1 नवंबर 2026
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मध्य प्रदेश में MSME-IDC की स्थापना होगी, निजी औद्योगिक पार्क पर ₹50 लाख/हेक्टेयर अनुदान: CM मोहन यादव

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मध्य प्रदेश में MSME-IDC की स्थापना होगी, निजी औद्योगिक पार्क पर ₹50 लाख/हेक्टेयर अनुदान: CM मोहन यादव

सारांश

मध्य प्रदेश के 71वें स्थापना दिवस पर CM मोहन यादव ने MSME क्षेत्र के लिए एक समर्पित सरकारी कंपनी MSME-IDC बनाने का ऐलान किया। साथ ही निजी औद्योगिक पार्क पर ₹50 लाख प्रति हेक्टेयर अनुदान और दो माह में हर जिले में भूमि उपलब्ध कराने का वादा — राज्य की औद्योगिक महत्वाकांक्षा का नया अध्याय।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 1 नवंबर 2026 को MSME औद्योगिक विकास कंपनी (MSME-IDC) के गठन की घोषणा की।
MSME-IDC पूरी तरह मध्य प्रदेश सरकार के स्वामित्व में होगी और MPIDC के मॉडल पर काम करेगी।
निजी निवेशकों को औद्योगिक पार्क विकसित करने पर ₹50 लाख प्रति हेक्टेयर अनुदान मिलेगा।
राज्य के हर जिले में दो महीने के भीतर MSME के लिए भूमि उपलब्ध कराई जाएगी।
चालू वित्त वर्ष में उद्यमियों को 3,000 भूखंड आवंटित करने का लक्ष्य; पिछले वर्ष 1,250 भूखंड आवंटित हुए।
2025-26 में 220 हेक्टेयर में 13 नए औद्योगिक क्षेत्र विकसित किए गए हैं।

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 1 नवंबर 2026 को भोपाल में राज्य के 71वें स्थापना दिवस के अवसर पर एक नई 'एमएसएमई औद्योगिक विकास कंपनी' (MSME-IDC) के गठन की घोषणा की। यह राज्य-स्वामित्व वाली इकाई विशेष रूप से सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSME) के संवर्धन और अवसंरचना विकास को समर्पित होगी। कार्यक्रम में उद्यमियों और युवा निवेशकों को संबोधित करते हुए यादव ने राज्य को औद्योगिक निवेश का प्रमुख केंद्र बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई।

MSME-IDC क्या है और इसकी भूमिका क्या होगी

मुख्यमंत्री यादव ने बताया कि MSME-IDC पूरी तरह मध्य प्रदेश सरकार के स्वामित्व में होगी। यह इकाई मध्य प्रदेश औद्योगिक विकास निगम (MPIDC) के मॉडल पर काम करेगी, लेकिन इसका फोकस केवल MSME क्षेत्र पर केंद्रित रहेगा। कंपनी सभी क्षेत्रों में भूमि सहित आवश्यक औद्योगिक अवसंरचना उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

गौरतलब है कि मध्य प्रदेश में MSME क्षेत्र रोज़गार सृजन की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है, लेकिन अब तक इस क्षेत्र के लिए कोई समर्पित सरकारी संस्था नहीं थी। MSME-IDC की स्थापना इस अंतर को भरने का प्रयास है।

निजी औद्योगिक पार्क और भूमि आवंटन की घोषणाएँ

यादव ने घोषणा की कि अब निजी निवेशकों को औद्योगिक पार्क विकसित करने की अनुमति दी जाएगी, जिसके लिए राज्य सरकार ₹50 लाख प्रति हेक्टेयर का अनुदान प्रदान करेगी। इसके अलावा, राज्य के प्रत्येक जिले में दो महीने के भीतर MSME इकाइयों के लिए भूमि उपलब्ध कराने का वादा किया गया। यह कदम औद्योगिक विकास को राज्य के दूरदराज़ के जिलों तक ले जाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

यह ऐसे समय में आया है जब राज्य 2025-26 में 220 हेक्टेयर में फैले 13 नए औद्योगिक क्षेत्र विकसित कर चुका है और मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना के तहत हज़ारों उद्यमियों को ऋण उपलब्ध कराया जा चुका है।

