ओडिशा में 18 लाख पेंशनधारकों को 3 महीने से भुगतान नहीं, नवीन पटनायक ने माझी को लिखा पत्र
सारांश
मुख्य बातें
ओडिशा विधानसभा में विपक्ष के नेता और बीजू जनता दल (बीजद) के अध्यक्ष नवीन पटनायक ने 19 जून 2026 को मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी को पत्र लिखकर राज्य के लगभग 18 लाख सामाजिक सुरक्षा पेंशन लाभार्थियों को पिछले तीन महीनों से भुगतान न मिलने पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने इस स्थिति को तकनीकी खामी से उपजी शासन व्यवस्था की गंभीर विफलता करार दिया।
कौन हैं प्रभावित लाभार्थी
पटनायक ने अपने पत्र में स्पष्ट किया कि प्रभावित लाभार्थी समाज के सबसे कमज़ोर तबके से आते हैं — जिनमें बुजुर्ग, विधवाएँ और दिव्यांगजन शामिल हैं। रिपोर्टों के अनुसार, पिछले तीन महीनों से इन लाभार्थियों के बैंक खातों में वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन और दिव्यांग भत्ते की राशि नहीं पहुँची है। इनमें से अधिकांश लोग अपने दैनिक खर्चों के लिए पूरी तरह इसी पेंशन पर निर्भर हैं।
मौत का मामला और मानवीय संकट
पटनायक ने गंजाम जिले के बेगुनियापाड़ा की सावित्री डोरा की कथित तौर पर पेंशन न मिलने के बाद हुई मौत का उल्लेख करते हुए कहा कि ऐसी स्थिति किसी भी जिम्मेदार सरकार के लिए स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि लगातार तीन महीने इस सहायता से वंचित रहने के कारण राज्य के सबसे असहाय नागरिकों को गंभीर अभाव और कथित तौर पर भूखमरी जैसी स्थिति का सामना करना पड़ रहा है।
सॉफ्टवेयर खामी पर सवाल
पटनायक ने अपने पत्र में लिखा, 'हैरानी की बात यह है कि यह लंबी देरी कथित तौर पर सॉफ्टवेयर से जुड़ी समस्या के कारण हुई है। यह सरकार की गंभीर लापरवाही और उसकी मूल जिम्मेदारी से पीछे हटने को दर्शाता है। लोगों के अधिकार तकनीकी विफलताओं के भरोसे नहीं छोड़े जा सकते।' उन्होंने तर्क दिया कि यह देरी यह सिद्ध करती है कि बैंक-आधारित डिजिटल प्रणाली में बदलाव बिना पर्याप्त सुरक्षा उपायों के किया गया।
बीजद के कार्यकाल से तुलना
बीजद प्रमुख ने याद दिलाया कि उनकी सरकार के 24 वर्षों के कार्यकाल में हर महीने की 15 तारीख को 'जन सेवा दिवस' के रूप में नियमित पेंशन वितरण होता था। ग्राम पंचायत स्तर पर पारदर्शी और मानवीय तरीके से लाभार्थियों तक पेंशन पहुँचाई जाती थी, और यदि कोई पेंशनधारी स्वयं आने में असमर्थ होता था तो अधिकारी उसके घर तक राशि पहुँचाते थे। उन्होंने दावा किया कि इस व्यवस्था की सर्वोच्च न्यायालय ने भी प्रशंसा की थी।
माँगें और आगे की राह
पटनायक ने मुख्यमंत्री माझी से तत्काल मैन्युअल तरीके से सभी लंबित पेंशन राशि का भुगतान कराने, इस चूक के लिए जिम्मेदारी तय करने और भविष्य में ऐसी स्थिति की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस तंत्र बनाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि पेंशनधारकों को यह भरोसा दिलाया जाए कि उनके अधिकारों से आगे कोई समझौता नहीं होगा। राज्य सरकार की ओर से इस पत्र पर अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।