नलखेड़ा हादसा: CM मोहन यादव ने जताया शोक, मृतकों के परिजनों को ₹4-4 लाख की सहायता का ऐलान
सारांश
मुख्य बातें
मध्य प्रदेश के आगर-मालवा जिले के नलखेड़ा में शुक्रवार-शनिवार की दरम्यानी रात एक दर्दनाक सड़क हादसे में 8 लोगों की मृत्यु हो गई, जिनमें तीन बच्चे, दो महिलाएं और तीन पुरुष शामिल हैं। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस हादसे पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों को ₹4-4 लाख की आर्थिक सहायता प्रदान करने का ऐलान किया है।
हादसे का घटनाक्रम
ओडिशा के निवासी श्रद्धालु नलखेड़ा स्थित माँ बगलामुखी मंदिर के दर्शन के लिए उज्जैन से किराए की कार लेकर निकले थे। रात के अंधेरे में रास्ते में पड़ने वाले एक बरसाती नाले पर पानी का तेज बहाव था, परंतु कार चालक को इसका अनुमान नहीं हो सका। चालक ने नाले को पार करने की कोशिश की, जिसके चलते कार तेज धारा में बह गई।
बताया गया है कि कार में सवार 7 लोग ओडिशा के निवासी थे। शनिवार की सुबह जब नाले का जलस्तर घटा, तब राहगीरों ने नाले में डूबी कार को देखा और तत्काल पुलिस को सूचित किया। इसके बाद राहत एवं बचाव दल ने कार्रवाई की और कार के भीतर से कुल 8 शव निकाले।
मुख्यमंत्री मोहन यादव का शोक संदेश
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अपने शोक संदेश में कहा कि आगर-मालवा जिले के नलखेड़ा में हुए सड़क हादसे में जनहानि का समाचार 'अत्यंत दुखद' है। उन्होंने कहा, 'ओडिशा से मध्यप्रदेश में धार्मिक यात्रा पर आए जिन यात्रियों का निधन हुआ है, उनके परिजनों के प्रति मेरी संवेदनाएं हैं।'
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि राज्य शासन की ओर से मृतकों के परिजनों को ₹4-4 लाख की आर्थिक सहायता एवं हर संभव सहयोग देने के लिए अधिकारियों को निर्देश दे दिए गए हैं। उन्होंने बाबा महाकाल से प्रार्थना की कि दिवंगतों को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और शोकाकुल परिजनों को यह गहन दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करें।
मृतकों का विवरण
हादसे में काल-कवलित हुए 8 लोगों में तीन बच्चे, दो महिलाएं और तीन पुरुष शामिल हैं। सातों ओडिशा निवासी श्रद्धालु माँ बगलामुखी के दर्शन के इरादे से उज्जैन से किराए पर कार लेकर नलखेड़ा जा रहे थे। यह हादसा उस समय हुआ जब यात्रा धार्मिक उद्देश्य से की जा रही थी, जो इसे और भी मर्मांतक बनाता है।
राहत और बचाव अभियान
पुलिस को सूचना मिलते ही राहत और बचाव दल घटनास्थल पर पहुंचा। नाले का जलस्तर घटने के बाद ही बचाव कार्य संभव हो पाया। सभी 8 शव कार के भीतर से बरामद किए गए। अधिकारियों के अनुसार राज्य प्रशासन परिजनों को घोषित सहायता राशि जल्द से जल्द पहुँचाने की प्रक्रिया में है।
आगे की स्थिति
यह हादसा एक बार फिर बरसाती नालों पर रात के समय अज्ञात या अचिह्नित जल-बहाव की खतरनाक स्थिति को उजागर करता है। प्रशासन से अपेक्षा है कि राज्य में ऐसे संवेदनशील स्थानों पर चेतावनी के पर्याप्त संकेत और अवरोध लगाए जाएं, ताकि भविष्य में इस तरह के हादसों से बचा जा सके।