नंदीग्राम उपचुनाव: कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान का आरोप — एजेंटों को धमकाया, चुनाव आयोग चुप
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल के नंदीग्राम में 6 अक्टूबर 2026 को उपचुनाव की मतदान प्रक्रिया शुरू होते ही भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) उम्मीदवार मिलन प्रधान ने गंभीर आरोप लगाए कि उनके पोलिंग एजेंटों को कथित तौर पर उठाया जा रहा है, धमकाया जा रहा है और उनसे ज़बरदस्ती कागजात छीने जा रहे हैं। प्रधान ने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग (ECI) में शिकायत दर्ज कराने के बाद भी उन्हें अब तक कोई जवाब नहीं मिला है।
मतदान के दिन उठे गंभीर आरोप
मिलन प्रधान ने कहा, 'यह एक उपचुनाव है। इस उपचुनाव में हर नागरिक को वोट देना है। यहाँ आजादी है। कल रात और उससे पहले से ही यहाँ गुंडागर्दी चल रही है। मेरे एजेंटों को उठाकर ले जाया जा रहा है, उन्हें धमकाया जा रहा है और जबरदस्ती कागजात छीन लिए गए। यह सही नहीं है। यह आजादी वाला सिस्टम नहीं है।' उन्होंने स्पष्ट किया कि ECI को शिकायत दी जा चुकी है, लेकिन 'कोई जवाब नहीं मिल रहा।'
चुनाव आयोग की कार्रवाई — एक दिन पहले बदला गया थाना प्रभारी
मतदान से ठीक एक दिन पहले सोमवार को भारत निर्वाचन आयोग ने पूर्वी मेदिनीपुर जिले के नंदीग्राम पुलिस थाने के इंस्पेक्टर-इन-चार्ज (आईसी) अजय कुमार मिश्रा को तत्काल प्रभाव से हटाने का आदेश दिया। उनकी जगह देबाशीष सरकार को लाया गया, जो पूर्वी मेदिनीपुर जिले में ट्रैफिक कंट्रोल रूम के आईसी के पद पर तैनात थे। आयोग ने सोमवार शाम तक अनुपालन रिपोर्ट माँगी थी।
गौरतलब है कि आयोग ने इस बदलाव का कारण सार्वजनिक रूप से नहीं बताया। मतदान से एक दिन पहले थाना प्रभारी की अचानक छुट्टी पर राजनीतिक हलकों में चर्चा हो रही है।
उपचुनाव का राजनीतिक पृष्ठभूमि
नंदीग्राम सीट खाली हुई क्योंकि पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने इस वर्ष के विधानसभा चुनावों में नंदीग्राम और भवानीपुर — दोनों सीटें जीतने के बाद भवानीपुर सीट अपने पास रखने का फैसला किया और नंदीग्राम सीट छोड़ दी, जिससे यह उपचुनाव आवश्यक हो गया।
भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने नंदीग्राम से हसीरानी रथ को उम्मीदवार बनाया है। वह अधिकारी के सहयोगी चंद्रनाथ रथ की माँ हैं। चंद्रनाथ रथ की हत्या 6 मई को नॉर्थ 24 परगना के मध्यमग्राम में हुई थी। वोटों की गिनती 9 अक्टूबर को होनी है।
मिलन प्रधान की पृष्ठभूमि
मिलन प्रधान से जुड़े 2007 के नंदीग्राम आंदोलन के मामलों में कलकत्ता उच्च न्यायालय से अंतरिम जमानत मिलने के बाद उन्होंने चुनाव प्रचार में वापसी की थी। यह ऐसे समय में आया है जब नंदीग्राम की राजनीतिक संवेदनशीलता — जो 2007 के भूमि आंदोलन से जुड़ी है — इस उपचुनाव को प्रदेश की राजनीति में विशेष महत्त्व दे रही है।
आगे क्या
मतगणना 9 अक्टूबर 2026 को निर्धारित है। चुनाव आयोग की प्रतिक्रिया और मतदान के दिन शांति बनाए रखने की क्षमता — दोनों पर सबकी नज़र टिकी है। मतदान की पारदर्शिता और एजेंटों की सुरक्षा से जुड़े ये आरोप परिणाम के बाद भी राजनीतिक विवाद का केंद्र बन सकते हैं।