नालासोपारा की सरस्वती हाइट्स सोसायटी ने 25 KW सोलर सिस्टम से बिजली बिल में 90% कटौती की
सारांश
मुख्य बातें
नालासोपारा ईस्ट स्थित सरस्वती हाइट्स हाउसिंग सोसायटी ने 25 किलोवाट क्षमता का सोलर सिस्टम स्थापित कर मासिक बिजली बिल में कथित तौर पर 90 प्रतिशत तक की कमी दर्ज की है। बढ़ती बिजली दरों से परेशान आम उपभोक्ताओं के लिए यह महाराष्ट्र की एक सोसायटी का अनुभव एक व्यावहारिक उदाहरण बनकर सामने आया है।
सोलर सिस्टम अपनाने की शुरुआत
सोसायटी के निवासी प्रदीप मिश्रा के अनुसार, सोलर पैनल लगाने का विचार करीब एक से दो वर्ष पहले आया था। इसके बाद उन्होंने इंटरनेट के माध्यम से सौर ऊर्जा और केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं की जानकारी जुटाई। उन्होंने बताया कि सरकारी सब्सिडी की संभावना स्पष्ट होने के बाद ही सोसायटी ने इस परियोजना को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया।
सोसायटी ने दो से चार अलग-अलग वेंडरों से बातचीत की और उनकी सेवाओं एवं प्रस्तावों का तुलनात्मक आकलन करने के बाद एक वेंडर का चयन किया। चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद दो से तीन महीनों के भीतर 25 किलोवाट क्षमता वाले सोलर पैनलों की स्थापना का कार्य संपन्न हो गया।
सब्सिडी और लागत में कमी
मिश्रा ने बताया कि इंस्टॉलेशन पूर्ण होने के करीब 15 दिनों के भीतर ही सब्सिडी की राशि सोसायटी के बैंक खाते में जमा हो गई। सोसायटी को परियोजना की कुल लागत पर करीब 30 प्रतिशत तक सब्सिडी प्राप्त हुई, जिससे प्रारंभिक निवेश का बोझ काफी हल्का हो गया। यह सब्सिडी केंद्र सरकार की सौर ऊर्जा प्रोत्साहन योजनाओं के अंतर्गत दी गई।
गौरतलब है कि सरकारी सब्सिडी की इतनी त्वरित प्रक्रिया अन्य सोसायटियों के लिए भी प्रोत्साहन का काम कर सकती है, जो अक्सर लंबी प्रशासनिक देरी की आशंका से ऐसी परियोजनाओं से पीछे हट जाती हैं।
बचत का असर और आर्थिक लाभ
सोसायटी के अनुसार, सोलर सिस्टम शुरू होने के बाद बिजली खर्च में उल्लेखनीय गिरावट आई है। प्रदीप मिश्रा के मुताबिक, पहले की तुलना में अब हर महीने बिजली का बिल लगभग 90 प्रतिशत तक कम आ रहा है, जिससे सोसायटी को नियमित रूप से आर्थिक राहत मिल रही है।
यह ऐसे समय में आया है जब महाराष्ट्र सहित देशभर में बिजली की दरों में वृद्धि से आवासीय सोसायटियों पर वित्तीय दबाव बढ़ रहा है। सोसायटी का यह अनुभव उन लाखों उपभोक्ताओं के लिए प्रासंगिक है जो ऊर्जा लागत में कटौती के व्यावहारिक उपाय तलाश रहे हैं।
पर्यावरण और आत्मनिर्भरता का संदेश
मिश्रा ने केंद्र सरकार की सौर ऊर्जा प्रोत्साहन योजनाओं की सराहना करते हुए कहा कि यह पहल आम नागरिकों, हाउसिंग सोसायटियों और छोटे उपभोक्ताओं के लिए काफी लाभकारी साबित हो सकती है। उनके अनुसार, सौर ऊर्जा न केवल बिजली खर्च कम करती है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
उन्होंने हाउसिंग सोसायटियों, व्यक्तिगत मकानों और ग्रामीण क्षेत्रों में जहाँ भी संभव हो, सोलर पैनल लगाने की अपील की। उनका मानना है कि इससे लंबी अवधि में बिजली पर होने वाला खर्च काफी कम किया जा सकता है और आत्मनिर्भर ऊर्जा की दिशा में भी ठोस कदम उठाया जा सकता है।
अन्य सोसायटियों के लिए सीख
सरस्वती हाइट्स का यह अनुभव दर्शाता है कि वेंडर चयन की सुनियोजित प्रक्रिया, सरकारी सब्सिडी का समय पर लाभ उठाना और सामूहिक निर्णय लेने की क्षमता मिलकर किसी भी आवासीय सोसायटी को ऊर्जा के मोर्चे पर आत्मनिर्भर बना सकती है। आने वाले वर्षों में जैसे-जैसे सोलर तकनीक और सस्ती होगी, इस तरह के मॉडल का विस्तार और तेज़ होने की उम्मीद है।