ग्रेटर नोएडा में नशे के खिलाफ कार्रवाई: दादरी पुलिस ने दो तस्कर दबोचे, ₹3.53 लाख की स्मैक जब्त
सारांश
मुख्य बातें
गौतमबुद्धनगर की दादरी थाना पुलिस ने मंगलवार, 15 सितंबर 2026 को अवैध मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चल रहे अभियान के तहत दो अलग-अलग कार्रवाइयों में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने दोनों के कब्जे से कुल 35.50 ग्राम स्मैक और ₹6,275 नकद बरामद किए, जिस स्मैक की अनुमानित बाज़ार कीमत पुलिस के अनुसार करीब ₹3 लाख 53 हजार है।
पहली गिरफ्तारी: बिरयानी पुलिया के पास मिला आरोपी
पुलिस के अनुसार पहली कार्रवाई में यशपाल रावल उर्फ बड़े, पुत्र प्रमोद कुमार उर्फ पप्पू रावल, निवासी ग्राम घोड़ी बछेड़ा, थाना दादरी, को बिरयानी पुलिया के पास सेक्टर ज्यू-2 की सर्विस रोड, चौकी क्षेत्र अजायबपुर से पकड़ा गया। आरोपी की उम्र करीब 22 वर्ष बताई गई है।
तलाशी के दौरान उसके पास से 20.30 ग्राम स्मैक मिली, जिसकी अनुमानित कीमत पुलिस ने करीब ₹2 लाख 3 हजार बताई है। इसके अतिरिक्त ₹3,270 नकद भी बरामद किए गए। थाना दादरी में NDPS अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
दूसरी गिरफ्तारी: फोर्मी कंपनी के पीछे से पकड़ा गया आरोपी
इसी क्रम में दूसरी कार्रवाई करते हुए पुलिस ने नाजिम मलिक, पुत्र अजीज मलिक, निवासी ग्राम घोड़ी बछेड़ा, थाना दादरी, गौतमबुद्धनगर, को फोर्मी कंपनी के पीछे वाले रास्ते से गिरफ्तार किया। उसके कब्जे से 15.20 ग्राम स्मैक बरामद हुई, जिसकी अनुमानित कीमत करीब ₹1.5 लाख बताई गई है।
इसके साथ ही आरोपी के पास से ₹3,005 नकद भी मिले। इस मामले में भी थाना दादरी में NDPS अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। गौरतलब है कि दोनों आरोपी एक ही गाँव — घोड़ी बछेड़ा — के निवासी हैं।
अभियान की पृष्ठभूमि
यह कार्रवाई गौतमबुद्धनगर कमिश्नरेट पुलिस द्वारा ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में अवैध मादक पदार्थों की बिक्री और तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे व्यापक अभियान का हिस्सा है। यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई औद्योगिक क्षेत्रों में नशे की तस्करी के मामलों में वृद्धि दर्ज की गई है।
दोनों आरोपियों का एक ही इलाके से संबंध और एक ही दिन पकड़े जाना पुलिस के लिए जाँच का अहम बिंदु है। पुलिस के अनुसार, कुल बरामद स्मैक 35.50 ग्राम और कुल नकद ₹6,275 है।
आगे की कार्रवाई
पुलिस ने बताया कि दोनों मामलों में आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है। अधिकारियों के अनुसार जाँच में आरोपियों के आपूर्ति स्रोत और नेटवर्क का पता लगाने पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है।