मंत्री चेतन कश्यप का बयान और भूखंड आवंटन के आँकड़े

राज्य के लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री चेतन कश्यप ने कहा कि विभिन्न निवेशक सम्मेलनों में मुख्यमंत्री के प्रयासों के परिणामस्वरूप मध्य प्रदेश अब निवेशकों की पहली पसंद बन गया है। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष ही उद्यमियों को 1,250 भूखंड आवंटित किए गए हैं और चालू वित्त वर्ष में यह आँकड़ा 3,000 तक पहुँचने की उम्मीद है।

कश्यप के ये आँकड़े राज्य की औद्योगिक नीति में तेज़ी का संकेत देते हैं, हालाँकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी सामने नहीं आई है।

ऊर्जा क्षेत्र और आत्मनिर्भर भारत पर जोर

मुख्यमंत्री यादव ने वैश्विक संकटों के बावजूद देश में पेट्रोलियम की निरंतर उपलब्धता का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व को दिया। उन्होंने कहा कि मोदी के नेतृत्व में देश की ऊर्जा क्षमता तेज़ी से बढ़ रही है और भारत आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर है।

आगे की राह

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य का भविष्य निवेश, उद्योग और नवाचार की तिकड़ी पर टिका है। उन्होंने युवा उद्यमियों को आश्वस्त किया कि सरकार उनके नवाचारों और निवेशों को बढ़ावा देने के लिए हर संभव सहायता देगी। MSME-IDC के विधिवत गठन और निजी औद्योगिक पार्क नीति की विस्तृत अधिसूचना जल्द जारी होने की उम्मीद है, जिससे राज्य में MSME क्षेत्र को नई गति मिल सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा क्रियान्वयन में होगी — क्योंकि मध्य प्रदेश में पहले भी कई औद्योगिक योजनाएँ भूमि-आवंटन की बाधाओं में उलझती रही हैं। ₹50 लाख प्रति हेक्टेयर का अनुदान निजी पूंजी को आकर्षित कर सकता है, बशर्ते भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया पारदर्शी और त्वरित हो। 'दो महीने में हर जिले में भूमि' का वादा महत्वाकांक्षी है, लेकिन राज्य के आधे से अधिक जिलों में औद्योगिक अवसंरचना अभी भी कमज़ोर है। 3,000 भूखंड आवंटन का लक्ष्य तभी सार्थक होगा जब इकाइयाँ वास्तव में उत्पादन में आएं — केवल आवंटन के आँकड़े रोज़गार नहीं बनाते।
RashtraPress
1 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

MSME औद्योगिक विकास कंपनी (MSME-IDC) क्या है?
MSME-IDC मध्य प्रदेश सरकार द्वारा गठित की जाने वाली एक नई राज्य-स्वामित्व वाली कंपनी है, जो विशेष रूप से सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों के संवर्धन और औद्योगिक अवसंरचना विकास के लिए काम करेगी। इसकी घोषणा CM मोहन यादव ने 1 नवंबर 2026 को भोपाल में की।
निजी औद्योगिक पार्क पर मध्य प्रदेश सरकार कितना अनुदान देगी?
मध्य प्रदेश सरकार निजी निवेशकों को औद्योगिक पार्क विकसित करने पर ₹50 लाख प्रति हेक्टेयर का अनुदान प्रदान करेगी। यह घोषणा CM यादव ने राज्य स्थापना दिवस कार्यक्रम में की।
हर जिले में MSME के लिए भूमि कब तक मिलेगी?
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने घोषणा की है कि राज्य के प्रत्येक जिले में दो महीने के भीतर MSME इकाइयों के लिए भूमि उपलब्ध कराई जाएगी। यह कदम औद्योगिक विकास को राज्य के सभी क्षेत्रों तक पहुँचाने के उद्देश्य से उठाया जा रहा है।
मध्य प्रदेश में इस वित्त वर्ष कितने भूखंड आवंटित होंगे?
राज्य के MSME मंत्री चेतन कश्यप के अनुसार चालू वित्त वर्ष में 3,000 भूखंड आवंटित होने की उम्मीद है। पिछले वर्ष 1,250 भूखंड आवंटित किए गए थे।
MSME-IDC और MPIDC में क्या अंतर है?
मध्य प्रदेश औद्योगिक विकास निगम (MPIDC) सभी उद्योगों के लिए काम करता है, जबकि MSME-IDC केवल सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों पर केंद्रित होगी। CM यादव ने कहा कि नई इकाई MPIDC के मॉडल पर लेकिन MSME क्षेत्र की विशेष जरूरतों को ध्यान में रखकर काम करेगी।
राष्ट्र प्रेस
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