मध्य प्रदेश: सतना जेल अधिकारी फिरोजा ने आजीवन कारावास से रिहा हिंदू पूर्व कैदी धर्मेंद्र से की शादी

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मध्य प्रदेश: सतना जेल अधिकारी फिरोजा ने आजीवन कारावास से रिहा हिंदू पूर्व कैदी धर्मेंद्र से की शादी

सारांश

सतना केंद्रीय जेल की सहायक अधीक्षक फिरोजा और हत्या मामले में 14 साल जेल काट चुके धर्मेंद्र सिंह चंदला की प्रेम कहानी लवकुशनगर में चर्चा का केंद्र बन गई है। परिवार के विरोध और रिश्तेदारों की अनुपस्थिति के बावजूद दोनों ने हिंदू रीति-रिवाजों से सात फेरे लिए — जेल की दीवारों के पार बनी एक अनोखी दास्तान।

मुख्य बातें

फिरोजा , सतना केंद्रीय जेल की सहायक जेल अधीक्षक, ने 5 मई 2026 को धर्मेंद्र सिंह चंदला से विवाह किया।
विवाह लवकुशनगर, छतरपुर, मध्य प्रदेश में वैदिक मंत्रों और पूर्ण हिंदू रीति-रिवाजों के साथ संपन्न हुआ।
धर्मेंद्र सिंह को 2007 में हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा हुई थी; करीब 14 साल जेल में बिताने के बाद अच्छे आचरण पर रिहा किए गए।
फिरोजा के परिवार ने विरोध किया; किसी रिश्तेदार ने समारोह में भाग नहीं लिया।
बजरंग दल और VHP कार्यकर्ताओं ने कन्यादान की रस्म पूरी की।
यह अंतरधार्मिक और अपरंपरागत विवाह क्षेत्र में व्यापक सामाजिक चर्चा का विषय बन गया है।

सतना केंद्रीय जेल में सहायक जेल अधीक्षक के पद पर कार्यरत फिरोजा ने 5 मई 2026 को मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के लवकुशनगर में हत्या मामले में आजीवन कारावास की सजा काट चुके पूर्व कैदी धर्मेंद्र सिंह चंदला से विवाह किया। यह अंतरधार्मिक विवाह पूर्ण हिंदू रीति-रिवाजों और वैदिक मंत्रों के साथ संपन्न हुआ, जिसमें दंपति ने सात फेरे लिए।

कैसे हुई मुलाकात और कैसे बना रिश्ता

फिरोजा, जो रीवा की मूल निवासी हैं, सतना केंद्रीय जेल में वारंट संबंधी कर्तव्यों की जिम्मेदारी संभालती थीं। धर्मेंद्र सिंह चंदला जेल में अपने अच्छे आचरण के लिए जाने जाते थे और प्रशासनिक कार्यों में सहायता करते थे, जिससे दोनों के बीच नियमित संपर्क बना रहा। सूत्रों के अनुसार, यह पेशेवर संबंध धीरे-धीरे मित्रता में और फिर प्रेम में परिवर्तित हुआ।

धर्मेंद्र सिंह का अतीत

वर्ष 2007 में धर्मेंद्र सिंह चंदला को चंदला नगर परिषद के तत्कालीन उपाध्यक्ष कृष्ण दत्त दीक्षित की हत्या के मामले में दोषी ठहराया गया था और उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। लगभग 14 वर्ष जेल में बिताने के बाद, उन्हें अच्छे आचरण के आधार पर करीब चार साल पहले रिहा कर दिया गया।

परिवार का विरोध और समारोह का स्वरूप

फिरोजा के परिवार ने इस विवाह का विरोध किया और उनके किसी भी रिश्तेदार ने समारोह में भाग नहीं लिया। परिजनों की अनुपस्थिति में बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद (VHP) के कुछ कार्यकर्ताओं ने कन्यादान की रस्म पूरी की। विवाह पूर्णतः हिंदू परंपराओं के अनुसार संपन्न हुआ, जिसमें सात फेरों के माध्यम से आजीवन सहजीवन का वचन लिया गया।

