क्रेडिट सुइस विलय: यूबीएस ने लंदन में करीब 200 कर्मचारियों की छंटनी की, 18% तक सिकुड़ा कार्यबल
सारांश
मुख्य बातें
वैश्विक बैंकिंग दिग्गज यूबीएस ग्रुप एजी ने लंदन में करीब 200 कर्मचारियों की छंटनी की है, जो क्रेडिट सुइस के एकीकरण के तहत चल रहे बहुवर्षीय पुनर्गठन कार्यक्रम का हिस्सा है। रिपोर्टों के अनुसार, पिछले कुछ सप्ताहों में की गई यह कटौती वेल्थ मैनेजमेंट और इन्वेस्टमेंट बैंकिंग समेत कई व्यावसायिक इकाइयों को प्रभावित करती है।
छंटनी की पृष्ठभूमि
यह नौकरी कटौती मार्च 2023 में स्विस सरकार के समर्थन से हुए क्रेडिट सुइस के अधिग्रहण के बाद शुरू हुए पुनर्गठन का विस्तार है। उस अधिग्रहण के बाद यूबीएस का कार्यबल अचानक बड़े पैमाने पर बढ़ गया था, जिसके चलते बैंक ने परिचालन एकीकरण, सिस्टम माइग्रेशन और समान भूमिकाओं को समाप्त करने की एक दीर्घकालिक योजना लागू की।
रिपोर्टों के मुताबिक, अधिग्रहण के बाद से यूबीएस के कुल कार्यबल में लगभग 18 प्रतिशत की कमी आ चुकी है। हालांकि, विभिन्न विभागों में प्रभावित कर्मचारियों की सटीक संख्या का आधिकारिक खुलासा नहीं किया गया है।
प्रभावित कर्मचारियों का भविष्य
जानकारी के अनुसार, जिन कर्मचारियों के पद समाप्त किए गए हैं, उनमें से कुछ को बैंक के भीतर अन्य भूमिकाओं में स्थानांतरित करने का अवसर दिया जा सकता है। बताया गया है कि यूबीएस ने इस हालिया छंटनी की जानकारी आंतरिक रूप से कर्मचारियों को दे दी है।
यह कदम यूबीएस की उस व्यापक रणनीति का अंग है, जिसके तहत वह परिचालन को अधिक कुशल बनाने और लागत में बचत हासिल करने का प्रयास कर रहा है। हाल के वर्षों में इसे वैश्विक बैंकिंग उद्योग के सबसे बड़े पुनर्गठन कार्यक्रमों में से एक माना जा रहा है।
वैश्विक कॉर्पोरेट जगत में छंटनी का दौर
यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक कॉर्पोरेट जगत में लागत नियंत्रण और पुनर्गठन का व्यापक दौर जारी है। ग्राफिक डिज़ाइन प्लेटफॉर्म कैनवा ने भी हाल ही में अपने वैश्विक कार्यबल के लगभग 22 प्रतिशत यानी 1,271 कर्मचारियों की छंटनी की घोषणा की है।
कैनवा की मुख्य कार्यकारी अधिकारी और सह-संस्थापक मेलानी पर्किन्स ने कहा कि यह कदम 'धीमी होती वृद्धि और तेजी से बदलती तकनीकी परिस्थितियों के बीच दीर्घकालिक विकास सुनिश्चित करने' के लिए उठाया गया है। कैनवा के पुनर्गठन में टीमों का एकीकरण, प्रबंधन स्तरों में कमी, भूमिकाओं में बदलाव और कुछ कर्मचारियों का स्थानांतरण भी शामिल है।
आम जनता और भारतीय पेशेवरों पर असर
गौरतलब है कि लंदन स्थित वित्तीय क्षेत्र में बड़ी संख्या में भारतीय मूल के पेशेवर कार्यरत हैं, विशेष रूप से वेल्थ मैनेजमेंट और इन्वेस्टमेंट बैंकिंग विभागों में। इस तरह की छंटनी की लहर भारतीय प्रवासी वित्त पेशेवरों के लिए भी चिंता का विषय बन सकती है।
प्रभावित कैनवा कर्मचारियों के लिए सेवरेंस पैकेज, स्वास्थ्य सहायता और करियर ट्रांजिशन सेवाओं की घोषणा की गई है। यूबीएस की ओर से प्रभावित कर्मचारियों के लिए राहत पैकेज का विस्तृत ब्यौरा अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है।
आगे क्या होगा
यूबीएस का एकीकरण कार्यक्रम अभी भी जारी है और विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले महीनों में और छंटनी हो सकती है। वैश्विक बैंकिंग क्षेत्र में यह पुनर्गठन की प्रवृत्ति आर्थिक अनिश्चितता, उच्च ब्याज दरों के दबाव और तकनीकी स्वचालन के बढ़ते प्रभाव के बीच और गहरी होती दिख रही है।