नागौर में बारूद फैक्ट्री विस्फोट: 2 की मौत, 2 घायल; बादली इलाके में धमाके से दहशत
सारांश
मुख्य बातें
राजस्थान के नागौर जिले के बादली इलाके में गुरुवार, 5 नवंबर 2026 की सुबह 9:40 बजे एक बारूद निर्माण इकाई में हुए भीषण विस्फोट में कम से कम दो मजदूरों की जलकर मौत हो गई और दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। धमाका इतना जोरदार था कि इसकी आवाज़ करीब आधा किलोमीटर के दायरे तक सुनाई दी, जिससे स्थानीय निवासियों में भारी दहशत फैल गई। बचाव दल अभी भी मलबे में फंसे संभावित और मजदूरों की तलाश में जुटे हैं।
मुख्य घटनाक्रम
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, गोदाम में रखे पटाखों में आग लगी जो तेज़ी से फैलती गई और अंततः एक विकराल विस्फोट में बदल गई। दो युवकों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि बचाव अभियान के दौरान दो अन्य लोग गंभीर हालत में मिले। मृतकों की अभी तक पहचान नहीं हो पाई है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, इस गोदाम में पोटेशियम नाइट्रेट मिलाकर बारूद तैयार किया जाता था। विस्फोट स्थल पर तैयार पटाखों का बड़ा जखीरा भी बरामद हुआ है। गोदाम का स्वामित्व अमीन नामक एक व्यक्ति का बताया जा रहा है।
बचाव एवं राहत कार्य
सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस और दमकल विभाग की टीमें तत्काल घटनास्थल पर पहुँचीं। दमकलकर्मियों ने आग पर काबू पाने का काम शुरू किया, जबकि पुलिस ने राहत एवं बचाव कार्यों की बागडोर संभाली। अधिकारियों के अनुसार, यह आशंका अभी भी बनी हुई है कि विस्फोट के समय गोदाम के भीतर और मजदूर मौजूद रहे होंगे, इसलिए खोज अभियान जारी है।
लाइसेंस और नियामक पहलू
स्थानीय निवासियों का दावा है कि गोदाम मालिक के पास पटाखा संबंधी कारोबार के लिए एक वैध स्थायी लाइसेंस था। हालाँकि, लाइसेंस के तहत अनुमत सामग्री की सीमा और वास्तव में कितना पोटेशियम नाइट्रेट एवं पटाखे संग्रहीत थे, इसकी अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। धमाके का असल कारण भी जाँच का विषय बना हुआ है।
आगे की स्थिति
अधिकारियों ने और हताहत होने की संभावना से इनकार नहीं किया है। मृतकों की पहचान, नुकसान के दायरे और विस्फोट के कारण को लेकर आधिकारिक जाँच जारी है। यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब राज्य में अवैध या अनियमित पटाखा भंडारण को लेकर सुरक्षा मानकों पर सवाल उठते रहे हैं। संपत्ति के नुकसान का आकलन भी किया जा रहा है।