समाज में चर्चा और प्रतिक्रिया

यह विवाह लवकुशनगर और आसपास के क्षेत्रों में व्यापक चर्चा का विषय बन गया है। यह ऐसे समय में आया है जब अंतरधार्मिक विवाह सामाजिक और राजनीतिक दृष्टि से संवेदनशील मुद्दा बना हुआ है। जहाँ कुछ निवासी इस रिश्ते को प्रेम की शक्ति का प्रमाण मानते हैं, वहीं कुछ लोगों ने एक जेल अधिकारी और पूर्व कैदी के बीच इस अपरंपरागत गठबंधन पर चिंता भी व्यक्त की है।

आगे क्या

गौरतलब है कि एक सरकारी अधिकारी का किसी पूर्व दोषी से विवाह प्रशासनिक दृष्टि से भी असामान्य परिस्थिति है। फिलहाल इस दंपति के भविष्य और फिरोजा की सेवा स्थिति को लेकर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। इस जोड़े ने अपने रिश्ते को सार्वजनिक रूप से स्वीकार कर सामाजिक मानदंडों को चुनौती दी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

चाहे कितना भी वास्तविक हो, संस्थागत निगरानी की कमियों की ओर इशारा करता है। साथ ही, बजरंग दल और VHP का कन्यादान में शामिल होना इस घटना को एक सामाजिक-राजनीतिक आयाम भी देता है, जिसे मुख्यधारा की कवरेज अक्सर नज़रअंदाज़ कर देती है। असली सवाल यह है कि क्या संबंधित विभाग इस मामले की प्रशासनिक समीक्षा करेगा।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

फिरोजा और धर्मेंद्र सिंह चंदला की शादी कब और कहाँ हुई?
यह विवाह 5 मई 2026 को मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के लवकुशनगर में हुआ। समारोह पूर्ण हिंदू रीति-रिवाजों और वैदिक मंत्रों के साथ संपन्न हुआ, जिसमें दोनों ने सात फेरे लिए।
धर्मेंद्र सिंह चंदला को किस मामले में सजा हुई थी?
धर्मेंद्र सिंह चंदला को 2007 में चंदला नगर परिषद के तत्कालीन उपाध्यक्ष कृष्ण दत्त दीक्षित की हत्या के मामले में दोषी ठहराकर आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। करीब 14 साल जेल में बिताने के बाद उन्हें अच्छे आचरण के आधार पर रिहा किया गया।
फिरोजा सतना जेल में किस पद पर थीं?
फिरोजा सतना केंद्रीय जेल में सहायक जेल अधीक्षक के पद पर कार्यरत हैं और वारंट संबंधी कर्तव्यों की जिम्मेदारी संभालती थीं। इसी दौरान धर्मेंद्र सिंह से उनका नियमित संपर्क बना।
शादी में फिरोजा के परिवार ने हिस्सा क्यों नहीं लिया?
सूत्रों के अनुसार, फिरोजा के परिवार ने इस विवाह का विरोध किया और उनका कोई भी रिश्तेदार समारोह में उपस्थित नहीं हुआ। परिजनों की अनुपस्थिति में बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद (VHP) के कार्यकर्ताओं ने कन्यादान की रस्म पूरी की।
इस विवाह को लेकर समाज में क्या प्रतिक्रिया है?
यह विवाह लवकुशनगर और आसपास के क्षेत्रों में व्यापक चर्चा का विषय बना हुआ है। कुछ लोग इसे प्रेम की शक्ति का उदाहरण मानते हैं, जबकि अन्य ने एक जेल अधिकारी और पूर्व कैदी के बीच इस अपरंपरागत गठबंधन पर चिंता जताई है।
राष्ट्र प्रेस
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