊर्जा क्षेत्र और आत्मनिर्भर भारत पर जोर
मुख्यमंत्री यादव ने वैश्विक संकटों के बावजूद देश में पेट्रोलियम की निरंतर उपलब्धता का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व को दिया। उन्होंने कहा कि मोदी के नेतृत्व में देश की ऊर्जा क्षमता तेज़ी से बढ़ रही है और भारत आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर है।
आगे की राह
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य का भविष्य निवेश, उद्योग और नवाचार की तिकड़ी पर टिका है। उन्होंने युवा उद्यमियों को आश्वस्त किया कि सरकार उनके नवाचारों और निवेशों को बढ़ावा देने के लिए हर संभव सहायता देगी। MSME-IDC के विधिवत गठन और निजी औद्योगिक पार्क नीति की विस्तृत अधिसूचना जल्द जारी होने की उम्मीद है, जिससे राज्य में MSME क्षेत्र को नई गति मिल सकती है।