मुजफ्फरपुर स्कूल में 11,000 वोल्ट तार से दो छात्राएं झुलसीं, एक की हालत गंभीर
सारांश
मुख्य बातें
बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के शाहबाजपुर हायर सेकेंडरी स्कूल में शुक्रवार, 9 अक्टूबर 2026 को दोपहर के भोजन अवकाश के दौरान दो छात्राएं उच्च वोल्टेज बिजली तार की चपेट में आने से बुरी तरह झुलस गईं। घायल छात्राओं में से एक की हालत गंभीर बताई जा रही है और दोनों को श्री कृष्णा मेडिकल कॉलेज और अस्पताल (SKMCH) में भर्ती कराया गया है।
घटनाक्रम
घटना उस समय हुई जब छात्राएं दोपहर के अवकाश में स्कूल की छत पर खाना खाने गई थीं। स्कूल की छत के ऊपर से 11,000 वोल्ट की एक उच्च दाब बिजली लाइन गुजरती है। घायल छात्रा नेहा के अनुसार, उसने छत के पास एक दीवार को छुआ और अगले ही पल उसे तीव्र बिजली का झटका लगा, जिससे वह गिर पड़ी। एक अन्य छात्रा भी इस हादसे में झुलस गई और दर्द से चीखने लगी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार श्रुति नाम की एक अन्य छात्रा ने साहस दिखाते हुए घायल छात्राओं को छत से नीचे उतारने में मदद की।
घायलों की संख्या को लेकर विरोधाभास
इस घटना में घायलों की संख्या को लेकर परस्पर विरोधाभासी बयान सामने आए हैं। एक स्कूल शिक्षक ने बताया कि दो छात्राएं घायल हुईं, जबकि प्रत्यक्षदर्शियों और घायल छात्राओं के बयानों से संकेत मिलता है कि तीन छात्राओं को जलने की चोटें आई थीं। अधिकारियों की ओर से इस संबंध में अभी तक कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया गया है।
स्कूल प्रबंधन पर लापरवाही के आरोप
प्रत्यक्षदर्शी वैभव कुमार ने बताया कि घायल छात्राओं के हाथ और पैर बुरी तरह जल गए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि स्कूल का मुख्य गेट समय पर नहीं खोला गया, जिससे घायलों को तत्काल अस्पताल पहुँचाने में देरी हुई। उन्होंने यह भी कहा कि स्कूल परिसर में एक वाहन उपलब्ध था, लेकिन उसे घायल छात्राओं के लिए नहीं दिया गया। अंततः स्थानीय लोगों ने एक ऑटो-रिक्शा का इंतज़ाम कर छात्राओं को SKMCH पहुँचाया। स्कूल प्रबंधन ने इन आरोपों पर अभी तक कोई विस्तृत प्रतिक्रिया नहीं दी है।
समुदाय में आक्रोश और सुरक्षा की माँग
इस हादसे से स्कूल परिसर में दहशत फैल गई और कई छात्र भयवश परिसर छोड़कर चले गए। स्थानीय लोगों में गहरा आक्रोश है और वे स्कूल प्रबंधन पर तत्काल कार्रवाई न करने का आरोप लगा रहे हैं। यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब देशभर में स्कूल परिसरों के आसपास बिजली के उच्च दाब तारों की सुरक्षा एक गंभीर चिंता का विषय बनी हुई है। गौरतलब है कि इस तरह की दुर्घटनाएँ अक्सर तब सामने आती हैं जब विद्यालय भवनों के ऊपर से गुजरने वाली बिजली लाइनों को नियमानुसार स्थानांतरित नहीं किया जाता।
जाँच की माँग और आगे की स्थिति
इस दुर्घटना के बाद हादसे के कारणों, स्कूल में सुरक्षा व्यवस्था की खामियों और विद्यालय भवन के ऊपर से गुजरने वाली 11,000 वोल्ट की बिजली लाइन को हटाने या स्थानांतरित करने की माँग ज़ोर पकड़ रही है। जिम्मेदारी तय करने वाले आधिकारिक बयानों और प्रशासनिक जाँच का अभी इंतज़ार है। घायल छात्राओं की स्वास्थ्य स्थिति पर नज़र रखी जा रही है।