उबर ने एआई दक्षता के नाम पर 10% ग्राहक सेवा कर्मचारी हटाए, कम्युनिटी ऑपरेशंस डिवीजन प्रभावित
सारांश
मुख्य बातें
राइड-हेलिंग दिग्गज उबर टेक्नोलॉजीज ने अपने कम्युनिटी ऑपरेशंस डिवीजन में करीब 10 प्रतिशत ग्राहक सेवा कर्मचारियों की छंटनी की है — और कंपनी ने इस कदम को सीधे तौर पर अपनी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) रणनीति से जोड़ा है। रिपोर्टों के अनुसार, यह पहला मौका है जब उबर ने किसी बड़ी छंटनी को स्पष्ट रूप से एआई-आधारित पुनर्गठन का परिणाम बताया है।
मुख्य घटनाक्रम
रिपोर्टों में कंपनी के एक आंतरिक संदेश के हवाले से बताया गया है कि मौजूदा संगठनात्मक ढाँचा काफी बिखरा हुआ हो गया था, जिससे अगली पीढ़ी की एआई तकनीकों का पूरा लाभ उठाना मुश्किल हो रहा था। इसी के चलते कंपनी ने कम्युनिटी ऑपरेशंस डिवीजन में कार्यरत कर्मचारियों की संख्या घटाने का निर्णय लिया।
इसके साथ ही, इस डिवीजन में काम करने वाले रिमोट कर्मचारियों को कंपनी की व्यापक रिटर्न-टू-ऑफिस नीति के तहत निर्धारित हब कार्यालयों में स्थानांतरित होने के निर्देश भी दिए गए हैं।
पहले भी हो चुकी है छंटनी
गौरतलब है कि यह उबर की इस वर्ष की दूसरी बड़ी छंटनी है। इससे पहले जून में कंपनी ने अपने पीपल डिवीजन में करीब 23 प्रतिशत पद समाप्त किए थे। उस दौर में वैश्विक स्तर पर उबर के करीब 34,000 कर्मचारियों में से 1 प्रतिशत से भी कम कर्मचारी प्रभावित हुए थे।
उबर पहले ही स्पष्ट कर चुकी थी कि एआई के बढ़ते इस्तेमाल के कारण कंपनी में नई भर्तियों की रफ्तार धीमी पड़ेगी। हालाँकि, कंपनी अभी भी 500 से अधिक रिक्त पदों पर भर्ती कर रही है — इनमें ऑटोनॉमस मोबिलिटी और रोबोटैक्सी कार्यक्रमों से जुड़े इंजीनियरिंग पद शामिल हैं।
वैश्विक तकनीकी उद्योग पर असर
उबर की यह छंटनी वैश्विक प्रौद्योगिकी क्षेत्र में चल रही व्यापक कटौती की लहर के बीच आई है। Layoffs.fyi के आँकड़ों के अनुसार, वर्ष 2026 के पहले पाँच महीनों में दुनिया भर में 1,16,739 से अधिक तकनीकी कर्मचारी अपनी नौकरी गँवा चुके हैं। अकेले मई महीने में करीब 28,900 कर्मचारियों की छंटनी हुई।
रिपोर्टों के अनुसार, लागत अनुकूलन, पुनर्गठन और एआई के बढ़ते इस्तेमाल की वजह से मेटा, क्लाउडफ्लेयर, इंट्यूट, पेपाल, सिस्को, क्वोरा और कॉइनबेस जैसी बड़ी प्रौद्योगिकी कंपनियाँ भी कर्मचारियों की संख्या में कटौती कर चुकी हैं।
एआई और रोज़गार: बड़ा सवाल
यह ऐसे समय में आया है जब एआई को लेकर वैश्विक स्तर पर यह बहस तेज़ हो रही है कि स्वचालन से श्रमिकों का विस्थापन किस हद तक होगा। उबर का यह कदम उस प्रवृत्ति का एक ठोस उदाहरण बन गया है जहाँ कंपनियाँ एआई-संचालित दक्षता को सीधे कार्यबल में कटौती से जोड़ रही हैं। आलोचकों का कहना है कि यह केवल शुरुआत है — जैसे-जैसे एआई क्षमताएँ बढ़ेंगी, ग्राहक सेवा जैसे क्षेत्रों में मानव भूमिका और सीमित होती जाएगी।
आने वाले महीनों में उबर के एआई-आधारित परिचालन मॉडल की सफलता यह तय करेगी कि क्या अन्य राइड-हेलिंग और टेक कंपनियाँ भी इसी राह पर चलेंगी।